“बारा कोटड़ी” के नाम से कौनसा राज्य प्रसिद्ध था -
सही उत्तर: आमेर
व्याख्या (Explanation)
पृथ्वीराज कछवाह ने अपने राज्य को 12 भागों में विभाजित कर अपने पुत्रों में बांट दिया जिन्हें बारह कोटड़ी कहा गया।
स्रोत: JEN Agriculture 2022
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के आमेर का कछवाहा वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 171 प्रश्नों में से यह पेज 16 है।
“बारा कोटड़ी” के नाम से कौनसा राज्य प्रसिद्ध था -
सही उत्तर: आमेर
व्याख्या (Explanation)
पृथ्वीराज कछवाह ने अपने राज्य को 12 भागों में विभाजित कर अपने पुत्रों में बांट दिया जिन्हें बारह कोटड़ी कहा गया।
स्रोत: JEN Agriculture 2022
निम्नलिखित में से कौन आमेर के शासक मानसिंह-I के संरक्षण में था -
सही उत्तर: नरोत्तम कवि
व्याख्या (Explanation)
नरोत्तम कवि आमेर के राजा मान सिंह प्रथम के संरक्षण में था।
स्रोत: ASSISTANT PROFESSOR (COLLEGE EDUCATION DEPTT.) EXAM 2020
आमेर के किस शासक को अकबर ने ‘फर्जन्द’ की उपाधि दी थी -
सही उत्तर: मानसिंह
व्याख्या (Explanation)
भगवान दास की मृत्यु के बाद अकबर ने इसके पुत्र मानसिंह को मिर्जाराजा और फर्जन्द (पुत्र) की उपाधियों से विभूषित कर आमेर का शासक घोषित कर दिया। मान सिंह अकबर के नौ रत्नों में से एक थे।
स्रोत: Forester Exam 2020 Shift 1
निम्न में से किस स्थान पर सवाई जयसिंह द्वारा वेधशाला नहीं बनवाई गई -
सही उत्तर: ग्वालियर
व्याख्या (Explanation)
सवाई जयसिंह ने जयपुर, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन, और बनारस में पाँच वैद्यशालाएँ स्थापित की।
स्रोत: Evaluation Officer 2020
जयपुर शहर की स्थापना कब हुई थी -
सही उत्तर: 1727 ई.
व्याख्या (Explanation)
सवाई जयसिंह ने 18 नवम्बर, 1727 ई. जयपुर नगर की नींव रखी और उसे अपनी नवीन राजधानी (पहली दौसा, दूसरी जमवारामगढ़, तीसरी आमेर) बनाया। इसका वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य था। नींव पंडित जगन्नाथ सम्राट द्वारा रखी गयी और इसकी जानकारी बख्तराम द्वारा रचित ग्रंथ बुद्धि विलास में मिलती है।
स्रोत: Sr. Computer Instructor 2022 Paper 1
आमेर के जयसिंह – I को “मिर्जा राजा” की उपाधि किसने दी थी -
सही उत्तर: शाहजहाँ
व्याख्या (Explanation)
शाहजहाँ ने जयसिंह को 4000 का मनसबदार बनाकर सम्मानित किया और इसे महावन के जाटों को दबाने के लिए भेजा। 1630 ई. में उसके पद में भी वृद्धि की गयी। सम्राट शाहजहाँ राजा के इन साहसी कार्यों से बहुत प्रभावित हुआ और उसके मनसब को 5000 कर दिया। जयसिंह को शुजा के साथ कन्धार भेजा गया। शाहजहाँ ने 1638 ई. में उसे मिर्जा राजा की पदवी से विभूषित किया।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 1
किस मुगल शासक ने विजय सिंह को आमेर का शासक घोषित किया और आमेर का नाम मोमीनाबाद रखा -
सही उत्तर: बहादुर शाह
व्याख्या (Explanation)
जून, 1707 को जजाऊ का युद्ध (इलाहाबाद, यूपी) हुआ जिसमें सवाई जयसिंह ने आजम का समर्थन किया। आजम पराजित हुआ और मुअज्जम विजित हुआ और उसने बहादुरशाह प्रथम के नाम से स्वयं को मुगल साम्राज्य का शासक घोषित कर दिया तथा आमेर का नाम बदलकर मोमिनाबाद/इस्लामाबाद रखा। बहादुरशाह प्रथम ने सवाई जयसिंह को आमेर से निष्कासित करके उसके छोटे भाई विजयसिंह को आमेर का शासक घोषित कर दिया।
स्रोत: School Lecturer 2022 History (Group - C)
काबुल में अकबर के विरुद्ध हुए विद्रोह को किसने 1585 ई. में सफलतापूर्वक दबाया -
सही उत्तर: मान सिंह
व्याख्या (Explanation)
सम्राट ने मानसिंह की सेवा से प्रसन्न होकर उसे सिन्धु प्रदेश का प्रमुख अधिकारी बना दिया और जब 30 जुलाई 1585 ई. में मिर्जा की मृत्यु हो गयी और उसके पुत्रों के अल्पवयस्क होने से स्थानीय सामन्तों ने काबुल पर अधिकार कर लिया, तो इस स्थिति से लाभ उठाने के लिए कुँवर मानसिंह को ससैन्य काबुल जाने का आदेश मिला। आपसी फूट का लाभ उठाफर मानसिंह ने काबुल पर मुगल शक्ति का अधिकार स्थापित करने में सफलता दिखायी।
स्रोत: School Lecturer 2022 History (Group - C)
पुरन्दर की सन्धि (1665 AD) किसके मध्य हुई थी -
सही उत्तर: शिवाजी – मिर्जा राजा जयसिंह
व्याख्या (Explanation)
मिर्जाराजा जयसिंह ने शिवाजी को अधीनता स्वीकार करने के लिए विवश कर दिया। शिवाजी और मिर्जाराजा जयसिंह के मध्य 11 जून, 1665 ई. को पुरन्दर की सन्धि सम्पन्न हुई। जिसके अनुसार शिवाजी ने पहली बार मुगलों की अधीनता को स्वीकार किया।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 3
निम्नलिखित आमेर के शासको में से किसने तीन मुगल बादशाहों क्रमशः जहाँगीर, शाहजहाँ एवं औरंगजेब के शासनकाल में मुगल दरबार में सेवायें दीं -
सही उत्तर: मिर्जा राजा जयसिंह
व्याख्या (Explanation)
भावसिंह के उपरान्त जयसिंह-प्रथम शासक बना। जयसिंह प्रथम ने तीन मुगल सम्राटों जहाँगीर (1605-1627 ई.), शाहजहाँ (1628-1658 ई.) और औरंगजेब (1658-1707 ई.) की सेवा की।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 (11 DEC 2022) (evening shift)