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राठौड़ वंश PYQ in Hindi - पेज 11

इस पेज पर Rajasthan GK के राठौड़ वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 230 प्रश्नों में से यह पेज 11 है।

101

राव मालदेव के दो सेनानायक, जो गिरी-सुमेल में शेरशाह के विरूद्ध लड़े थे -

📋 पूछा गया: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1
Aजैता और बीरम
Bकुंपा और बीरम
Cजैता और कुम्पा
Dगोरा और बादल

सही उत्तर: जैता और कुम्पा

व्याख्या (Explanation)

मतभेद में मालदेव ने लगभग आधे सैनिकों को अपने साथ ले लिया और लगभग आधी सेना जैता और कूँपा के साथ रहकर शेरशाह का युद्ध में मुकाबला करने को डटी रही। जैतारण (ब्यावर) के निकट गिरि-सुमेल नामक स्थान पर जनवरी, 1544 में दोनों की सेनाओं के मध्य युद्ध हुआ जिसमें शेरशाह सूरी की बड़ी कठिनाई से विजय हुई। तब उसने कहा था कि “एक भुठ्ठी भर बाजरी के लिए मैं हिन्दुस्तान की बादशाहत खो देता।”

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स्रोत: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1

102

दुर्गादास राठोर विद्रोही शहजादे अकबर को दक्कन क्यों लेकर गया -

📋 पूछा गया: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1
Aदक्कन सबसे निकटवर्ती क्षेत्र था।
Bदुर्गादास औरंगजेब का ध्यान मारवाड़ से हटाना चाहता था।
Cसंभाजी ने अकबर को अपने दरबार में आमंत्रित किया था।
Dअकबर दक्कन में शरण लेना चाहता था।

सही उत्तर: दुर्गादास औरंगजेब का ध्यान मारवाड़ से हटाना चाहता था।

व्याख्या (Explanation)

मारवाड़ की जंग में लड़ने के लिए औरंगजेब ने अपने बेटे सुल्तान मुहम्मद अकबर को भेजा, जिसे दुर्गादास ने अपनी ओर मिल लिया। दुर्गादास औरंगजेब का ध्यान मारवाड़ से हटाना चाहता था।

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स्रोत: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1

103

निम्न शासकों में से कौनसा ‘वर्साय की शांति संधि’ का एक हस्ताक्षर कत्र्ता था -

📋 पूछा गया: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1
Aकोटा के महाराज उम्मेद सिंह
Bजयपुर के माधोसिंह-2
Cबीकानेर के महाराजा गंगासिंह
Dजोधपुर के महाराजा सर उम्मेदसिंह

सही उत्तर: बीकानेर के महाराजा गंगासिंह

व्याख्या (Explanation)

वर्साय की संधि प्रथम विश्व युद्ध के अंत में पेरिस शांति सम्मेलन द्वारा तैयार की गई प्राथमिक संधि थी। इस पर 28 जून, 1919 को मित्र राष्ट्रों और संबंधित शक्तियों तथा जर्मनी द्वारा वर्साय के महल के दर्पण कक्ष में हस्ताक्षर किए गए थे और यह 10 जनवरी, 1920 को प्रभावी हुई थी।

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स्रोत: Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1

104

किस राजपूत शासक को ‘राजपूताना का कर्ण’ कहा जाता है -

📋 पूछा गया: Sr Teacher Gr II Special Edu. Comp. Exam 2015 (G.K.)
Aमहाराणा कुम्भा
Bसवाई प्रतापसिंह
Cमहाराजा रायसिंह
Dमहाराजा जसवंत सिंह

सही उत्तर: महाराजा रायसिंह

व्याख्या (Explanation)

रायसिंह के समय में घोर त्रिकाल पड़ा, जिसमें हजारों व्यक्ति एवं पशु मारे गए। महाराजा ने व्यक्तियों के लिए जगह-जगह ‘सदाव्रत’ खोले एवं पशुओं के लिए चारे-पानी की व्यवस्था की। इसलिए मुंशी देवी प्रसाद ने इसे ‘राजपूताने का कर्ण’ की संज्ञा दी है।

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स्रोत: Sr Teacher Gr II Special Edu. Comp. Exam 2015 (G.K.)

