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राजस्थान में किसान तथा आदिवासी आन्दोलन PYQ in Hindi - पेज 3

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में किसान तथा आदिवासी आन्दोलन से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 296 प्रश्नों में से यह पेज 3 है।

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बिजौलिया के किस शासक ने 1903 ई. में चँवरी नामक कर लगाया -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (PLM) Exam 2024
Aकेसरीसिंह
Bगोविन्ददास
Cराव कृष्णसिंह
Dपृथ्वीसिंह

सही उत्तर: राव कृष्णसिंह

व्याख्या (Explanation)

बिजौलिया किसान आंदोलन का कारण राव कृष्णसिंह द्वारा 1903 में लगाया गया चँवरी कर था। यह कर किसानों पर भारी बोझ था, जिसके खिलाफ आंदोलन हुआ। बिजौलिया किसान आन्दोलन तीन चरणों में पुरा हुआ था। 1897 से 1916 - नेतृत्व - साधु सीताराम दास 1916 से 1923 - नेतृत्व - विजयसिंह पथिक 1923 से 1941 - नेतृत्व - माणिक्यलाल वर्मा, हरिभाऊ उपाधाय, जमनालाल बजाज, रामनारायण चैधरी।

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स्रोत: Junior Instructor (PLM) Exam 2024

22

डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा राज्यों / रियासतों में किसके नेतृत्व में भील आन्दोलन प्रारम्भ हुआ -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (MMV) Exam 2024
Aगोविन्द गिरि
Bमोतीलाल तेजावत
Cविजयसिंह पथिक
Dसाधु सीतारामदास

सही उत्तर: गोविन्द गिरि

व्याख्या (Explanation)

गोविन्द गिरि ने 19वीं शताब्दी में डूंगरपुर और बांसवाड़ा में भील समुदाय के उत्थान के लिए भगत आन्दोलन शुरू किया। गोविन्द गुरू ने सुरजी भगत के साथ मिलकर आन्दोलन चलाया था। गोविन्द गुरु ने 1883 में सम्प सभा का गठन किया।

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स्रोत: Junior Instructor (MMV) Exam 2024

23

निम्न में से किन समाचार पत्रों में बिजोलिया किसान आन्दोलन की खबरें प्रकाशित हुई - (i) प्रभा (ii) प्रताप (iii) केसरी (iv) वेंकटेश्वर समाचार सही विकल्प चुनिये -

📋 पूछा गया: PTI and Librarian (Sanskrit College Edu.) - 2024 (General Studies of Rajasthan)
A(i), (iii)
B(i), (iii), (iv)
C(i), (ii), (iii), (iv)
D(ii), (iii), (iv)

सही उत्तर: (i), (ii), (iii), (iv)

व्याख्या (Explanation)

बिजोलिया किसान आंदोलन की खबरें प्रभा, प्रताप, केसरी, और वेंकटेश्वर समाचार में प्रकाशित हुई थीं। ये सभी समाचार पत्र उस समय के प्रमुख माध्यम थे। श्री गणेश शंकर विद्यार्थी संपादित एवं कानपुर से प्रकाशित समाचार पत्र ‘प्रताप’ के माध्यम से तथा इसके साथ ही अभ्युदय, भारत, मित्र, मराठा आदि समाचार पत्रों के माध्यम से विजयसिंह पथिक ने बिजौलिया किसान आंदोलन को समूचे भारत में चर्चा का विषय बना दिया। राजस्थान केसरी(1920) : यह विजय सिंह पथिक के संपादन में वर्धा, महाराष्ट्र से प्रकाशित हुआ था। बिजौलिया में किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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स्रोत: PTI and Librarian (Sanskrit College Edu.) - 2024 (General Studies of Rajasthan)

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14 मई, 1925 के नीमूचाणा हत्याकांड के समय अलवर के महाराजा कौन थे -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (STE) Exam 2024
Aविनयसिंह
Bजयसिंह
Cप्रतापसिंह
Dशिवसिंह

सही उत्तर: जयसिंह

व्याख्या (Explanation)

1924 में अलवर के महाराणा जयसिंह ने लगान की दरों में वृद्धि कर दी। इसके विद्रोह में अलवर के किसान आन्दोलन करते है। 14 मई 1925 को नीमूचाणा ग्राम में एकत्रित होते है। छाजूसिंह नामक पुलिस अधिकारी ने फायरिंग कर दी जिसमें 156 लोग शहीद हुये थे। इसे राजस्थान का जलीयावाला बाग हत्याकाण्ड भी कहा जाता है।

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स्रोत: Junior Instructor (STE) Exam 2024

25

नारायणीदेवी वर्मा ने किस स्थान पर महिलाओं को किसान आन्दोलन से जोड़ा -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (EM) Exam 2024
Aबेगूं
Bबिजोलिया
Cबारां
Dदूदवाखारा

सही उत्तर: बिजोलिया

व्याख्या (Explanation)

नारायणी देवी का जन्म सिंगोली मध्य प्रदेश में हुआ। इनका विवाह श्री माणिक्यलाल वर्मा से हुआ। बिजौलिया किसान आन्दोलन के समय इन्हें कुम्भलगढ़ के किले में बन्दी बना लिया गया। नवम्बर 1944 ई. में महिला शिक्षा तथा जागृति के लिए भीलवाड़ा में ‘महिला आश्रम’ नाम की संस्था स्थापित कर महिलाओं के सर्वागीण विकास का कार्य अपने हाथ में लिया। 1970 में राज्यसभा से निर्वाचित किया गया।

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स्रोत: Junior Instructor (EM) Exam 2024

