भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य के मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल, जिम्मेदारी. योग्यता, वेतन और भत्तों से संबंधित है -
सही उत्तर: अनुच्छेद 164
स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 1st shift
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राज्य विधान मंडल से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 159 प्रश्नों में से यह पेज 10 है।
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य के मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल, जिम्मेदारी. योग्यता, वेतन और भत्तों से संबंधित है -
सही उत्तर: अनुच्छेद 164
स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 1st shift
राज्य विधान परिषद् के उत्सादन के लिए राज्य विधानसभा द्वारा संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत स्वीकृत संकल्प के बारे में निम्नांकित में से कौनसा कथन सही है -
सही उत्तर: केन्द्र सरकार पर कोई बाध्यता अधिरोपित नहीं करता है कि वह संसद में विधि निर्माण हेतु कार्यवाही करें।
स्रोत: RPSC Ras Pre. Exam 2021
‘राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों के अनुसार निम्नांकित में से कौन से विभाग के प्राक्कलन, प्राक्कलन समिति ‘क’ के नियंत्रणाधीन नहीं है -
सही उत्तर: गृह विभाग
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान विधान सभा ने 1956 में सदन और उसकी समितियों के कार्य को विनियमित करने के लिए राजस्थान विधान सभा में ‘प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियम’ बनाए। नियमानुसार राजस्थान विधान सभा के एक कलैण्डर वर्ष में कम से कम तीन सत्र होंगे। सदन के कार्य का निर्णय कार्य मंत्रणा समिति की अनुशंसा पर सदन द्वारा किया जाता है। राजस्थान विधान सभा में, 22 स्थायी समितियाँ हैं, जिनमें से चार वित्तीय हैं और शेष विभिन्न अन्य विषयों से संबंधित हैं। वित्तीय समितियाँ हैं - लोक लेखा समिति सार्वजनिक उपक्रम समिति दो अनुमान समितियां दो अनुमान समितियों को सौंपा गया काम यह रिपोर्ट करना है कि कौन सी अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं और किसी विशेष संगठन में क्या सुधार किए जा सकते हैं। प्रशासन में दक्षता और मितव्ययिता लाने के लिए समितियाँ वैकल्पिक नीतियों का भी सुझाव देती हैं। गृह विभाग के अनुमान प्राक्कलन समिति ‘A’ के नियंत्रण में नहीं आते हैं।
स्रोत: RPSC Ras Pre. Exam 2021
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है - 1. राजस्थान राज्य विधानसभा के पहले अध्यक्ष नरोत्तम लाल जोशी थे। 2. सबसे लंबे समय तक राजस्थान राज्य विधानसभा की सेवा करने वाले अध्यक्ष श्री रामनिवास मिर्धा थे। 3. सी पी जोशी राजस्थान राज्य विधानसभा के वर्तमान अध्यक्ष हैं। 4. सुमित्रा महाजन राजस्थान राज्य विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष थीं।
सही उत्तर: केवल 4
भारत के किसी राज्य की विधान सभा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. भारत में राज्य विधानसभाओं के संगठन में पूर्ण एकरूपता है। 2. विधान सभा में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर जनता द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने गए प्रतिनिधि होते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
सही उत्तर: न तो 1 और न ही 2
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राज्य विधान सभा का कार्यकाल संसद के एक कानून द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की अवधि के दौरान एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है, लेकिन अधिकतम केवल 3 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है। 2. राज्यपाल पांच वर्ष पूरे होने से पहले ही किसी भी समय राज्य विधानसभा को भंग करने के लिए अधिकृत है। 3. राज्य विधान परिषद विघटन के अधीन नहीं है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
सही उत्तर: केवल 2 और 3
राजस्थान विधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष कौन बनी -
सही उत्तर: सुमित्रा सिंह
व्याख्या (Explanation)
सुमित्रा सिंह राजस्थान विधान सभा की प्रथम महिला अध्यक्षा है। सुमित्रा सिंह का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिले में हुआ था। वो भारतीय जनता पार्टी की नेत्री है। वे वर्ष 1957 में पिलानी से अखिल भारतीय कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनीं। सुमित्रा सिंह को 2003 में 12वीं राजस्थान विधानसभा के स्पीकर के रूप में चुना गया था। वह 2009 तक राजस्थान की स्पीकर का पद संभालने वाली पहली महिला थीं।वह भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुईं थी और उनका निर्वाचन क्षेत्र जूनागढ़ था।
विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है -
सही उत्तर: 6 वर्ष
संविधान के अनुच्छेद 170 के अनुसार प्रत्येक राज्य की विधानसभा(निम्न सदन) में अधिकतम कितने सदस्य हो सकते हैं -
सही उत्तर: 500
सन् 1952 के परिसीमन आयोग ने राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या कितनी निर्धारित की थी -
सही उत्तर: 160
व्याख्या (Explanation)
प्रथम राजस्थान विधान सभा (1952-1957) का उद्घाटन 31 मार्च 1952 को हुआ। इसमें 160 सदस्य थे। 1957 में 160 सदस्यों को बढ़ाकर 176 किया गया था तथा 1967 में सीटों को बढ़ा कर 184 कर दिया था और 1977 में 184 से बढ़ा कर 200 कर दिया गया तथा 2026 तक 200 ही रखा जाएगा।