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राजस्थान में नृत्य PYQ in Hindi - पेज 5

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में नृत्य से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 373 प्रश्नों में से यह पेज 5 है।

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होली के अवसर पर पुरुषों और महिलाओं दोनों द्वारा किया जाने वाला निम्नलिखित में से कौन-सा राजस्थान के लोक नृत्य में गोलाकार चाल और लाठी मारना शामिल है -

📋 पूछा गया: Raj Police Constable (Telecommunication) Exam 2025
Aकठपुतली
Bगैर
Cचरी
Dउपर्युक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर: गैर

व्याख्या (Explanation)

गैर राजस्थान का एक लोकप्रिय लोक नृत्य है, जो होली के अवसर पर पुरुषों और महिलाओं द्वारा किया जाता है। इसमें गोलाकार चाल और लाठियों का उपयोग शामिल है।

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स्रोत: Raj Police Constable (Telecommunication) Exam 2025

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तुर्रा कलंगी कयाल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन-I: मेवाड़ के संत शाह अली और तुकनगीर ने 400 साल पहले तुर्रा कलंगी ख्याल की स्थापना की थी। कथन-II : तुर्रा शिव का प्रतीक है और कलंगी पार्वती का प्रतीक है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

📋 पूछा गया: Raj Police Constable (Telecommunication) Exam 2025
Aकथन I और II दोनों सही हैं
Bकेवल कथन II सही है
Cकथन I और II दोनों गलत हैं
Dकेवल कथन I सही है

सही उत्तर: कथन I और II दोनों सही हैं

व्याख्या (Explanation)

तुर्रा कलंगी ख्याल राजस्थान की मेवाड़ क्षेत्र की एक पारंपरिक नाट्य शैली है, जिसकी स्थापना लगभग 400 साल पहले संत शाह अली और तुकनगीर ने की थी। इस शैली में तुर्रा शिव का और कलंगी पार्वती का प्रतीक है, जो इसकी सांस्कृतिक और धार्मिक व्याख्या को दर्शाता है।

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स्रोत: Raj Police Constable (Telecommunication) Exam 2025

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राजस्थान का शिकार नृत्य संबंधित है

📋 पूछा गया: REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-3
Aसहरिया
Bगरासिया
Cकालबेलिया
Dभील

सही उत्तर: सहरिया

व्याख्या (Explanation)

शिकारी नृत्य सहरिया का व्यक्तिगत नृत्य है। यह बारां जिले का प्रसिद्ध लोक नृत्य है।

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स्रोत: REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-3

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‘तेरह ताली नृत्य’ ____ से जुड़ा एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है।

📋 पूछा गया: Rajasthan Patwar Exam 2025 2nd Shift
Aगरासिया जनजाति
Bभील जनजाति
Cगुर्जर
Dकामड़ जाति

सही उत्तर: कामड़ जाति

व्याख्या (Explanation)

तेरहताली नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध धार्मिक लोक नृत्य है। रामदेवजी के भोपे जो कामड़ जाति के होते हैं और यह नृत्य कामड़ जाति की स्त्रियों द्वारा किया जाता है। नृत्य के दौरान नृत्यांगनाएँ अपने शरीर के विभिन्न अंगों पर तेरह मंजीरे बाँधकर कर इस नृत्य को करती है। पुरुष पीछे बैठकर ढोलक, तंदूरा, इकतारा आदि वाद्य-यत्रों की संगत के साथ रामदेवजी के भजन गाते हैं। नर्तकी के दाहिने पैर पर नौ मंजीरे, कोहनी पर दो तथा दो मंजीरे हाथों मे बाँधे जाते हैं। ये मंजीरे लोहे या पीतल के बने होते हैं और नृत्य करते समय ढोलक की ताल के साथ शरीर के विभिन्न अंगों पर बंधे इन मंजीरों को आपस में टकराया जाता है, जिससे मधुर ध्वनि निकलती है।

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स्रोत: Rajasthan Patwar Exam 2025 2nd Shift

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निम्नलिखित में से कौन सा गैर नृत्य में प्रयुक्त वाद्ययंत्र नहीं है -

📋 पूछा गया: Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
Aबांकिया
Bथाली
Cग़ैरिये
Dढोल

सही उत्तर: ग़ैरिये

व्याख्या (Explanation)

गैर राजस्थान का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे होली के समय पुरुष सामूहिक रूप से ढोल, बांकिया और थाली जैसे वाद्य यंत्रों के साथ करते हैं। गोल घेरे में इस नृत्य की संरचना होने के कारण यह ‘घेर’ और कालांतर में ‘गैर’ कहा जाने लगा। नृत्य करने वाले कलाकारों को ‘गैरिया’ कहते हैं।

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स्रोत: Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift

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राजस्थान के निम्नलिखित पारंपरिक नृत्यों में से कौन सा-नृत्य महिलाओं द्वारा सिर पर मटकियों को रखकर किया जाता है -

📋 पूछा गया: Librarian Grade III 2024 (Paper 1)
Aघूमर
Bकालबेलिया
Cभवाई
Dअग्नि नृत्य

