राजस्थान के रीति-रिवाजों में ‘मौसर’ किसे कहा जाता है -
सही उत्तर: मृत्यु-भोज
स्रोत: VDO Exam 1st Shift 28 Dec 2021
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में रीति -रिवाज एवं प्रथाएं से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 140 प्रश्नों में से यह पेज 4 है।
राजस्थान के रीति-रिवाजों में ‘मौसर’ किसे कहा जाता है -
सही उत्तर: मृत्यु-भोज
स्रोत: VDO Exam 1st Shift 28 Dec 2021
सती (रोकथाम) अधिनियम को किस वर्ष राजस्थान सरकार द्वारा कब लागू किया गया था -
सही उत्तर: 1987 में
मोकाण की रस्म का संबंध है -
सही उत्तर: मृत्य की रस्म से
राजस्थान के रीति – रिवाजों में ‘आंणौ’ क्या है -
सही उत्तर: विवाह के पश्चात् दुल्हन को दूसरी बार ससुराल भेजना
व्याख्या (Explanation)
आणौ को गौना/मुकलावा के नाम से भी जाना जाता है। गौना/मुकलावा/आणौ विवाह के समय बालिग होने पर वधू को वर के घर भेजने की रस्म को गौना या मुकलावा कहते हैं।
राजस्थानी संस्कृति में ‘जांनोटण’ क्या है -
सही उत्तर: वर-पक्ष की ओर से दिया जाने वाला भोज
व्याख्या (Explanation)
जांनोटण : वर-पक्ष की ओर से दिया जाने वाला भोज
स्रोत: Gram Sevak 2016
किस संस्कार को यज्ञोपवीत संस्कार भी कहते हैं -
सही उत्तर: उपनयन
व्याख्या (Explanation)
सनातन हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में से एक ‘उपनयन संस्कार’ के अंतर्गत ही जनेऊ पहनी जाती है जिसे ‘यज्ञोपवीत संस्कार’ भी कहते हैं। इस संस्कार में मुंडन और पवित्र जल में स्नान भी अहम होते हैं।
बढ़ार भोज किस अवसर पर रखा जाता है -
सही उत्तर: विवाह के समय
व्याख्या (Explanation)
विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष की ओर से भोज दिया जाता है, इसे बढ़ार का भोज कहते हैं।
राजस्थान में ‘सामेला’ शब्द किस अवसर पर प्रयुक्त होता है -
सही उत्तर: विवाह के समय
निम्नलिखित में से कौन सा संस्कार जन्म से संबंधित है -
सही उत्तर: जडूला
अप्रैल, 1930 में बाल विवाह निरोधक कानून के प्रणेता कौन थे -
सही उत्तर: रायबहादुर हरविलास
व्याख्या (Explanation)
बाल विवाह निरोध अधिनियम, 1929 28 सितंबर 1929 को भारतीय शाही विधान परिषद में लड़कियों की शादी की उम्र 14 साल और लड़कों की 18 साल तय करने के लिए पारित किया गया था। इसके प्रमुख प्रस्तावक राय बहादुर हरबिलास सारदा के अस्तित्व में आने के बाद इसे शारदा अधिनियम के रूप में जाना जाता है। यह 1 अप्रैल 1930 को प्रभावी हुआ। हर बिलास सारदा एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे।