राजस्थान में नौटंकी का प्रचलन किया -
सही उत्तर: डीग में भूरीलाल ने
व्याख्या (Explanation)
नौटंकी का शाब्दिक का अर्थ है नाटक का अभिनय करना। भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर आदि उत्तर के सीमावर्ती इलाकों में नौटंकी नामक लोक नाट्य का प्रचलन अधिक है।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में नृत्य से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 373 प्रश्नों में से यह पेज 29 है।
राजस्थान में नौटंकी का प्रचलन किया -
सही उत्तर: डीग में भूरीलाल ने
व्याख्या (Explanation)
नौटंकी का शाब्दिक का अर्थ है नाटक का अभिनय करना। भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर आदि उत्तर के सीमावर्ती इलाकों में नौटंकी नामक लोक नाट्य का प्रचलन अधिक है।
तमाशा लोक नाट्य विधा को प्रोत्साहित किया -
सही उत्तर: सवाई प्रताप सिंह
व्याख्या (Explanation)
महाराष्ट्र की प्रमुख लोक नाट्य शैली तमाशा का प्रचलन जयपुर में हुआ। इस गौरवशाली लोक नाट्य की परम्परा का प्रारम्भ जयपुर महाराजा प्रतासिंह के शासनकाल में हुआ। इन्हीं के समय में पंडित वंशाीधर भट्ट(महाराष्ट्र) ने गुणीजन खाने में आश्रय लेकर इस लोक नाट्य को प्रोत्साहित किया।
निम्नलिखित सूची - 1 (नृत्यों के प्रकार) का सूची- 2 (संबंधित स्थानों) के साथ मिलान करें और नीचे दिये गए कोड में से सही उत्तर का चयन करें। सूची - 1 सूची - 2 P. ढोल नृत्य i. अलवर-भरतपुर Q. बम नृत्य ii. जालौर R.राय नृत्य iii. डूंगरपुर - बाँसवाड़ा
सही उत्तर: P ii Q i R iii
व्याख्या (Explanation)
ढोल नृत्य - जालौर बम नृत्य - अलवर-भरतपुर राय नृत्य - डूंगरपुर-बाँसवाड़ा
स्रोत: Raj Police Constable(7981)
मोहिनी देवी व नारायणी देवी किस नृत्य की प्रसिद्ध नृत्यांगनाएं है -
सही उत्तर: तेरहताली नृत्य
व्याख्या (Explanation)
यह नृत्य कामड़ सम्प्रदायय की महिलाओं द्वारा किया जाता है।इस नृत्य का मूल स्थान पादरला गांव (पाली)है।इस नृत्य के दौरान कुल 13 मंजीरे (09 दाहिने पैर पर दोनों हाथों की कोहनी से ऊपर तथा 2 मंजीरे हाथ में बांधकर) यह नृत्य बैठकर प्रस्तुत किया जाता है। प्रमुख - नृत्यांगनाऐं1. मोहिनी देवी 2. नारायणी देवी 3. मांगी बाई है।
राजस्थान में ‘चरकुला नृत्य’ कहां किया जाता है -
सही उत्तर: भरतपुर
व्याख्या (Explanation)
मूलतः उत्तर प्रदेश का लोकनृत्य है जो राजस्थान में भरतपुर जिले में प्रचलित है।
गोगाजी की आराधना में कौनसा नृत्य किया जाता है -
सही उत्तर: सांकल
व्याख्या (Explanation)
गोगाजी की आराधना में लोग सांकल नृत्य करते है। युद्ध करते समय गोगाजी का सर ददरेवा (चुरू) में गिरा इसलिए इसे शीर्षमेडी (शीषमेडी) तथा धड नोहर (हनुमानगढ़) में गिरा इसलिए धरमेडी/धुरमेडी व गोगामेडी भी कहते है। गोगामेडी में एक हिन्दू व एक मुस्लिम पुजारी है। खेजड़ी के वृक्ष के नीचे गोगाजी का निवास स्थान माना जाता है। ‘गोगाजी की ओल्डी’ नाम से गोगाजी का पूजा स्थल –सांचौर (जालौर)। गोगाजी से सम्बंधित वाद्य यंत्र ‘डेरू’ है।
‘नत्थराम की मंडली’ किस लोकनाट्य के लिए प्रसिद्ध है -
सही उत्तर: नौटंकी
राजस्थान में ‘मूक रामलीला’ का अयोजन कहां होता है -
सही उत्तर: बिसाऊ
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में झुंझुनू जिले के बिसाऊ कस्बे की मूक रामलीला दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है। बिना संवाद बोले संपन्न होने वाली यहां की रामलीला शायद दुनिया में अपनी तरह की एक मात्र रामलीला है।
कैलादेवी मेले में किस जाति के लोग ‘घुटकन नृत्य’ करते हैं -
सही उत्तर: गुर्जर
व्याख्या (Explanation)
कैला देवी के मेले मे मीणा एवं गुर्जर जाति के लोग ' घुटकन/लांगुरिया नृत्य' करते हैं। कैला देवी (करौली) का मंदिर राजस्थान का एकमात्र दुर्गा माता ( आठ भुजाओं में शस्त्र लिए सिंह पर सवार ) का मंदिर है जहाँ बलि नहीं दी जाती।
‘स्वतंत्रता बावनी’ क्या है -
सही उत्तर: रम्मत लोकनाट्य शैली की रचना
व्याख्या (Explanation)
स्वतंत्र बावनी, मूमल व छेले तम्बोलन - तेज कवि (जैसलमेर) द्वारा लिखित है।