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राजस्थान की जलवायु PYQ in Hindi - पेज 12

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की जलवायु से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 301 प्रश्नों में से यह पेज 12 है।

111

कितने सेंटीमीटर की समवर्षा रेखा राजस्थान राज्य की भूमि को लगभग दो बराबर भागों में बाँटती है -

A75
B100
C50
D25

सही उत्तर: 50

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान को 50 सेमी. रेखा दो भागों में बांटती है। 50 सेमी. वर्षा रेखा की उत्तर-पश्चिम में कम होती है। जबकि दक्षिण पूर्व में वर्षा अधिक होती है। यह 50 सेमी. मानक रेखा अरावली पर्वत माला को माना जाता है।

112

राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी मानसून ऋतु की अवधि रहती है-

Aजून से सितम्बर
Bजुलाई से अक्टूबर
Cमई से सितम्बर
Dजून से अक्टूबर

सही उत्तर: जून से सितम्बर

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में मध्य जून से सितम्बर तक वर्षा ऋतु होती है।

113

जून से सितम्बर माह में वर्षा में अधिकतम भिन्नता ______ जिले में अभिलिखित की जाती है।

Aजैसलमेर
Bबीकानेर
Cश्रीगंगानगर
Dजालौर

सही उत्तर: जैसलमेर

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा की विषमता वाला जिला - बाड़मेर और जैसलमेर

114

निम्नलिखित में से राजस्थान का कौन सा क्षेत्र मानसून के अरब सागर शाखा से अधिकतम वर्षा प्राप्त करता है -

Aउत्तर तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र
Bपूर्वी क्षेत्र
Cमध्य अरावली
Dदक्षिण तथा दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र

सही उत्तर: दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र

व्याख्या (Explanation)

अरब सागरीय मानसुन हवाओं से राज्य के दक्षिण व दक्षिण पूर्वी जिलों में पर्याप्त वर्षा हो जाती है। राजस्थान में सर्वप्रथम अरबसागर का मानसून प्रवेश करता है। यह मानसून राजस्थान के दक्षिणी-पश्चिमी दिशा से प्रवेश करता है यह मानसून राजस्थान में अधिक वर्षा नहीं कर पाता क्योंकि यह अरावली पर्वतमाला के समान्तर निकल जाता है।

115

राज्य के किस जिले में वर्षा के वितरण में सर्वाधिक वर्षा - परिसर देखने को मिलता है -

Aराजसमन्द
Bसिरोही
Cअलवर
Dकोटा

सही उत्तर: कोटा

व्याख्या (Explanation)

उपरोक्‍त जिलों में कोटा में सर्वाधिक वर्षा देखने को मिलती है। कोटा आर्द्र से अतिआर्द्र जलवायु प्रदेश के अंतर्गत आता है।

116

किसी भी क्षेत्र को न्यूनतम सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के लिए कितनी वार्षिक, वर्षा की मात्रा होनी चाहिए -

A70 से 100 से.मी.
B40 से 50 से.मी.
C60 से 80 से.मी.
D30 से 40 से.मी.

सही उत्तर: 70 से 100 से.मी.

व्याख्या (Explanation)

न्यूनतम सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के लिए वार्षिक 70 से 100 से.मी. वर्षा की मात्रा होनी चाहिए।

117

Bwhw से अभिप्राय है -

Aशुष्क शीतऋतु जलवायु
Bशुष्क उष्ण मरुस्थली जलवायु
Cआर्द्र जलवायु
Dअति आर्द्र जलवायु

सही उत्तर: शुष्क उष्ण मरुस्थली जलवायु

व्याख्या (Explanation)

