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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ PYQ in Hindi - पेज 27

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 367 प्रश्नों में से यह पेज 27 है।

261

प्राचीनतम जुते हुए खेत के पुरातात्विक अवशेष किस सांस्कृतिक स्तर से प्राप्त हुए हैं -

Aप्राक्हड़प्पा युगीन संस्कृति
Bहड़प्पा युगीन संस्कृति
Cताम्रपाषाण युगीन संस्कृति
Dनवपाषाण युगीन संस्कृति

सही उत्तर: प्राक्हड़प्पा युगीन संस्कृति

व्याख्या (Explanation)

कालीबगा में प्राक्-हड़प्पा संस्कृति के अनेक स्थल पाए गए हैं। घग्गर नदी के बायें किनारे पर स्थित खेत तीसरी सहस्त्राब्दी ई. पू. के हैं। संसार भर में उत्खनन से प्राप्त खेतों में यह पहला है। इस खेत में दो तरह की फसलों को एक साथ उगाया जाता था, कम दूरी के सांचों में चना व अधिक दूरी के सांचों में सरसों बोई जाती थी।

262

दुर्गीकरण के पुरावशेष किस ताम्रपाषाण युगीन पुरास्थल से प्राप्त हुए हैं -

Aअहाड़
Bबालाथल
Cगणेश्वर
Dगिलूण्ड

सही उत्तर: बालाथल

व्याख्या (Explanation)

सन् 1993 में वी.एन. मिश्र द्वारा ई.पू. 3000 से लेकर ई.पू. 2500 तक की ताम्रपाषाण युगीन संस्कृति के बारे में पता चला है। बालाथल उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील में स्थित है। यहाँ से एक दुर्गनुमा भवन भी मिला है तथा ग्यारह कमरों वाला विशाल भवन भी प्राप्त हुआ है।

263

गिलुण्ड सभ्यता के अवशेष किस युग के हैं -

Aतांबा प्रस्तर युग
Bलौह युग
Cप्रस्तर युग
Dमृद्भाण्ड युग

सही उत्तर: तांबा प्रस्तर युग

व्याख्या (Explanation)

सन् 1957-58 में प्रो. बी.बी. लाल ने गिलूण्ड (राजसमन्द) पुरास्थल का उत्खनन किया। यह ताम्रयुगीन सभ्‍यता है।

264

कालीबंगा का उत्खनन कार्य किसके नेतृत्व में निष्पादित हुआ था -

Aवी. एस. वाकणकर
Bवी. एन. मिश्रा
Cएच. डी. सांकलिया
Dबी. बी. लाल

सही उत्तर: बी. बी. लाल

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा का पता ‘पुरातत्व विभाग के निदेशक ए. एन. घोष’ ने सन् 1952 में लगाया था। सन् 1961-69 तक नौ सत्रों में बी. के. थापर, जे. वी. जोशी तथा बी. बी. लाल के निर्देशन में इस स्थल की खुदाई की गयी। कालीबंगा स्वतंत्र भारत का वह पहला पुरातात्विक स्थल है जिसका स्वतंत्रता के बाद पहली बार उत्खनन किया गया तत्पश्चात् रोपड़ का उत्खनन किया गया।

265

गणेश्वर सभ्यता का उत्खनन कार्य किसकी देखरेख में किया गया -

Aएच. डी. सांकलिया
Bए. एन. घोष
Cवी. एन. मिश्रा
Dआर. सी. अग्रवाल

सही उत्तर: आर. सी. अग्रवाल

व्याख्या (Explanation)

गणेश्वर का टीला, नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम स्थल पर अवस्थित है। गणेश्वर में रत्नचंद्र अग्रवाल ने 1977 में खुदाई कर इस सभ्यता पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र का विस्तृत उत्खनन कार्य 1978-89 के बीच विजय कुमार ने किया।

266

‘जुते हुए खेत के साक्ष्य’ किस सम्भता से सम्बन्धित है -

Aआहड़
Bबागोर
Cकालीबंगा
Dबालाथल

सही उत्तर: कालीबंगा

व्याख्या (Explanation)

