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राजस्थान की चित्र शैलियां PYQ in Hindi - पेज 2

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की चित्र शैलियां से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 301 प्रश्नों में से यह पेज 2 है।

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निम्न में से कौन सा चित्रकार जयपुर के महाराजा प्रताप सिंह के राज दरबार में नहीं था -

📋 पूछा गया: Sub Inspector (Telecom) Comp. Exam - 2024 (Paper- II) (G.K and G.S)
Aसाहिब राम
Bराम सेवक
Cमुहम्मद शाह
Dदयाराम

सही उत्तर: मुहम्मद शाह

व्याख्या (Explanation)

जयपुर शैली का प्रारम्भिक विकास सवाई जयसिंह के समय हुआ। जयपुर शैली का स्वर्णकाल सवाई प्रताप सिंह का काल माना जाता है। प्रसिद्ध कलाकार मुहम्मद शाह जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय के दरबारी कलाकार (चित्रकार) थे।

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स्रोत: Sub Inspector (Telecom) Comp. Exam - 2024 (Paper- II) (G.K and G.S)

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निम्नलिखित में से कौन-सी राजस्थानी चित्रकला की मुख्य विशेषताओं में शामिल नहीं है - निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

📋 पूछा गया: RSSB Fourth Class Exam 2024 (20 Sep. 2025 2nd Shift)
Aराजस्थानी चित्रकला का महलों, किलों, मंदिरों और हवेलियों में सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं होता
Bऋतुओं और उनके मानव जीवन पर प्रभाव का श्रृंगारिक चित्रण
Cप्राकृतिक सौंदर्य और नारी सौंदर्य का सजीव चित्रण राजस्थानी चित्रकला को विशिष्ट पहचान देता है
Dचित्रों में ‘भक्ति’ और ‘शृंगार’ दर्शाने में जीवंत रंगों का प्रयोग

सही उत्तर: राजस्थानी चित्रकला का महलों, किलों, मंदिरों और हवेलियों में सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं होता

व्याख्या (Explanation)

इस दृष्टिकोण से राजस्थानी चित्रकला को विशुद्ध रुप से भारतीय चित्रकला कहा जा सकता है। यह भारतीय जन-जीवन के विभिन्न रंगो की वर्षा करता है। विषय-वस्तु की विविधता ने यहाँ की चित्रकला शैलियों को एक उत्कृष्ट स्वरुप प्रदान किया। चित्रकारी के विषय-वस्तु में समय के साथ ही एक क्रमिक परिवर्त्तन देखने को मिलता है। राजस्थानी चित्र शैली का पहला वैज्ञानिक विभाजन आनंद कुमार स्वामी ने किया था। राजस्थानी चित्रकला का महलों, किलों, मंदिरों और हवेलियों में सार्वजनिक प्रदर्शन होता था।

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स्रोत: RSSB Fourth Class Exam 2024 (20 Sep. 2025 2nd Shift)

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आमेर शैली, जयपुर शैली और शेखावाटी शैली की चित्रकला, राजस्थान के निम्नलिखित में से किस चित्रकला शैली से संबंधित हैं -

📋 पूछा गया: RSSB Fourth Class Exam 2024 (19 Sep. 2025 2nd Shift)
Aढूंढाड़ शैली
Bमेवाड़ शैली
Cमारवाड़ शैली
Dहाड़ौती शैली

सही उत्तर: ढूंढाड़ शैली

व्याख्या (Explanation)

ढूंढाड़ शैली जयपुर, आमेर और शेखावाटी क्षेत्र की चित्रकला पर आधारित है। प्राचीन समय में जयपुर और इसके आस-पास का क्षेत्र ढूँढ़ाड़ कहलाता था। जयपुर, शेखावाटी, अलवर के अधिकतर भाग ढूँढ़ाड़ प्रदेश के नाम से आज भी जाने जाते हैं।

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स्रोत: RSSB Fourth Class Exam 2024 (19 Sep. 2025 2nd Shift)

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किशनगढ़ चित्रकला शैली की उस प्रसिद्ध चित्रकृति (पेंटिंग) का नाम बताइए, जिसे एरिक डिकिन्सन द्वारा ‘भारत की मोनालिसा’ कहा गया है -

📋 पूछा गया: RSSB Fourth Class Exam 2024 (19 Sep. 2025 1st Shift)
Aबूंदी रागमाला
Bढोला-मारू
Cरूपमती-बाज़ बहादुर
Dबणी-ठणी

सही उत्तर: बणी-ठणी

व्याख्या (Explanation)

किशनगढ़ की प्रसिद्ध चित्रकृति ‘बणी-ठणी’ को अंग्रेज कला समीक्षक एरिक डिकिन्सन ने “भारत की मोनालिसा” कहा था। यह चित्रकला किशनगढ़ के निहालचंद द्वारा बनाई गई थी।