सही उत्तर: भवाई

व्याख्या (Explanation)

भवाई राजस्थान का एक पारंपरिक लोक नृत्य है। यह उदयपुर संभाग का सर्वाधिक प्रसिद्ध नृत्य है, जिसे यहाँ रहने वाली ‘भवाई’ जाति के स्त्री-पुरुषों द्वारा किया जाता है। आरंभ में यह नृत्य मेवाड़ क्षेत्र की भवाई जाति के पुरुषों द्वारा सिर पर बहुत से घड़े रखकर किया जाता था, इसलिए इसे ‘मटका नृत्य’ भी कहा जाता था लेकिन भवाई जाति के लोगों द्वारा किये जाने कारण इसका नाम भवई नृत्य पड़ गया। यह मूलतः पुरुषों का नृत्य है लेकिन आजकल महिलाएँ भी इस नृत्य को करती हैं।

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स्रोत: Librarian Grade III 2024 (Paper 1)

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प्रसिद्ध लोक नृत्य घुड़ला, निम्नलिखित में से, राजस्थान के किस क्षेत्र से संबंधित है -

📋 पूछा गया: Livestock Assistant Exam 2025
Aउदयपुर
Bचूरू
Cजोधपुर
Dधौलपुर

सही उत्तर: जोधपुर

व्याख्या (Explanation)

घुड़ला नृत्य जोधपुर में स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला प्रसिद्ध नृत्य है। छिद्रित घड़े में दीपक जलाकर उसे अपने सर पर रखकर महिलाएं नृत्य करती है। इस घड़े को घुड़ला कहा जाता है। घुड़ले को गली-गली घुमाया जाता है। घुड़ला घूमाने वाली महिलाओं को तीजणियां कहा जाता है। जोधपुर के राजा राव सातलदेव की घुड़ला खां पर विजय का प्रतीक घुड़ला उत्सव चैत्र माह में मनाया जाता है।

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स्रोत: Livestock Assistant Exam 2025

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राजस्थान के उदयपुर क्षेत्र में कौन-सा लोक नृत्य अधिक प्रसिद्ध है - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 3 Shift II)
Aढोल नृत्य
Bबमरसिया
Cकालबेलिया
Dभवाई

सही उत्तर: भवाई

व्याख्या (Explanation)

उदयपुर क्षेत्र में भवाई नृत्य अत्यंत प्रसिद्ध है, जिसे यहाँ रहने वाली ‘भवाई’ जाति के स्त्री-पुरुषों द्वारा किया जाता है। आरंभ में यह नृत्य मेवाड़ क्षेत्र की भवाई जाति के पुरुषों द्वारा सिर पर बहुत से घड़े रखकर किया जाता था, इसलिए इसे ‘मटका नृत्य’ भी कहा जाता था लेकिन भवाई जाति के लोगों द्वारा किये जाने कारण इसका नाम भवई नृत्य पड़ गया। यह मूलतः पुरुषों का नृत्य है लेकिन आजकल महिलाएँ भी इस नृत्य को करती हैं।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 3 Shift II)

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राजस्थान के प्रसिद्ध लोक रंगमंच का नाम बताइए। निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 3 Shift II)
Aभवाई
Bदशावतार
Cजात्रा
Dस्वांग

सही उत्तर: भवाई

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान का भवाई लोक रंगमंच ‘स्वांग’ लोक रंगमंच से काफी मिलता-जुलता है और इसकी उत्पत्ति लगभग 13-14वीं शताब्दी में अपभ्रंश जैन धार्मिक छंदों में मानी जाती है। ‘अबुल फ़ज़ल’ ने भी अपनी पुस्तक ‘आइन-ए-अकबरी’ में भवाई के बारे में उल्लेख किया है। बाघा जी राजस्थान में आधुनिक भवाई के जनक थे।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 3 Shift II)

50

नगाड़े के साथ रसिया गायन किस नृत्य से संबंधित है - निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

📋 पूछा गया: Animal Attendant 2023 Exam (December 3 Shift II)
Aबमरसिया नृत्य
Bघूमर नृत्य
Cकालबेलिया नृत्य
Dतेरहताली नृत्य

सही उत्तर: बमरसिया नृत्य

व्याख्या (Explanation)

नगाड़े के साथ रसिया गायन मुख्य रूप से बमरसिया नृत्य से संबंधित है, जो राजस्थान के भरतपुर और अलवर क्षेत्रों में नई फसल के आगमन पर या होली के अवसर पर किया जाने वाला एक पारंपरिक लोक नृत्य है। इसमें एक बड़े नगाड़े (करीब 3 फिट ऊँचा तथा 3-4 फिट व्यास वाला नगाड़ा, जो बम कहलाता है) को खड़े होकर दोनों हाथों से दो मोटे डण्डे लेकर बजाया जाता है। बम वाद्ययंत्र व रसिया गीत के कारण ‘बमरसिया’ कहलाता है।

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स्रोत: Animal Attendant 2023 Exam (December 3 Shift II)

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