कालीबंगा प्राचीन सरस्वती नदी के बाएं तट पर जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ से लगभग 25 किमी. दक्षिण में स्थित है। संसार भर में उत्खनन से प्राप्त खेतों में यह पहला है। इस खेत में दो तरह की फसलों को एक साथ उगाया जाता था, कम दूरी के सांचों में चना व अधिक दूरी के सांचों में सरसों बोई जाती थी। खेत में ‘ग्रिड पैटर्न’ की गर्तधारियों के निशान है और ये दो तरह के निशान एक दूसरे के समकोण पर बने हुए है।

267

प्राचीन ताम्रवती नगरी को वर्तमान में कहा जाता है-

Aकाठी
Bआहड
Cजालौर
Dधौलपुर

सही उत्तर: आहड

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ‘ताम्रवती’ अंकित है। दसवीं व ग्याहरवीं शताब्दी में इसे ‘आघाटपुर’ अथवा ‘आघट दुर्ग’ के नाम से जाना जाता था। इसे ‘धूलकोट’ भी कहा जाता है।

268

दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान की प्राचीन सभ्यता का एक महत्वपूर्ण केन्द्र था -

Aकालीबंगा
Bआहड़
Cसिन्धु
Dबनास

सही उत्तर: आहड़

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर से तीन किलोमीटर दूर 500 मीटर लम्बे धूलकोट के नीचे आहड़ का पुराना कस्बा दवा हुआ है जहाँ से ताम्रयुगीन सभ्यता प्राप्त हुई है। यह सभ्यता बनास नदी पर स्थित है। ताम्र सभ्यता के रूप में प्रसिद्ध यह सभ्यता आयड़/बेड़च नदी के किनारे मौजूद थी। प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ‘ताम्रवती’ अंकित है।

269

सन् 1837 में बीजक पहाड़ी(बैराठ) स्थित अशोक के शिलालेख को किसने खोजा -

📋 पूछा गया: 2nd Grade Teacher (SANSKRIT EDUCATION) Comp. Exam-2018 (Group -B)
Aकैप्टन बार्ट
Bकर्नल जैम्स टाॅड
Cकैप्टन हाकिन्स
Dआर. सी. अग्रवाल

सही उत्तर: कैप्टन बार्ट

व्याख्या (Explanation)

इस स्थल की प्रांरंभिक और सर्वप्रथम खोज का कार्य 1837 ई. में कैप्टन बर्ट द्वारा किया गया। इन्होंने विराटनगर में मौर्य सम्राट अशोक का प्रथम भाब्रू शिलालेख खोज निकाला और यह 1840 ई. से एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल, कलकत्ता संग्रहालय में सुरक्षित है। इसे ‘भाब्रू शिलालेख’ और ‘बैराठ-कलकत्ता शिलालेख’ कहा जाता है।

📋

स्रोत: 2nd Grade Teacher (SANSKRIT EDUCATION) Comp. Exam-2018 (Group -B)

270

किस पुरातात्विक स्थल के उत्खनन में प्राप्त मृदभांडों में विदेशी प्रभाव युक्त ‘रोमन एम्फोरा’ की प्राप्ति विशेष रूस से उल्लेखनीय है -

Aभीनमाल
Bसुनारी
Cबालाथल
Dआहड़

सही उत्तर: भीनमाल

व्याख्या (Explanation)

जालौर जिला अंतर्गत अवस्थित भीनमाल से 1953-54 ई में श्री रत्नचन्द्र अग्रवाल द्वारा उत्खनन कार्य करवाया गया। उत्खनन में म्रद्भभांड तथा शक क्षत्रपों के सिक्के मिले हैं। म्रदपात्रों पर विदेशी प्रभाव दृष्टिगोचर होता हैं। यहाँ से यूनानी दुह्त्थी सुराही भी मिली हैं, जो यूनान के साथ व्यापारिक सम्बन्धों को प्रकट करती हैं। यहाँ से रोमन एम्फोरा / सुरापात्र भी मिला हैं। भीनमाल प्राचीन काल में श्रीमाल नाम से जाना जाता था। शिशुपाल वध के रचयिता कवि माघ का कार्यक्षेत्र यही था। गुप्तकालीन विद्वान ब्रह्मागुप्त का जन्मस्थान भी भीनमाल में था। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी भीनमाल की यात्रा की थी।

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