राजस्थानी संस्कृति में ‘औलंदी’ क्या है -
सही उत्तर: नववधु के साथ जाने वाली लड़की
व्याख्या (Explanation)
“राजस्थानी संस्कृति में औलंदी” का उपयोग नवविवाहित दुल्हन के साथ जाने वाली लड़की या महिलाओं के लिए किया जाता है।
स्रोत: Gram Sevak 2016
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में रीति -रिवाज एवं प्रथाएं से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 140 प्रश्नों में से यह पेज 12 है।
राजस्थानी संस्कृति में ‘औलंदी’ क्या है -
सही उत्तर: नववधु के साथ जाने वाली लड़की
व्याख्या (Explanation)
“राजस्थानी संस्कृति में औलंदी” का उपयोग नवविवाहित दुल्हन के साथ जाने वाली लड़की या महिलाओं के लिए किया जाता है।
स्रोत: Gram Sevak 2016
बढ़ार का भोजन निम्न में से किस अवसर पर रखा जाता है -
सही उत्तर: विवाह
कौनसा संस्कार मनुष्य जिवन का अंतिम संस्कार माना जाता है -
सही उत्तर: अंत्येष्टि
मोसर क्या है -
सही उत्तर: राजस्थान में मृत्यु भोेज की प्रथा
घर से शमशान तक अर्थी या बैकुण्ठी की दिशा परिवर्तन करते है उसे क्या कहते है -
सही उत्तर: आधेटा
व्याख्या (Explanation)
आधेटा - मृत व्यक्ति की शैया को रास्ते में किसी चौराहे पर पासे पल्टे जाते है।
राजस्थान क ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह के भोजन के लिए जौ के आटे में छाछ मिलाकर बनाया जाने वाला भोजन कहलाता है -
सही उत्तर: राब
जागीरदारों में पहले लोग अपनी शादी में दहेज के साथ में कुछ कुंआरी कन्याएं भी देते थे इसे किस नाम से पुकार जाता था -
सही उत्तर: डावड़ी
व्याख्या (Explanation)
डावरिया : राजस्थान में शासक समुदाय अपनी लड़की की शादी में दहेज के साथ कुंवारी कन्याएँ भी साथ भेजते थे उन्हें ‘डावरिया’ कहा जाता था।
तोरण मारना किसका प्रतिक है -
सही उत्तर: विजय का
व्याख्या (Explanation)
तोरण मारना विजय का प्रतीक माना जाता है। यह प्राचीन काल से एक परंपरा रही है, जहाँ युद्ध या किसी महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद विजेता पक्ष तोरण (मंडप या द्वार पर सजावट) लगाकर अपनी जीत का जश्न मनाता था।
स्त्री पुरूषों को दासों के रूप में रखने की परम्परा को क्या कहा जाता था -
सही उत्तर: गोला
आदिवासी लोंगों में प्रचलित लीला-मेरिया संस्कार का संबंध है-
सही उत्तर: विवाह से
व्याख्या (Explanation)
लीला मोरिया संस्कार - आदिवासियों में प्रचलित विवाह से संबंधित संस्कार है।