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राजस्थान की चित्र शैलियां PYQ in Hindi - पेज 3

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की चित्र शैलियां से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 301 प्रश्नों में से यह पेज 3 है।

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बनी-ठनी राजस्थान की किस चित्रकला शैली से संबंधित है -

📋 पूछा गया: Prahari 2024 Shift 1
Aमारवाड़
Bकिशनगढ़
Cबीकानेर
Dकोटा

सही उत्तर: किशनगढ़

व्याख्या (Explanation)

बनी-ठनी राजस्थान की किशनगढ़ चित्रकला शैली से संबंधित है। बणी-ठणी राजस्थानी शब्द का अर्थ है - सजी-धजी या सजी-संवरी। किशनगढ़ शैली के खोजकर्ता एरिक डिक्सन व डॅा. फैयाज अली।

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स्रोत: Prahari 2024 Shift 1

22

अलवर के राजा बलवंत सिंह के समय ‘दुर्गा सप्तशती’ का चित्रण किस चित्रकार ने किया था -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-E)
Aछोटेलाल एवं सालिगराम
Bजमुनादास एवं नंदराम
Cडालूराम एवं शिवकुमार
Dबलदेव एवं बकसाराम

सही उत्तर: छोटेलाल एवं सालिगराम

व्याख्या (Explanation)

अलवर के राजा बलवंत सिंह (लगभग 1815-1857 ई.) के शासनकाल में, ‘दुर्गा सप्तशती’ का चित्रण प्रसिद्ध चित्रकार छोटेलाल एवं सालिगराम ने किया था।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-E)

23

“भागवत पुराण का पारिजात अवतरण” किस मेवाड़ चित्रकार की कृति है -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-D)
Aनाना राम
Bउदयसिंह
Cबाना राम
Dरामसिंह

सही उत्तर: नाना राम

व्याख्या (Explanation)

यह चित्र मेवाड़ शैली के प्रसिद्ध चित्रकार नाना राम की कृति है, जो भागवत पुराण के पारिजात अवतरण को दर्शाता है।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-D)

24

निम्नलिखित में से किस शासक के काल में साहिबराम ने ‘आदमकद चित्र’ बनाने की परम्परा की शुरुआत की -

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)
Aअनिरुद्ध सिंह, बूँदी
Bरामसिंह, कोटा
Cविनयसिंह, अलवर
Dईश्वरी सिंह, जयपुर

सही उत्तर: ईश्वरी सिंह, जयपुर

व्याख्या (Explanation)

मुहम्मद शाह और साहिब राम राजस्थान चित्रकला के जयपुर स्कूल के प्रसिद्ध चित्रकार थे। साहिबराम ने जयपुर के शासक ईश्वरी सिंह के काल में आदमकद चित्र बनाने की परंपरा शुरू की। सवाई ईश्वरीसिंह (1743-1750) के समय धार्मिक व साहित्य विषयों के अलावा दैनिक विषय जैसे हाथी की सवारी, सूअर और बाघ का शिकार हाथियों की लड़ाई के चित्र विशेष रूप से बने । सवाई माधोसिंह के समय दरबारी जीवन का चित्रण हुआ।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-C)

25

मेवाड़ के अमर सिंह I के कार्यकाल में रागमाला चित्रित करने वाले चित्रकार का नाम बताइए।

📋 पूछा गया: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-B)
Aनिसारदीन
Bसाहबदीन
Cमनोहर
Dसारंगधर

सही उत्तर: निसारदीन

व्याख्या (Explanation)

मेवाड़ शैली की उत्पत्ति सामान्यतया 1605 ई. में निसारदीन द्वारा चुनार में चित्रित रागमाला चित्रों से मानी जाती है। इन चित्रों के अंतिम पृष्ठ पर दिए विवरण द्वारा उक्त महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।

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स्रोत: SCHOOL LECTURER (SCHOOL EDU.) 2024 GA and GS (G-B)

26

कॉलम I में चित्रकारी को कॉलम II में चित्रकारी की शैली से मिलान कीजिए। कॉलम I (चित्रकारी) कॉलम II (चित्रकारी की शैली) 1. भागवत पुराण का ‘पारिजात अवतरण’ a. जोधपुर 2. ‘अजारा की ओवरी’ वॉल पेंटिंग b. बीकानेर 3. ‘चोखेलाव महल’ c. जैसलमेर 4. ‘उस्ता कला’ d. मेवाड़ 5. ‘मूमल’ e. देवगढ़ निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:

📋 पूछा गया: Junior Instructor (PLM) Exam 2024
A1-c, 2-d, 3-e, 4-a, 5-b
B1-a, 2-b, 3-c, 4-d, 5-e
C1-e, 2-b, 3-d, 4-c, 5-a
D1-d, 2-e, 3-a, 4-b, 5-c

सही उत्तर: 1-d, 2-e, 3-a, 4-b, 5-c

व्याख्या (Explanation)