105

‘रूठी रानी’ के नाम से कौन प्रसिद्ध है -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (G.K. & Edu. Psychology) Group B
Aउमादे
Bरूपादे
Cहंसा बाई
Dजोधा बाई

सही उत्तर: उमादे

व्याख्या (Explanation)

1536 ई. में राव मालदेव का विवाह जैसलमेर के लूणकरण की कन्या उम्मादे से हुआ। किसी कारणवश लूणकरण ने मालदेव को मारने का इरादा किया तो लूणकरण की रानी ने पुरोहित राघवदेव द्वारा यह सूचना मालदेव को भिजवा दी। संभवतः इसी कारण से मालदेव उम्मादे से अप्रसन्न हो गया और वह भी मालदेव से रूठ गई। तभी से वह ‘रूठी रानी’ कहलाई तथा उसे अजमेर के तारागढ़ में रखा गया।

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स्रोत: Sr. Teacher Gr II Comp. Exam - 2022 (G.K. & Edu. Psychology) Group B

106

किसे महाराणा प्रताप का पथ-प्रदर्शक कहा जाता है -

Aराव मालदेव
Bराव चन्द्रसेन
Cमोटा राजा उदयसिंह
Dअमरसिंह राठौड़

सही उत्तर: राव चन्द्रसेन

व्याख्या (Explanation)

राव चंद्रसेन ऐसा प्रथम राजपूत शासक था जिसने अपनी रणनीति में दुर्ग के स्थान पर जंगल और पहाड़ी क्षेत्र को अधिक महत्त्व दिया था। खुले युद्ध के स्थान पर छापामार युद्ध प्रणाली का महत्त्व स्थापित करने में मेवाड़ के महाराणा उदयसिंह के बाद चंद्रसेन राजपूताने का दूसरा शासक था। इस प्रणाली का अनुसरण महाराणा प्रताप ने भी किया था। राव चंद्रसेन को महाराणा प्रताप का पथ प्रदर्शक माना जाता है। इसलिए राव चन्द्रसेन को ‘मारवाड़ का प्रताप’ कहा जाता है।

107

बीकानेर के महाराजा रायसिंह गद्दी पर कब बैठे -

A1612 ई.
B1585 ई.
C1574 ई.
D1541 ई.

सही उत्तर: 1574 ई.

व्याख्या (Explanation)

रायसिंह (1574-1612 ई.) ने अपनी उपाधि ‘महाराजाधिराज व महाराजा’ रखी। अकबर ने रायसिंह ‘राय’ उपाधि व 4000 मनसब दी।

108

1574 में चन्द्रसेन के विद्रोही होने पर अकबर ने उसे दण्ड देने के लिए किसे भेजा -

Aकल्याण मल
Bदलपत सिंह
Cराम सिंह
Dराय सिंह

सही उत्तर: राय सिंह

व्याख्या (Explanation)

1574 में जब बादशाह अजमेर में था तब उसे चन्द्रसेन के विद्रोह की सूचना मिली उस समय चन्द्रसेन सिवाना के गढ़ में था। अकबर ने रायसिंह, शाह कूल्ली खां, केशव दास आदि को चन्द्रसेन के विरूद्ध भेजा उस समय सोजत पर मालदेव के पौत्र व राम के पुत्र कल्ला का अधिकार था, मुगलों ने इस पर अधिकार कर लिया।

109

‘मुहणोत नैणसी’ किस राज्य का दीवान था -

📋 पूछा गया: Tax Assitant Exam 2018(P1)
Aबीकानेर
Bजोधपुर
Cउदयपुर
Dजयपुर

सही उत्तर: जोधपुर

व्याख्या (Explanation)

मुंहणौत नैणसी महाराजा जसवंतसिंह के दरबारी एवं चारण थे।

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स्रोत: Tax Assitant Exam 2018(P1)

110

बीकानेर के महाराजा गंगासिंह ने प्रसिद्ध ‘रोम नोट’ तैयार किया था। इस नोट की विषय वस्तु थी -

📋 पूछा गया: Asstt. Agriculture Officer Exam 2015 Paper 1
A20वीं शताब्दी के दूसरे दशक में भारत की राजनीतिक स्थिति तथा उसके संभावित हल।
Bप्रथम विश्व युद्ध के दौरान यूरोप में युद्ध की स्थिति।
Cभारत की देशी रियासतों के शासकों की अंग्रेज सरकार के विरूद्ध शिकायते।
Dयूरोप का यात्रा वृत्तांत

सही उत्तर: 20वीं शताब्दी के दूसरे दशक में भारत की राजनीतिक स्थिति तथा उसके संभावित हल।

व्याख्या (Explanation)

मई 1917 में रोम (इटली) से बीकानेर के राजा महाराजा गंगा सिंह द्वारा एक विस्तृत पत्र लिखा गया था, जो इतिहास में ‘रोम-नोट’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

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स्रोत: Asstt. Agriculture Officer Exam 2015 Paper 1

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