सात अग्नि वेदिकाओं की पंक्ति प्राप्त हुई है –
सही उत्तर: कालीबंगा से
व्याख्या (Explanation)
कालीबंगा से ईटों से निर्मित चबुतरे पर सात अग्नि कुण्ड प्राप्त हुए है जिसमें राख एवम् पशुओं की हड्डियां प्राप्त हुई है।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 3
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 16 है।
सात अग्नि वेदिकाओं की पंक्ति प्राप्त हुई है –
सही उत्तर: कालीबंगा से
व्याख्या (Explanation)
कालीबंगा से ईटों से निर्मित चबुतरे पर सात अग्नि कुण्ड प्राप्त हुए है जिसमें राख एवम् पशुओं की हड्डियां प्राप्त हुई है।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 3
राजस्थान में किस स्थल पर एक कंकाल के गले मैं पत्थर व हड्डियों का हार पाया गया था -
सही उत्तर: बागोर
व्याख्या (Explanation)
भीलवाड़ा कस्बे से 25 किलोमीटर दूर कोठारी नदी के किनारे वर्ष 1967-68 में डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र, डॉ. एल.एस. लेश्निक व डेक्कन कॉलेज पूना और राजस्थान पुरातत्व विभाग के सहयोग से की गयी खुदाई में 3000 ई.पू. से लेकर 500 ई.पू. तक के काल की बागौर सभ्यता का पता लगा।
स्रोत: School Lecturer 2022 History (Group - C)
निम्न में से कौनसा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है -
सही उत्तर: गणेश्वर- काले चमकीले मृदभांड
व्याख्या (Explanation)
गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। यहां से शुद्ध तांबे निर्मित तीर, भाले, तलवार, बर्तन, आभुषण, सुईयां मिले हैं। यहां से तांबे का निर्यात भी किया जाता था। सिंधु घाटी के लोगों को तांबे की आपूर्ति यहीं से होती थी।
स्रोत: School Lecturer 2022 History (Group - C)
ब्राह्मी लिपि युक्त एक मिट्टी की मुहर कहाँ से प्राप्त हुई है -
सही उत्तर: रैरह से
व्याख्या (Explanation)
ब्राह्मी लिपि युक्त एक मिट्टी की मुहर रैरह (रैढ़, टोंक) से प्राप्त हुई है।
स्रोत: School Lecturer 2022 History (Group - C)
निम्नलिखित में से कौनसा (पुरातात्विक स्थल – नदी) सुमेलित नहीं है –
सही उत्तर: बलाथल – कांतली
व्याख्या (Explanation)
सन् 1993 में वी.एन. मिश्र द्वारा ई.पू. 3000 से लेकर ई.पू. 2500 तक की ताम्रपाषाण युगीन संस्कृति के बारे में पता चला है। बालाथल उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील में स्थित है। गणेश्वर और सुनारी पुरातात्विक स्थल नीम का थाना में कांतली नदी के तट पर स्थित है।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 1
राजस्थान की ‘बनास संस्कृति’ संबद्ध है।
सही उत्तर: ताम्रपाषाण काल से
व्याख्या (Explanation)
उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी।
स्रोत: Head Master (Sanskrit Edu.) - 20211 (PAPER-I)
बीकानेर संग्रहालय में प्रदर्शित महिषासुरमर्दिनी की लाल मिट्टी की मूर्ति मूलतः कहाँ से प्राप्त हुई -
सही उत्तर: भटनेर
व्याख्या (Explanation)
बीकानेर संग्रहालय में प्रदर्शित महिषासुरमर्दिनी की लाल मिट्टी की मूर्ति भटनेर से प्राप्त हुई।
स्रोत: Head Master (Sanskrit Edu.) - 20211 (PAPER-I)
बूढ़ा पुष्कर, होकरा, जायल पुरास्थल किस काल से संबधित है -
सही उत्तर: पुरापाषाण काल से
व्याख्या (Explanation)
बूढ़ा पुष्कर, होकरा, जायल पुरापाषाण काल से संबधित है।
स्रोत: Sr. Computer Instructor 2022 Paper 1
निम्नलिखित में से कौन सा एक ताम्रपाषाणिक स्थल है -
सही उत्तर: आहड़
व्याख्या (Explanation)
उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है।
स्रोत: Evaluation Officer 2020
निम्नलिखित में से किसने कालीबंगा सभ्यता की खोज की -
सही उत्तर: अमलानन्द घोष
व्याख्या (Explanation)
कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। वर्तमान में यहाँ घग्घर नदी बहती है। कालीबंगा में पूर्व हड़प्पाकालीन, ‘हड़प्पाकालीन’ तथा ‘उत्तर हड़प्पाकालीन’ सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इस स्थान का पता ‘पुरातत्व विभाग के निदेशक ए. एन. घोष’ ने सन् 1952 में लगाया था।
स्रोत: Forester Exam 2020 Shift 2