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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 17

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 17 है।

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राजस्थान में नीम का थाना जिले में खेतड़ी तहसील के किस गांव से अयस्क से लोहा बनाने की भट्टियों के अवशेष मिले हैं -

Aनगरी
Bबरोर
Cबागोर
Dसुनारी

सही उत्तर: सुनारी

व्याख्या (Explanation)

नीम का थाना जिले की खेतड़ी तहसील के सुनारी में कांटली नदी के तट पर खुदाई में अयस्क से लौहा बनाने की भट्टियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। ये भारत की प्राचीनतम भट्टियाँ मानी जाती हैं। इन भट्टियों में धोंकनी लगाने का प्रावधान था, जिससे तापक्रम नियंत्रित किया जाता था।

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सर्वप्रथम राजस्थान में कहाँ से पूर्वपाषाण कालीन हस्त कुठार (कुल्हाडी) खोज निकाली थी -

📋 पूछा गया: Forester Exam 2020 Shift 1
Aअलवर और टोंक
Bचितौड़ और भीलवाड़ा
Cजयपुर और इन्द्रगढ़
Dजोधपुरा और सुनारी

सही उत्तर: जयपुर और इन्द्रगढ़

व्याख्या (Explanation)

प्रारम्भिक पाषाण काल के उपकरणों की खोज सर्वप्रथम श्री सी. ए. हैकर ने जयपुर और इन्द्रगढ़ से की थी। उन्होंने यहाँ से अश्म पत्थर से बने हस्त कुठार (हैण्ड एक्स) खोज निकाले थे, जो भारतीय संग्रहालय कोलकाता में उपलब्ध हैं।

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स्रोत: Forester Exam 2020 Shift 1

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निम्नलिखित में से कौन से स्थल लघुपाषाणयुगीन संस्कृति से संबद्ध हैं - (i) सोजत (ii) धनेरी (iii) तिलवाड़ा (iv) गणेश्वर निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनिए :

📋 पूछा गया: ASSISTANT PROFESSOR (COLLEGE EDUCATION DEPTT.) EXAM 2020
A(i) और (ii)
B(i) और (iii)
C(i), (ii) और (iii)
D(i), (ii), (iii) और (iv)

सही उत्तर: (i), (ii) और (iii)

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। डी.पी. अग्रवाल ने रेडियो कार्बन विधि एवं तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर इस स्थल की तिथि 2800 ईसा पूर्व निर्धारित की है अर्थात् गणेश्वर सभ्यता पूर्व-हड़प्पा कालीन सभ्यता है। ताम्रयुगीन सांस्कृतिक केन्द्रों में से प्राप्त तिथियों में यह प्राचीनतम् है। इस प्रकार गणेश्वर संस्कृति को निर्विवाद रूप से ‘भारत में ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी’ माना जा सकता है।

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स्रोत: ASSISTANT PROFESSOR (COLLEGE EDUCATION DEPTT.) EXAM 2020

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राजस्थान की कौन सी सभ्यता बनास, बेड़च, वागन, गंभीरी और कोठारी नदियों के तटों और घाटियों में फैली हुई थी -

📋 पूछा गया: RSMSSB PTI Grade-III P1
Aकालीबंगा
Bआहड़
Cगणेश्वर
Dबैराठ

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ‘ताम्रवती’ अंकित है।

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स्रोत: RSMSSB PTI Grade-III P1

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राजस्थान की किस सभ्यता को “ताम्रसंचयी” के नाम से भी जाना जाता है -

📋 पूछा गया: RSMSSB PTI Grade-III P1
Aगणेश्वर
Bबागौर
Cआहाड
Dगिलुण्ड

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। ताम्रयुगीन सांस्कृतिक केन्द्रों में से प्राप्त तिथियों में यह प्राचीनतम् है। इस प्रकार गणेश्वर संस्कृति को निर्विवाद रूप से ‘भारत में ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी’ माना जा सकता है।

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स्रोत: RSMSSB PTI Grade-III P1

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निम्नलिखित में से कौन सा पुरातत्वविद बैराठ के अन्वेषण/ उत्खनन से संबद्ध नहीं है -

📋 पूछा गया: ASSI. TESTING OFFICER 2021
Aएलेक्जेण्डर कनिंघम
Bदयाराम साहनी
Cएन. आर. बनर्जी
Dएच. डी. सांकलिया

सही उत्तर: एच. डी. सांकलिया

व्याख्या (Explanation)

डॉ. एच.डी. सांकलिया, डेकन कॉलेज पूना, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान तथा मेलबोर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त अभियान में वर्ष 1961-62 के दौरान आहड़ का उत्खनन कार्य किया गया। प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी विराटनगर (वर्तमान बैराठ) में ‘बीजक की पहाड़ी’, ‘भीमजी की डूँगरी’ मोती डूंगरी तथा ‘महादेवजी की डूँगरी’ आदि स्थानों पर उत्खनन कार्य दयाराम साहनी द्वारा 1936-37 में तथा पुनः 1962-63 में पुरातत्वविद् नीलरत्न बनर्जी तथा कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा किया गया।

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स्रोत: ASSI. TESTING OFFICER 2021

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निम्नलिखित में से कौन सा ताम्र पाषाणिक स्थल खेतड़ी के निकट है -

📋 पूछा गया: ASSI. TESTING OFFICER 2021
Aबालाथल
Bजोधपुरा
Cगणेश्वर
Dओझियाना

सही उत्तर: गणेश्वर

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। यह स्थल खेतड़ी के निकट है।

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स्रोत: ASSI. TESTING OFFICER 2021

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निम्नलिखित में से कौनसा बनास संस्कृति का स्थल नहीं है -

📋 पूछा गया: Librarian Grade III 2022 (Paper 1)
Aतिलवाड़ा
Bओझियाना
Cगिलुण्ड
Dबालाथल

सही उत्तर: तिलवाड़ा

व्याख्या (Explanation)

तिलवाड़ा बनास संस्कृति का स्थल नहीं है।

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स्रोत: Librarian Grade III 2022 (Paper 1)

169

सुनारी सभ्यता के अवशेष राजस्थान के किस जिले से प्राप्त हुए हैं -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (WC&S)2018
Aचूरू
Bनीम का थाना
Cसीकर
Dभीलवाड़ा

सही उत्तर: नीम का थाना

व्याख्या (Explanation)

नीम का थाना जिले की खेतड़ी तहसील के सुनारी में कांटली नदी के तट पर खुदाई में अयस्क से लौहा बनाने की भट्टियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।

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स्रोत: Junior Instructor (WC&S)2018

170

कालीबंगा के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िए - (A) कालीबंगा में दुर्ग तथा निचले नगर, दोनों के चारों ओर दीवार है। (B) दोनों दीवारें कच्ची मिट्टी की ईंटों की दीवारे हैं। सही उत्तर चुनिए -

📋 पूछा गया: Superintendent Gar. 2021 (GK)
Aकेवल कथन (A) सत्य है।
Bकेवल कथन (B) सत्य है।
Cना तो (A) ना ही (B) सत्य है।
Dदोनों कथन सत्य हैं।

सही उत्तर: दोनों कथन सत्य हैं।

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा की नगर योजना सिन्धु घाटी की नगर योजना के अनुरूप दिखाई देती है। पत्थर के अभाव के कारण दीवारें कच्ची ईंटों से बनती थी और इन्हें मिट्टी से जोड़ा जाता था।

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स्रोत: Superintendent Gar. 2021 (GK)

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