निम्नलिखित में से किस मामले ने ए.के. गोपालन केस में दिए गए बहुमत के निर्णय को अधिप्रभावी कर दिया -
सही उत्तर: मेनका गाँधी बनाम भारत संघ
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Indian Polity के जनहित याचिका से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 48 प्रश्नों में से यह पेज 4 है।
निम्नलिखित में से किस मामले ने ए.के. गोपालन केस में दिए गए बहुमत के निर्णय को अधिप्रभावी कर दिया -
सही उत्तर: मेनका गाँधी बनाम भारत संघ
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
निम्न में से किस न्यायाधीश ने ‘इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन बनाम केरल राज्य (संबरीमाला वाद)’ के मामले में विसम्मति प्रकट की थी -
सही उत्तर: न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
“शिक्षा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मूल अधिकार है” यह अभिनिर्धारित किया गया था -
सही उत्तर: मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य
व्याख्या (Explanation)
मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य (1992) : इस केस में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार सीधे-सीधे जीवन के अधिकार से निकलता है। अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार और मानवीय गरिमा के अधिकार का आश्वासन तब तक नहीं दिया जा सकता जब तक उसके साथ में शिक्षा का अधिकार भी न हो।
स्रोत: Junior Legal Officer - 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
सर्वप्रथम किस देश में नागरिक अधिकार-पत्र प्रारंभ हुआ -
सही उत्तर: ब्रिटैन
व्याख्या (Explanation)
नागरिक चार्टर की अवधारणा को पहली बार 1991 में तत्कालीन प्रधान मंत्री जॉन मेजर द्वारा यूनाइटेड किंगडम में व्यक्त एवं कार्यान्वित किया गया था।
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि यौन उत्पीड़न अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है -
सही उत्तर: विशाखा बनाम राजस्थान राज्य
व्याख्या (Explanation)
विशाखा बनाम राजस्थान राज्य: इस मामले के फैसले में यौन उत्पीड़न को अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन माना गया। दिशानिर्देशों में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के लिए भी निर्देश दिया गया।
‘एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ’ जनहित याचिका मामला किस नदी के प्रदूषण पर केंद्रित था -
सही उत्तर: गंगा
व्याख्या (Explanation)
एमसी मेहता बनाम भारत संघ : गंगा जल प्रदूषण के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की गई ताकि गंगा जल को और अधिक प्रदूषित होने से रोका जा सके। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता, हालांकि नदी के किनारे का मालिक नहीं है, फिर भी वह वैधानिक प्रावधानों के प्रवर्तन के लिए अदालत में जाने का हकदार है, क्योंकि वह गंगा जल का उपयोग करने वाले लोगों के जीवन की रक्षा करने में रुचि रखने वाला व्यक्ति है।
‘मुंबई कामगार सभा बनाम अब्दुल थाई’ मामले के माध्यम से भारत में जनहित याचिका आंदोलन की शुरुआत किसने की -
सही उत्तर: न्यायमूर्ति कृष्ण अय्यर
व्याख्या (Explanation)
भारत में जनहित याचिका की अवधारणा के बीज सर्वप्रथम न्यायमूर्ति कृष्ण अय्यर द्वारा 1976 में मुंबई कामगार सभा बनाम अब्दुल थाई मामले में बोये गये थे।
‘हुसैनारा खातून बनाम बिहार राज्य’ मामला किस मुद्दे से संबंधित था -
सही उत्तर: जेल की स्थिति और विचाराधीन कैदी
व्याख्या (Explanation)
जनहित याचिका का पहला मामला हुसैनारा खातून बनाम बिहार राज्य (1979) था, जो जेलों और विचाराधीन कैदियों की अमानवीय स्थितियों पर केंद्रित था, जिसके कारण 40,000 से अधिक विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया था।
भारत में पहला जनहित याचिका मामला किस वर्ष दायर किया गया था -
सही उत्तर: 1979
व्याख्या (Explanation)
जनहित याचिका का पहला मामला हुसैनारा खातून बनाम बिहार राज्य (1979) था, जो जेलों और विचाराधीन कैदियों की अमानवीय स्थितियों पर केंद्रित था, जिसके कारण 40,000 से अधिक विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया था।
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की अनुमति देता है -
सही उत्तर: अनुच्छेद 32
व्याख्या (Explanation)
“सद्भावनापूर्वक कार्य करने वाला कोई भी सार्वजनिक या सामाजिक कार्य समूह का सदस्य” उच्च न्यायालयों (अनुच्छेद 226 के तहत) या सर्वोच्च न्यायालय (अनुच्छेद 32 के तहत) के रिट क्षेत्राधिकार का आह्वान कर सकता है, ताकि उन व्यक्तियों के कानूनी या संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध निवारण की मांग की जा सके, जो सामाजिक या आर्थिक या किसी अन्य अक्षमता के कारण न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटा सकते।