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मेवाड़ का गुहिल वंश PYQ in Hindi - पेज 5

इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 5 है।

41

किस मेवाड़ शासक ने ‘विजय कटकातु’ की उपाधि धारण की थी -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-D)
Aमहाराणा प्रताप
Bमहाराणा अमरसिंह
Cमहाराणा जगतसिंह
Dमहाराणा राजसिंह

सही उत्तर: महाराणा राजसिंह

व्याख्या (Explanation)

राजसिंह ने अपने साथियों तथा प्रजा में सैनिक-जीवन की अभिव्यक्ति के लिए ‘विजय कटकातु’ की उपाधि धारण की।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-D)

42

महाराणा राजसिंह के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए व सही विकल्प चुनिए : A. औरंगज़ेब की ताजपोशी पर राजसिंह ने उपहार भेजे। B. औरंगज़ेब ने डूँगरपुर राजसिंह को लौटा दिया। कूट:

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)
Aकेवल A सत्य है।
Bकेवल B सत्य है।
CA व B दोनों सत्य हैं।
DA व B दोनों असत्य हैं।

सही उत्तर: A व B दोनों सत्य हैं।

व्याख्या (Explanation)

अपने पिता जगतसिंह की मृत्यु के बाद राजसिंह मेवाड़ का स्वामी बना। महाराणा जगतसिंह के पुत्र राजसिंह का राज्याभिषेक 10 अक्टूबर, 1652 को हुआ। सम्राट शाहजहाँ ने गद्दीनशीनी के समय उसके लिए राणा का खिताब, पाँच हजारी जात और पाँच हजार सवारों का मनसब देकर जड़ाऊ जमधर हाथी, घोड़ा आदि भेजे। औरंगजेब ने भी शासक बनते ही राणा के पद को 6 हजार ‘जात’ और 6 हजार ‘सवार’ बढ़ा दिया और ग्यासपुरा, डूँगरपुर, बाँसवाड़ा के परगने उसके अधिकार क्षेत्र में कर दिये। औरंगजेब द्वारा प्राप्त फरमान से राणा ने 1669 ई. में डूँगरपुर, बाँसवाड़ा और देवलिया पर धावा बोल दिया। इससे भयभीत होकर वहाँ के शासकों ने राणा के अधिकार को मान्यता दी।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)

43

राणा हम्मीर ने चित्तौड़गढ़ पर निम्न में से किस सुल्तान के शासनकाल में अधिकार किया था -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)
Aअलाउद्दीन खलजी
Bकैकुबाद
Cमुहम्मद बिन तुगलक
Dसिकन्दर लोदी

सही उत्तर: मुहम्मद बिन तुगलक

व्याख्या (Explanation)

रतनसिंह के चित्तौड़ के घेरे के समय काम आने से समूची रावल शाखा की भी समाप्ति हो गयी। गौरीशंकर हिराचंद औझा के अनुसार मालदेव सोनगरा चौहान के पुत्र जयसिंह/जैसा चौहान को पराजित कर सीसोदा शाखा के राणा अरिसिंह के पुत्र राणा हमीर ने चित्तौड़गढ़ पर अधिकार कर लिया। दिल्ली के मुहम्मब बिन तुगलक ने राणा हमीर के समय मेवाड़ पर आक्रमण किया। यह युद्ध सिंगोली (बांसवाड़ा) का युद्ध कहलाता है।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)

44

महाराणा सांगा ने बयाना का दुर्ग बाबर के निम्न में से किस गवर्नर से जीता था -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)
Aमीर बाकी
Bबैरम खान
Cमुस्तफ़ा
Dमेहँदी ख्वाज़ा

सही उत्तर: मेहँदी ख्वाज़ा

व्याख्या (Explanation)

बयाना का युद्ध (16 फरवरी, 1527) : मेवाड़ राज्य के प्रमुख पुरोहित की डायरी ‘मेवाड़ का संक्षिप्त इतिहास’ के अनुसार जब बाबर ने दिल्ली व आगरा जीत लिया तो वह पाँच दिन आगरा में ठहरा। उसके बाद बाबर ने फतहपुर सीकरी पर अधिकार कर पड़ाव डाला। बयाना पर अधिकार करने हेतु बाबर ने पहले दोस्त इश्कआका को भेजा, लेकिन वह असफल रहा तब बाबर ने अपने बहनोई मेहंदी ख्वाजा को भेजा। ख्वाजा ने बयाना जीत लिया। राणा सांगा ने अपनी सेना को संगठित किया और एक विशाल सेना लेकर मुगलों से युद्ध करने को आगरा की ओर बढ़ा। 16 फरवरी, 1527 को भरतपुर राज्य में बयाना नामक स्थान पर दोनों सेनाओं में घमासान संघर्ष हुआ। राणा सांगा ने बाबर की भेजी हुई सेना को ऐसी बुरी तरह परास्त किया कि पराजय का समाचार सुनकर मुगलां के छक्के छूट गये। राणा सांगा ने मुगलों के भारी असले को अपने कब्जे में ले लिया। बयाना की विजय राणा सांगा की अन्तिम महान् विजय थी।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)