भागवत पुराण का ‘पारिजात अवतरण’: मेवाड़ शैली ‘अजारा की ओवरी’ वॉल पेंटिंग: देवगढ़ शैली ‘चोखेलाव महल’: जोधपुर शैली ‘उस्ता कला’: बीकानेर शैली ‘मूमल’: जैसलमेर शैली

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स्रोत: Junior Instructor (PLM) Exam 2024

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राजस्थान की किस चित्रकला शैली में माथेराण परिवार का योगदान सर्वाधिक माना जाता है -

📋 पूछा गया: PTI and Librarian (Sanskrit College Edu.) - 2024 (General Studies of Rajasthan)
Aजयपुर शैली
Bजोधपुर शैली
Cकोटा शैली
Dबीकानेर शैली

सही उत्तर: बीकानेर शैली

व्याख्या (Explanation)

बीकानेर स्थाना काल (1545 वि.सं.) से लेकर वर्तमान समय तक बीकानेर में एक कलाकार वर्ग अस्तित्व में रहा है जिसका सम्बन्ध दरबारी वर्ग से लेकर समाज के प्रत्येक समुदाय से यहां तक की छोटे से छोटे समुदाय के साथ ना केवल घनिष्ठ कलात्मक रिश्ता रहा है बल्कि उनका और उनकी कला का समाज में वर्चस्व भी रहा है। यह वर्ग राजस्थानी कला समाज में ‘मथेरी’, ‘मथेन’, ‘मत्थेन’, ‘मथेरण’ जाति विशेषण से संबोधित किया जाता रहा है। जिनका मुख्य कार्य चित्रकारी करना रहा है और यह इनकी आजीविका का मुख्य साधन रहा है। इस वर्ग से अपनी कला को मथेरण कला के नाम से अभिहित किया जाने लगा और यही नाम कालान्तर में रूढ़ हो गया।

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स्रोत: PTI and Librarian (Sanskrit College Edu.) - 2024 (General Studies of Rajasthan)

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कॉलम I में राजस्थानी चित्रकला की स्कूल को कॉलम II में चित्रकला की शैली से मिलान कीजिए। कॉलम I (राजस्थानी चित्रकला की स्कूल) कॉलम II (चित्रकला की शैली) 1. हाड़ौती स्कूल a. शेखावाटी शैली 2. ढूंढाड़ स्कूल b. चावंड शैली 3. मारवाड़ स्कूल c. कोटा शैली 4. मेवाड़ स्कूल d. जैसलमेर शैली निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनेंः

📋 पूछा गया: Junior Instructor (STE) Exam 2024
A1-d, 2-c, 3-b, 4-a
B1-b, 2-c, 3-а, 4-d
C1-a, 2-b, 3-d, 4-с
D1-c, 2-a, 3-d, 4-b

सही उत्तर: 1-c, 2-a, 3-d, 4-b

व्याख्या (Explanation)

हाड़ौती स्कूल: कोटा शैली से संबंधित। ढूंढाड़ स्कूल: शेखावाटी शैली से संबंधित। मारवाड़ स्कूल: जैसलमेर शैली से संबंधित। मेवाड़ स्कूल: चावंड शैली से संबंधित।

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स्रोत: Junior Instructor (STE) Exam 2024

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निम्न में से बूँदी के किस शासक का श्रीनाथजी की सेवा करते हुए चित्रांकन बूँदी के महल में स्थित चित्रशाला में है -

📋 पूछा गया: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024
Aराम सिंह
Bछत्रशाल
Cउम्मेद सिंह
Dभाव सिंह

सही उत्तर: उम्मेद सिंह

व्याख्या (Explanation)

बूँदी के महल की चित्रशाला में श्रीनाथजी की सेवा करते हुए उम्मेद सिंह का चित्रांकन मौजूद है। चित्रशाला बूंदी में उम्मेद भवन का हिस्सा है, जिसका नाम इसके संरक्षक राव उम्मेद सिंह के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने इसे 18 वीं शताब्दी में बनवाया था।कृष्ण और अन्य देवताओं की कहानियों के अलावा, चित्रों में रागमाला (भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रतिनिधित्व), शाही जुलूस, दरबार के दृश्य आदि भी चित्रित किए गए हैं।चित्रकला मुगल लघुचित्रों और पेंटिंग के मेवाड़ स्कूल के प्रभाव को दर्शाती हैं।

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स्रोत: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024

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लाडली दास निम्न में से किस चित्रकला, शैली का चित्रकार था -

📋 पूछा गया: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022
Aकिशनगढ़
Bजैसलमेर
Cबूंदी
Dअलवर

सही उत्तर: किशनगढ़

व्याख्या (Explanation)

किशनगढ़ के 13 वें नरेश कल्याण सिंह (1798-1832) के समय में गीतगोविंद को लाडली दास ने 1820 ईस्वी में चित्रित किया था।

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स्रोत: RPSC EO/RO Re-Exam - 2022

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