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राजस्थान में नृत्य PYQ in Hindi - पेज 26

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में नृत्य से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 373 प्रश्नों में से यह पेज 26 है।

251

‘तुरकिलंगी’ लोक नाट्य के रचनाकार -

📋 पूछा गया: Asst. Agriculture Officer - 2011
Aनानूराम
Bशाहअली और तुक्कनगीर
Cलच्छीराम
Dइलिया

सही उत्तर: शाहअली और तुक्कनगीर

📋

स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2011

252

‘कच्छी घोड़ी’ है -

📋 पूछा गया: Asst. Agriculture Officer - 2011
Aसामुदायिक नृत्य
Bव्यावसायिक नृत्य
Cउत्सव नृत्य
Dपूजा नृत्य

सही उत्तर: व्यावसायिक नृत्य

📋

स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2011

253

मेवाड़ के अरावली क्षेत्र की भील जाति का लोकनाट्य है -

Aगन्धर्व
Bगवरी
Cभवाई
Dरम्मत

सही उत्तर: गवरी

254

राजस्थान में भवाई नृत्य के जन्मदाता थे -

Aअली बक्शी
Bलच्छीराम
Cबाघाजी
Dगोपाल

सही उत्तर: बाघाजी

255

दक्षिण राजस्थान की भील जनजाति का निम्नलिखित में से कौनसा नृत्य नाट्य रूप में किया जाता है -

Aगरबा
Bगवरी
Cघूमर
Dगैर

सही उत्तर: गवरी

व्याख्या (Explanation)

गवरी/राई नृत्य – उदयपुर संभाग में सावन-भादों में आयोजित किया जाने वाला यह मुखौटा प्रधान धार्मिक नृत्य है जो केवल पुरूषों द्वारा किया जाता है। मादल व थाली बजाने के कारण इसे राई नृत्य कहते है।

256

नाथद्वारा में होली के अवसर पर किए जाने वाला लोकनृत्य है -

Aडांग
Bभवाई
Cडांडिया
Dगैर

सही उत्तर: डांग

व्याख्या (Explanation)

डांग नृत्य नाथ द्वारा (राजसमंद) को लोकप्रियय नृत्य है। होली के अवसर पर स्त्री व पुरूषों द्वारा किया जाता है।

257

रम्मत नामक रंगमंच/नाट्य किस क्षेत्र से संबंधित है -

Aभरतपुर
Bमेवाड़
Cबीकानेर
Dधौलपुर व करौली

सही उत्तर: बीकानेर

258

ख्याल के जयपुर घराने के प्रवर्तक कौन थे -

Aनसीरूद्दीन खां
Bदुल्लू खां
Cमनरंग
Dहररंग

सही उत्तर: मनरंग

259

निम्नलिखित में से कौनसा नृत्य आदिवासी गरासियों से संबंधित नहीं है -

Aवालर
Bमांडल
Cगेर
Dकच्छी घोडी

सही उत्तर: कच्छी घोडी

260

जालौर का ढ़ोल नृत्य किस शैली में आयोजित होता है -

Aनाहर
Bधूणा
Cधुम्ब
Dथाकना

सही उत्तर: थाकना

व्याख्या (Explanation)

ढोल नृत्य जालौर का प्रसिद्ध लोक नृत्य है। इसे विवाह के अवसर पर माली, ढोली, सरगड़ा, और भील जाती के पुरुषों द्वारा किया जाता है। राजस्थान के भूतपूर्व मुख्यमंत्री जयनारायण व्यास ने इन व्यावसायिक नर्तकों को पहचान दिलाई है। इस नृत्य में चार-पांच ढोल एक साथ बजाये जाते है। ढोल का मुखिया ‘थाकना शैली‘ में ढोल बजाना शुरू करता है थाकना समाप्ति पर कुछ पुरुष मुँह में तलवार, कुछ हाथ मे डंडे, कुछ भुजाओं पर रुमाल लटकाकर और अन्य लयबद्ध नृत्य करना प्रारम्भ करते है।

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