मेवाड़ के इतिहास में शासन का त्याग कर सौतेले भाई को राजा स्वीकार करने की भीष्म प्रतिज्ञा की थी -
सही उत्तर: चूंडा ने
व्याख्या (Explanation)
राणा लाखा के बड़े पुत्र चूँडा ने यह प्रतिज्ञा ली कि ‘मेवाड़ के सिंहासन पर उसका या उसके उत्तराधिकारी का कोई अधिकार नहीं होगा, बल्कि राजकुमारी हंसाबाई से उत्पन्न होने वाली संतान का होगा।’