26

निम्न में से ‘मेर विद्रोह’ का प्रमुख कारण कौन सा था -

📋 पूछा गया: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024
Aउन पर ब्रिटिश नियंत्रण का प्रयास
Bस्थानीय जमींदारों द्वारा बढ़ता हस्तक्षेप
Cमेवाड़ महाराणा द्वारा बढ़ाये गये कर
Dइनके क्षेत्रों में सड़क निर्माण

सही उत्तर: उन पर ब्रिटिश नियंत्रण का प्रयास

व्याख्या (Explanation)

‘मेर विद्रोह’ का प्रमुख कारण अंग्रेजों का स्थानीय आबादी पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास था।

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स्रोत: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024

27

किशोरी देवी ने जागीर प्रथा के विरुद्ध किस क्षेत्र के राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लिया -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (COPA) Exam 2024
Aमेवाड़ क्षेत्र
Bमारवाड़ क्षेत्र
Cहाड़ौती क्षेत्र
Dशेखावाटी क्षेत्र

सही उत्तर: शेखावाटी क्षेत्र

व्याख्या (Explanation)

शेखावाटी के सीहोट के ठाकुर मानसिंह द्वारा सोतियां का बास नामक गांव की जाट महिलाओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार का विरोध करने के लिए 25 अप्रैल, 1934 को कटराथल नामक स्थान पर ‘श्रीमती किशोरी देवी’ (हरलाल सिंह खर्रा की पत्नी) के नेतृत्व में एक विशाल महिला सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें लगभग 10,000 जाट महिलाओं ने भाग लिया।

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स्रोत: Junior Instructor (COPA) Exam 2024

28

निम्न में से किस किसान आन्दोलन से ‘कांगड़ काण्ड’ का सम्बन्ध था -

📋 पूछा गया: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022
Aशेखावाटी
Bमारवाड़
Cबीकानेर
Dबेगूं

सही उत्तर: बीकानेर

व्याख्या (Explanation)

1946 ई. में बीकानेर में हुआ, कांगड़ वर्तमान में रतनगढ़ (चूरू) में है। ठाकुर गोप सिंह ने किसानों पर अत्याचार किए जिसकी बीकानेर प्रजा परिषद् द्वारा निंदा की गई। कांगड कांड बीकानेर किसान आन्दोलन की अन्तिम घटना है।

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स्रोत: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022

29

साधु सीताराम दास ने किस आंदोलन का नेतृत्व किया - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift II)
Aभगत
Bअसहयोग
Cबिजोलिया
Dशेखावाटी

सही उत्तर: बिजोलिया

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में सर्वाधिक दीर्घकाल तक चलने वाला किसान आंदोलन बिजौलिया किसान आंदोलन था। यह आंदोलन 1897 से शुरू हुआ और 1941 तक चला, जो इसे लगभग 44 वर्षों तक चलने वाला एक लंबा संघर्ष बनाता है। यह आंदोलन बिजौलिया रियासत (वर्तमान में भीलवाड़ा जिला, राजस्थान) में किसानों द्वारा जागीरदारों और रियासती शासकों के खिलाफ लगान और शोषण के विरोध में शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत साधु सीताराम दास और स्थानीय किसानों ने की, लेकिन बाद में विजय सिंह पथिक जैसे नेताओं ने इसे संगठित रूप दिया।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 1 Shift II)

30

निम्नलिखित में से कौन सी घटना या परिणाम दिए गए विवरण के अनुसार सीधे मीणा आंदोलन से संबंधित नहीं है -

Aबंशीधर शर्मा द्वारा 1944 में जयपुर मीणा सुधार समिति के गठन का उद्देश्य मीणा समुदाय के बीच सुधार प्रयासों को आगे बढ़ाना था।
Bनीम का थाना में 1944 में संत मगन सागर के मीणा सम्मेलन के परिणामस्वरूप “मीन पुराण” का प्रकाशन हुआ, जिसने मीणाओं के बीच सांस्कृतिक जागृति में योगदान दिया।
C1933 में स्थापित मीणा क्षेत्रीय महासभा ने 1936 तक जरायम पेशा अधिनियम को समाप्त करने के लिए जयपुर रियासत के साथ सफलतापूर्वक बातचीत की।
D1924 के आपराधिक जनजाति अधिनियम के खिलाफ प्रतिरोध ने मीणा जाति सुधार समिति के गठन को जन्म दिया, जिसने जनजाति के भीतर प्रचलित सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए काम किया।

सही उत्तर: 1933 में स्थापित मीणा क्षेत्रीय महासभा ने 1936 तक जरायम पेशा अधिनियम को समाप्त करने के लिए जयपुर रियासत के साथ सफलतापूर्वक बातचीत की।

व्याख्या (Explanation)

बंशीधर शर्मा ने मीणा सुधारों का समर्थन करने के लिए 1944 में जयपुर मीणा सुधार समिति की स्थापना की। सन्त मगन सागर ने 1944 में नीम का थाना में मीणा सम्मेलन का आयोजन किया तथा ‘मीन पुराण’ नामक पुस्तक लिखी। मीणा क्षेत्रीय महासभा का गठन 1933 में हुआ था, लेकिन 1936 तक जरायम पेशा अधिनियम को समाप्त करने के लिए सफलतापूर्वक बातचीत करने का उल्लेख नहीं है। 1952 में कानून को निरस्त कर दिया गया था। मीणा जाति सुधार समिति का गठन 1924 के आपराधिक जनजाति अधिनियम का विरोध करने और सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए किया गया था।

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