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स्रोत: RSSB Fourth Class Exam 2024 (19 Sep. 2025 1st Shift)

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बूंदी दुर्ग में ‘रंगविलास’ नामक चित्रशाला का निर्माण किस शासक के काल में हुआ -

📋 पूछा गया: CHEMIST(ARCHIVES DEPT.) COMP. EXAM - 2024
Aराव अर्जुन हाड़ा
Bमहाराव बुद्ध सिंह
Cराव बैरीसाल
Dमहाराव उम्मेद सिंह

सही उत्तर: महाराव उम्मेद सिंह

व्याख्या (Explanation)

महाराव उम्मेदसिंह के शासन काल में चित्रकला का अत्यधिक विकास हुआ। महाराव उम्मेदसिंह के शासनकाल में निर्मित रंगविलास नामक चित्रशाला बूँदी स्कूल ऑफ़ पेंटिंग का श्रेष्ठ उदाहरण है।

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स्रोत: CHEMIST(ARCHIVES DEPT.) COMP. EXAM - 2024

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महाराणा प्रताप के समय में चावण्ड में चित्रित प्रसिद्ध कृति हैं -

📋 पूछा गया: CHEMIST(ARCHIVES DEPT.) COMP. EXAM - 2024
Aढोला-मारू
Bपिछवई
Cरागमाला
Dरामायण

सही उत्तर: ढोला-मारू

व्याख्या (Explanation)

चावण्ड शैली का प्रारम्भिक विकास महाराणा प्रताप के काल में हुआ। चावण्ड चित्र शैली की सर्वाधिक प्रसिद्ध कृति ढोला मारू को माना जाता है।

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स्रोत: CHEMIST(ARCHIVES DEPT.) COMP. EXAM - 2024

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प्रसिद्ध पिछवाई और फड़ चित्रकारी किस पर की जाती है?

📋 पूछा गया: Raj Police Constable Exam 2025 (Shift-2)
Aकाँच
Bचमड़ा
Cकपड़ा
Dलकड़ी

सही उत्तर: कपड़ा

व्याख्या (Explanation)

पिछवाई (मंदिरों में भगवान की छवि के पीछे लगने वाली पेंटिंग) और फड़ (लोक चित्रकला) राजस्थान की पारंपरिक कला है, जो कपड़े पर रंगों से बनाई जाती है।

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स्रोत: Raj Police Constable Exam 2025 (Shift-2)

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पिछवाई चित्रकला किस चित्रकला शैली से संबंधित है -

📋 पूछा गया: Raj Police Constable (Telecommunication) Exam 2025
Aकिशनगढ़
Bनाथद्वारा
Cकोटा
Dउपर्युक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर: नाथद्वारा

व्याख्या (Explanation)

पिछवाई चित्रकला राजस्थान की नाथद्वारा शैली से संबंधित है। यह मुख्य रूप से भगवान श्रीनाथजी (कृष्ण) की भक्ति और पुष्टिमार्ग संप्रदाय से जुड़ी है। ये चित्र कपड़े पर बनाए जाते हैं और मंदिरों में पृष्ठभूमि के रूप में उपयोग किए जाते हैं।

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स्रोत: Raj Police Constable (Telecommunication) Exam 2025

19

‘श्रावकप्रतिक्रमणसूत्रचूर्णि’ नामक चित्रित ग्रंथ का संबंध किस चित्रकला शैली से है -

📋 पूछा गया: REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-3
Aमारवाड़ शैली
Bहाड़ौती शैली
Cमेवाड़ शैली
Dढूंढाड़ शैली

सही उत्तर: मेवाड़ शैली

व्याख्या (Explanation)

‘श्रावकप्रतिक्रमणसूत्रचूर्णि’ एक जैन ग्रंथ है, जो जैन धर्म के अनुष्ठानों और प्रायश्चित से संबंधित है। यह ग्रंथ राजस्थान की मेवाड़ शैली की चित्रकला से जुड़ा है। यह चित्रकार “कमलचंद्र” द्वारा महाराणा “तेज सिंह” के काल में चित्रित किया गया था।

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स्रोत: REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-3

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कमला एवं इलायची नामक महिला चित्रकारों का सम्बंध राजस्थान की किस चित्रकला शैली से है -

📋 पूछा गया: REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-2
Aजोधपुर शैली
Bकिशनगढ़ शैली
Cनाथद्वारा शैली
Dबून्दी शैली

सही उत्तर: नाथद्वारा शैली

व्याख्या (Explanation)

कमला और इलाइची नाथद्वारा चित्रकला शैली की प्रमुख महिला चित्रकार हैं। नाथद्वारा चित्रकारी राजस्थान राजसमंद जिले के नाथद्वारा में विकसित चित्रकारी की एक परम्परा है।

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स्रोत: REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-2

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