टोंक में प्रचलित पठानी मूल की लोक नाट्य जिसमें कव्वाली के समान घुटने के बल बैठकर गाते हैं -
सही उत्तर: चारबैत
व्याख्या (Explanation)
इसे डफ वाद्य यंत्र के साथ घुटने के बल बैठकर गाते हैं।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में नृत्य से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 373 प्रश्नों में से यह पेज 28 है।
टोंक में प्रचलित पठानी मूल की लोक नाट्य जिसमें कव्वाली के समान घुटने के बल बैठकर गाते हैं -
सही उत्तर: चारबैत
व्याख्या (Explanation)
इसे डफ वाद्य यंत्र के साथ घुटने के बल बैठकर गाते हैं।
रम्मत लोक नाट्य किस क्षेत्र में प्रसिद्ध है -
सही उत्तर: बीकानेर-जैसलमेर
व्याख्या (Explanation)
रम्मत के लिए बीकानेर और जैसलमेर क्षेत्र प्रसिद्ध है। रम्मत का मूल स्थान जैसलमेर है। यहां तेज कवि ने स्वतंत्रता बावनी, मूमल, भर्तृहरि आदि रम्मतों को लोकप्रिय बनाया।
निम्नलिखित में से कौन सा नृत्य भीलों का नहीं है -
सही उत्तर: शंकरिया
व्याख्या (Explanation)
शंकरिया कालबेलियों का आकर्षक प्रेमकथा आधारित युगल-नृत्य है।
किस नृत्य में भगवान शिव को पुरिया और मसखरे को कुटकुड़िया कहा जाता है -
सही उत्तर: गवरी
व्याख्या (Explanation)
गवरी उत्सव पार्वती की आराधना में चालीस दिन चलता है। इसमें शिव व भस्मासुर की कथा का अधिक प्रचलन है।
गीदड़ नृत्य किस क्षेत्र का है -
सही उत्तर: शेखावाटी
जानकीलाल भाण्ड किस नाट्य से संबंधित हैं -
सही उत्तर: स्वांग
व्याख्या (Explanation)
स्वांग धारण करने वाला बहुरूपिया कहलाता है। बहुरूपिया कलाकार भीलवाड़ा के जानकीलाल भाण्ड ने इस नाटक को अन्तरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई।
रम्मत नाट्य में पाटा संस्कृति कहां की देन है -
सही उत्तर: बीकानेर
व्याख्या (Explanation)
रम्मत के लिए बीकानेर और जैसलमेर क्षेत्र प्रसिद्ध है। पाटा संस्कृति बीकानेर की देन है।
‘थाकना शैली’ का सम्बन्ध है -
सही उत्तर: ढोल नृत्य से
‘पादरला गांव’ किस नृत्य की जन्म-स्थली माना जाता है -
सही उत्तर: तेरहताली
गरबा नृत्य मूलतः किस राज्य का है -
सही उत्तर: गुजरात
व्याख्या (Explanation)
यह नृत्य गरासिया महिलाओं का है, जिसका आयोजन डूंगरपुर-उदयपुर-सिरोही में होता है।