कोपेन जलवायु वर्गीकरण राजस्थान के संबंध में जलवायु को चार मुख्य जलवायु समूहों में विभाजित करता है, प्रत्येक समूह को वनस्पति के आधार पर विभाजित किया गया है। Aw उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु प्रदेश - डूंगरपुर, सलूम्बर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा व दक्षिणी चित्तौड़ तथा झालावाड़ Bshw अर्द्ध शुष्क कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश - अरावली के पश्चिम का क्षेत्र Bwhw उष्ण कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश - जैसलमेर, फलौदी, बीकानेर, अनुपगढ़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ तथा चूरू जिले का कुछ क्षेत्र Cwg उप आर्द्र जलवायु प्रदेश - पूर्वी और मध्य राजस्थान का अरावली से पूर्व का भाग

118

थार्नवेट के अनुसार, DA’w जलवायु प्रदेश के अंतर्गत निम्न में से कौन से जिले आते हैं -

Aसिरोही, पाली, अजमेर
Bगंगानगर, जयपुर
Cबीकानेर, चूरू
Dजोधपुर, कोटा

सही उत्तर: सिरोही, पाली, अजमेर

व्याख्या (Explanation)

थार्नवेट ने जलवायु वर्गीकरण के लिए वाष्पोत्सर्जन, वनस्पति, वाष्पीकरण मात्रा, वर्षा व तापमान को आधार लिया। राजस्थान में थार्नवेट का जलवायु वर्गीकरण अधिक मान्य है। CA’w या उपआर्द्र जलवायु प्रदेश DA’ w या उष्ण आर्द्र जलवायु प्रदेश DB’w या अर्द्ध शुष्क जलवायु प्रदेश EA’d या उष्ण शुष्क कटिबन्धीय मरुस्थलीय जलवायु

119

Bwhw जलवायु प्रदेश में कौनसे जिले आते हैं -

Aजयपुर, दौसा, अलवर
Bजैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर
Cकोटा, बूंदी, झालावाड़
Dनागौर, पाली, जालौर

सही उत्तर: जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर

व्याख्या (Explanation)

डा.ब्लादीमीर कोपेन जर्मनी के वैज्ञानिक थे, जिन्होंने सर्वप्रथम 1918 में विश्व की जलवायु का वर्गीकरण किया। कोपेन जलवायु वर्गीकरण राजस्थान के संबंध में जलवायु को चार मुख्य जलवायु समूहों में विभाजित करता है, प्रत्येक समूह को वनस्पति के आधार पर विभाजित किया गया है। Aw उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु प्रदेश - डूंगरपुर, सलूम्बर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा व दक्षिणी चित्तौड़ तथा झालावाड़ Bshw अर्द्ध शुष्क कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश - अरावली के पश्चिम का क्षेत्र Bwhw उष्ण कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश - जैसलमेर, फलौदी, बीकानेर, अनुपगढ़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ तथा चूरू जिले का कुछ क्षेत्र Cwg उप आर्द्र जलवायु प्रदेश - पूर्वी और मध्य राजस्थान का अरावली से पूर्व का भाग

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कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, गंगानगर जिले में किस प्रकार की जलवायु पायी जाती है -

ABshw
BBwhw
CAw
DCwg

सही उत्तर: Bwhw

व्याख्या (Explanation)

डा.ब्लादीमीर कोपेन जर्मनी के वैज्ञानिक थे, जिन्होंने सर्वप्रथम 1918 में विश्व की जलवायु का वर्गीकरण किया। कोपेन जलवायु वर्गीकरण राजस्थान के संबंध में जलवायु को चार मुख्य जलवायु समूहों में विभाजित करता है, प्रत्येक समूह को वनस्पति के आधार पर विभाजित किया गया है। Aw उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु प्रदेश - डूंगरपुर, सलूम्बर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा व दक्षिणी चित्तौड़ तथा झालावाड़ Bshw अर्द्ध शुष्क कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश - अरावली के पश्चिम का क्षेत्र Bwhw उष्ण कटिबंधीय शुष्क जलवायु प्रदेश - जैसलमेर, फलौदी, बीकानेर, अनुपगढ़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ तथा चूरू जिले का कुछ क्षेत्र Cwg उप आर्द्र जलवायु प्रदेश - पूर्वी और मध्य राजस्थान का अरावली से पूर्व का भाग

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