भील नृत्य गवरी में लोकभाषा में कविता बोलने वाला पात्र है -
सही उत्तर: झामट्या
व्याख्या (Explanation)
गवरी/राई नृत्य सावन-भादो में किया जाता हैै। यह पुरूष प्रधान लोक नृत्य है। इसकी शुरुआत एक अनुष्ठान से होती है जिसमें देवी पार्वती को भीलों की बहन के रूप में जोड़ा जाता है। माता पार्वती के पात्र गौरी के कारण इसका नाम गवरी पडा, माता पार्वती के पात्र को राई कहते है। शिव को पुरिया / बुढिया (नृत्य का मुख्य पात्र) कहते है। झामट्या नाम का पात्र - कविता बोलता है उसे दोहराने वाला पात्र खटकडिया कहलाता है।
स्रोत: CHEMIST(ARCHIVES DEPT.) COMP. EXAM - 2024