45

महाराणा कुंभा ने निम्नांकित में से कौनसे ग्राम एकलिंगजी के मंदिर की पूजा एवं व्यवस्था हेतु प्रदान किये थे -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-A)
Aआहड़, कल्याणपुर, जगत और कांकरोली
Bआनंद, कविता, गोगुन्दा और मावली
Cनाडोल, धुलेव, रणकपुंर और नौलाई
Dनागदा, कालोडा, मालाखेड़ा और भीमाना

सही उत्तर: नागदा, कालोडा, मालाखेड़ा और भीमाना

व्याख्या (Explanation)

महाराणा कुंभा, मेवाड़ के प्रसिद्ध शासक, ने एकलिंगजी मंदिर (उदयपुर के पास एक प्रमुख शिव मंदिर) की पूजा और व्यवस्था के लिए कुछ ग्राम दान किए थे। इनमें नागदा, कालोडा, मालाखेड़ा, और भीमाना शामिल थे।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-A)

46

पन्नाधाय का जन्म कहाँ हुआ था -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (MMV) Exam 2024
Aपांडोली, चित्तौड़
Bरत्नोजी, जोधपुर
Cकुबिया, बीकानेर
Dसल्वा, मारवाड़

सही उत्तर: पांडोली, चित्तौड़

व्याख्या (Explanation)

पन्नाधाय, जो मेवाड़ के राणा उदय सिंह की धाय माँ थीं, का जन्म चित्तौड़ के पांडोली में हुआ था।

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स्रोत: Junior Instructor (MMV) Exam 2024

47

मीरां का विवाह मेवाड़ के किस महाराणा के साथ हुआ था -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (COS) Exam 2024
Aराणा कुंभा
Bराणा भोजराज
Cराणा सांगा
Dराणा विक्रमादित्य

सही उत्तर: राणा भोजराज

व्याख्या (Explanation)

मीरां बाई का विवाह मेवाड़ के राणा भोजराज (राणा सांगा के पुत्र) के साथ हुआ था।

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स्रोत: Junior Instructor (COS) Exam 2024

48

हल्दीघाटी युद्ध को ‘मेवाड़ की थर्मोपल्ली’ किसने कहा था -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (ICTSM) Exam 2024
Aअबुल फ़ज़ल
Bबदायुनी
Cमानसिंह
Dकर्नल टॉड

सही उत्तर: कर्नल टॉड

व्याख्या (Explanation)

कर्नल जेम्स टॉड, एक ब्रिटिश इतिहासकार, ने हल्दीघाटी युद्ध (1576) को ‘मेवाड़ की थर्मोपल्ली’ कहा, क्योंकि यह मेवाड़ के लिए एक महत्वपूर्ण और वीरतापूर्ण युद्ध था, जो थर्मोपल्ली के युद्ध की तरह ऐतिहासिक था।

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स्रोत: Junior Instructor (ICTSM) Exam 2024

49

शेरशाह ने ख्वास खाँ को चित्तौड़ में अपना प्रतिनिधि किस शासक के समय में नियुक्त किया -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (EM) Exam 2024
Aमहाराणा विक्रमादित्य
Bराणा हमीर
Cमहाराणा उदयसिंह
Dमहाराणा लक्षसिंह

सही उत्तर: महाराणा उदयसिंह

व्याख्या (Explanation)

शेरशाह सूरी 1543 ई. में मारवाड़ विजय के बाद चित्तौड़ की ओर बढ़ा। राणा उदयसिंह को अभी चित्तौड़ का काम हाथ में लिये केवल तीन ही वर्ष हुए थे। राणा ने किले की कुंजियाँ शेरशाह के पास भेज दी जिससे सन्तुष्ट होकर आक्रमणकारी लौट गया। उसने ‘खवास खाँ’ को अपना राजनीतिक प्रभाव बनाये रखने के लिए चित्तौड़ में नियुक्त कर दिया।

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स्रोत: Junior Instructor (EM) Exam 2024

50

महाराणा प्रताप का जन्म कहाँ हुआ था -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (EM) Exam 2024
Aउदयपुर
Bडूंगरपुर
Cबांसवाड़ा
Dकुम्भलगढ़

सही उत्तर: कुम्भलगढ़

व्याख्या (Explanation)

प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 ई. (ज्येष्ठ शुक्ल 3, विक्रम संवत 1597) रविवार को कुम्भलगढ़ के प्रसिद्ध ‘बादल महल’ में हुआ। राणा प्रताप जैवन्ता बाई (पाली के अखैराज सोनगरा की पुत्री) तथा राणा उदयसिंह के पुत्र थे। वह इस पहाड़ी भाग में ‘कीका’ नाम से सम्बोधित किये जाते थे जो स्थानीय भाषा में ‘छोटे बच्चे’ का सूचक है।

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स्रोत: Junior Instructor (EM) Exam 2024

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