दिशा व दुरी परिक्षण(Direction and distance test)
⚡ Fast Revision Notes
🕐 3 min read
मुल रूप से दिशाएं चार प्रकार की होती है। पुर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण।
इनके अतिरिक्त चार उपदिशाएं भी होती है।
उत्तर-पुर्व, दक्षिण-पुर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम।
सुर्योदय हमेशा पुर्व में होता है और अस्त पश्चिम में।
कागज पर दिशा बनाते समय उत्तर हमेशा उपर होता है। दक्षिण इसके विपरित, पुर्व दाई ओर व पश्चिम बांई ओर।
तथ्य
यदि किसी व्यक्ति का चेहरा उत्तर की ओर है और वह दांई तरफ मुड़ा तो अब उसका चेहरा पुर्व की ओर होगा। यदि हमें दाई या बाई तरफ मुडने को कहा जाए ओर कोण नहीं दिया गया हो तो हम 90 डिग्री मुड़ते हैं।
दिशा
उदाहरण
आप सीधे पूर्व की ओर जा रहे हैं। उसके बाद आप दाएं मुड़ते हैं, और फिर दाएं मुड़ते हैं, फिर बांए मुड़ते हैं। यह बताइए की अब आप किस दिशा में जा रहे हैं ? उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम उत्तर
उदाहरण
एक आदमी दक्षिण-पश्चिम की ओर मुंह करके खड़ा है। यदि वह पहले दक्षिणावर्त 180 डिग्री और फिर वामावर्त 135 डिग्री घूमता है, तो उसका मुंह किस ओर होगा। उत्तर पुर्व पश्चिम उत्तर-पश्चिम उत्तर
उदाहरण
एक चौराहे पर एक दिशा सूचक प्लेट दुर्घटना में इस प्रकार मुड़ जाती है कि पुर्व को दक्षिण दिखाने लगती है। एक व्यक्ति पश्चिम पढ़कर गलत दिशा में चलने लगता है। अब वह किस दिशा में जा रहा है। उत्तर पश्चिम दक्षिण पूर्व उत्तर
उदाहरण
विजय दक्षिण दिशा में चलकर दांए मुड़ता है और फिर बांए तथा इसके बाद दाएं, तो अब वह आरम्भिक बिन्दु से किस दिशा में है ? उत्तर उत्तर-पश्चिम दक्षिण दक्षिण-पश्चिम उत्तर
उदाहरण
एक रेलगाड़ी पश्चिम से पुर्व जा रही है, और हवा उत्तर से दक्षिण की ओर चल रही है तो गाड़ी का धुंआ किस दिशा में जाएगा। उत्तर पुर्व दक्षिण-पश्चिम दक्षिण दक्षिण-पुर्व उत्तर
उदाहरण
सुर्योदय के समय रमेश सुरेश एक - दुसरे के आमने सामने खड़े थे तो रमेश ने देखा की सुरेश की परछाई सुरेश के दायीं ओर पड़ रही है। तो बताओ रमेश का मुख किस दिशा में था। उत्तर दक्षिण पुर्व पश्चिम उत्तर
दुरी
उदाहरण
मनोज 3 किमी. पुर्व में जाता है। और फिर बाएं मुड़ जाता है तथा 4 किमी. चलता है। अब मनोज प्रारंभिक बिन्दु से कितनी दुरी पर है। दुरी से संबंधित प्रश्नों को हल करने के लिए हम एक काल्पनिक त्रिभुज मानते है। तथा उस त्रिभुज की दो भुजाएं हमें ज्ञात है तथा तिसरी भुजा ज्ञात करनी है। इसके लिए पाइथोगोरस प्रमेय (कर्ण)^2 = आ^2 + ल.^2 का प्रयोग करेंगे। प्रश्न में ल. - 4 आ. - 3 कर्ण - ? (कर्ण)^2 = 3^2 + 4^2 (कर्ण)^2 =25 कर्ण =5