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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 25

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 25 है।

241

पुरातात्विक स्थल बागोर अवस्थित है -

📋 पूछा गया: RPSC ACF FRO 2021
Aलूणी नदी पर
Bबनास नदी पर
Cकोठारी नदी पर
Dचंबल नदी पर

सही उत्तर: कोठारी नदी पर

व्याख्या (Explanation)

भीलवाड़ा कस्बे से 25 किलोमीटर दूर कोठारी नदी के किनारे वर्ष 1967-68 में डॉ. वीरेंद्रनाथ मिश्र, डॉ. एल.एस. लेश्निक व डेक्कन कॉलेज पूना और राजस्थान पुरातत्व विभाग के सहयोग से की गयी खुदाई में 3000 ई.पू. से लेकर 500 ई.पू. तक के काल की बागौर सभ्यता का पता लगा।

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स्रोत: RPSC ACF FRO 2021

242

राम सैकाश्म और स्फटिक नामक पाषाणकालीन उपकरण प्राप्त हुए हैं -

Aकालीबंगा
Bहड़प्पा
Cबालाकोट
Dआहड़

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। उत्खनन में कुछ पाषाण-कालीन उपकरण भी प्राप्त हुए हैं। इनमें राम सैकाश्म और स्फटिक मुख्य हैं। आहङवासी अपने मकानों की सुरक्षा तथा सुन्दरता के लिये स्फटिक पत्थरों के टुकडे मिट्टी के गारे में जमा देते थे। ऐसा अनुमान है कि इन्हीं पत्थरों से वे अपने आवश्यक औजार भी बनाते थे, जिनका उपयोग छीलने, छेद करने तथा काटने में किया जाता था।

243

राजस्थान में पुरातात्विक सर्वेक्षण कार्य सर्वप्रथम (1871 ई.) प्रारम्भ करने का श्रेय किसे जाता है -

Aए. सी. एल. कार्लाइल
Bएच.डी.सांकलिया
Cबी.बी. लाल
Dए. कनिंघम

सही उत्तर: ए. सी. एल. कार्लाइल

व्याख्या (Explanation)

इस स्थल की प्रांरंभिक और सर्वप्रथम खोज का कार्य 1837 ई. में कैप्टन बर्ट द्वारा किया गया। 1871-72 ई. में कनिंघम के सहायक डॉ. कार्लाइल ने पुनः इस क्षेत्र का निरीक्षण किया। इन्होंने भीमसेन की पहाड़ी में अशोक का दूसरा शिलालेख खोज निकाला। इस लेख का सम्पादन बुहलर और सेर्नाट ने किया था। 1910 ई. में डॉ. डी.आर. भण्डारकर ने इस क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन व सूक्ष्म परीक्षण किया।

244

ताम्रयुगीन स्थल झालोड़ कहां स्थित है -

Aचित्तौड़
Bनागौर
Cउदयपुर
Dजालौर

सही उत्तर: उदयपुर

व्याख्या (Explanation)

झाड़ौल, उदयपुर में स्थित है।

245

सुनारी सभ्यता के अवशेष कहां से प्राप्त हुए हैं -

Aनीम का थाना
Bचुरू
Cबीकानेर
Dसीकर

सही उत्तर: नीम का थाना

व्याख्या (Explanation)

नीम का थाना जिले की खेतड़ी तहसील के सुनारी में कांटली नदी के तट पर खुदाई में अयस्क से लौहा बनाने की भट्टियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। ये भारत की प्राचीनतम भट्टियाँ मानी जाती हैं। इन भट्टियों में धोंकनी लगाने का प्रावधान था, जिससे तापक्रम नियंत्रित किया जाता था।

246

गणेश्वर सभ्यता किस काल से सम्बन्धित है -

📋 पूछा गया: Librarian Grade III 2018
Aहड़प्पा काल
Bलौह युग
Cताम्र/कांस्य युग
Dपुराषाण काल

सही उत्तर: ताम्र/कांस्य युग

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया। ताम्रयुगीन सांस्कृतिक केन्द्रों में से प्राप्त तिथियों में यह प्राचीनतम् है। इस प्रकार गणेश्वर संस्कृति को निर्विवाद रूप से ‘भारत में ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी’ माना जा सकता है।

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स्रोत: Librarian Grade III 2018

247

बैराठ स्थित पहाड़ी, जहां बौद्ध विहार के अवशेष मिले हैं, उसे जाना जाता है -

Aबुद्धा पहाड़ी
Bअशोक पहाड़ी
Cबीजक पहाड़ी
Dविराट पहाड़ी

सही उत्तर: बीजक पहाड़ी

व्याख्या (Explanation)

वर्ष 1999 में बीजक की पहाड़ी से अशोककालीन ‘गोल बौद्ध मंदिर’, ‘स्तूप’ एवं ‘बौद्ध मठ’ के अवशेष मिले हैं जो हीनयान संप्रदाय से संबंधित हैं, ये भारत के प्राचीनतम् मंदिर माने जा सकते हैं। यहां पर स्वर्ण मंजूषा(कलश) मिली है जिसमें भगवान बुद्ध की अस्थियों के अवशेष मिले हैं।

248

गणेश्वर सभ्यता का सम्बन्ध किस नदी से है -

Aसरस्वती
Bआहड़
Cसिन्धु
Dकांतली

सही उत्तर: कांतली

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया।

249

‘बनास संस्कृति’ निम्नांकित में से किस स्थल से सम्बन्धित है -

Aबैराठ
Bकालीबंगा
Cगणेश्वर
Dआहड़

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी।

250

प्रो. एच. डी. सांकलिया के निर्देशन में जिस सभ्यता स्थल का उत्खनन हुआ, वह है -

Aकालीबंगा
Bआहड़
Cगणेश्वर
Dबैराठ

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। इस स्थल के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास के नेतृत्व में हुआ। 1956 ई. में श्री रतचंद्र अग्रवाल की देखरेख में खनन कार्य हुआ। इसके उपरांत डॉ. एच.डी. सांकलिया, डेकन कॉलेज पूना, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान तथा मेलबोर्न विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त अभियान में वर्ष 1961-62 के दौरान इस स्थल का उत्खनन कार्य किया गया।

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