निम्नलिखित में से कौन-सा दुर्ग कालीसिंध और आहू नदियों के संगम पर अवस्थित है -
सही उत्तर: गागरोन दुर्ग
व्याख्या (Explanation)
गागरोन दुर्ग (Gagron Fort) झालावाड़ जिले में कालीसिंध और आहू नदियों के संगम पर स्थित है।
स्रोत: Platoon Commander Exam 2025
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में स्थापत्य कला से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 634 प्रश्नों में से यह पेज 3 है।
निम्नलिखित में से कौन-सा दुर्ग कालीसिंध और आहू नदियों के संगम पर अवस्थित है -
सही उत्तर: गागरोन दुर्ग
व्याख्या (Explanation)
गागरोन दुर्ग (Gagron Fort) झालावाड़ जिले में कालीसिंध और आहू नदियों के संगम पर स्थित है।
स्रोत: Platoon Commander Exam 2025
सिवाणा के किले का निर्माण किसने करवाया -
सही उत्तर: वीरनारायण पंवार
व्याख्या (Explanation)
सिवाणा किला (बाड़मेर) का निर्माण 10वीं शताब्दी में वीरनारायण पंवार (परमार राजा भोज के पुत्र) ने करवाया। उस समय परमार बहुत शक्तिशाली थे और उनका एक विशाल क्षेत्र पर आधिपत्य था, जिसमें मालवा, चंद्रावती, जालोर, किराड़ू, आबू सहित अनेक प्रदेश शामिल थे।
स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - D)
प्रतिहारों के शासन काल में किस स्थापत्य शैली का विकास हुआ -
सही उत्तर: महामारू
व्याख्या (Explanation)
प्रतिहार वंश (8वीं-11वीं शताब्दी) के शासनकाल में महामारू स्थापत्य शैली का विकास हुआ, जो राजस्थान और गुजरात में प्रचलित थी।
स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - C)
निम्नलिखित में से राजस्थान के किस किले पर कभी बाहरी आक्रमण नहीं हुआ -
सही उत्तर: जयगढ़ किला
व्याख्या (Explanation)
जयगढ़ किला जयपुर में स्थित है और इसे कभी बाहरी आक्रमण नहीं झेलना पड़ा। यह आमेर किले के ऊपर बना है और मुख्य रूप से तोपखाने और हथियारों के भंडार के रूप में इस्तेमाल होता था। किले को विद्याधर नाम के एक वास्तुकार द्वारा डिजाइन किया गया था, और इसे जयपुर शहर की समृद्ध संस्कृति को चित्रित करने के लिए बनाया गया था।
स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - C)
निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता बाडोली के मंदिर की नहीं है -
सही उत्तर: सादगीपूर्ण छतें
व्याख्या (Explanation)
बाडोली के मंदिर (राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित 8वीं-9वीं शताब्दी के प्राचीन मंदिर) अपनी जटिल नक्काशी के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें नारी की सुंदर मूर्तियां (जैसे अप्सराएं), स्तंभों पर उत्कृष्ट उत्कीर्ण कला, और पंचायतन शैली (पांच मंदिरों का समूह) मौजूद है। लेकिन छतें सादगीपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे अलंकृत और जटिल नक्काशी वाली हैं।
स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - B)
निम्नलिखित में से किस दुर्ग में सूरज-प्रकाश, खुशहाल-प्रकाश, लक्ष्मी-प्रकाश और बसन्त-प्रकाश नामक भवन स्थित हैं -
सही उत्तर: नाहरगढ़
व्याख्या (Explanation)
आमेर और जयपुर के मध्य उत्तर से दक्षिण की ओर विस्तृत अरावली पर्वतमाला के एक छोर पर जयगढ़ व दूसरे पर नाहरगढ़ दुर्ग अवस्थित है। पहले इस किले का नाम सुदर्शनगढ़ था जिसे बाद में बदलकर नाहरगढ़ रखा गया। किले को जयसिंह द्वितीय ने सन् 1734 में बनवाया था। जो एक विशाल दीवार द्वारा जयगढ़ किले से जुड़ा हुआ है। सवाई माधोसिंह ने नौ पासवानों (प्रेयसियो) के नाम पर यहां नौ इकमंजिलें और दुमंजिलें महलों का निर्माण करवाया। ये सभी नौ महल एक जैसे हैं। इन्हें “विक्टोरिया शैली” में बनवाया गया है। नौ महलो के नाम - सूरज प्रकाश, खुशहाल प्रकाश, जवाहर प्रकाश, ललित प्रकाश, आनंद प्रकाश, लक्ष्मी प्रकाश, चांद प्रकाश, फूल प्रकाश, बसंत प्रकाश। कदाचित् ये सभी महल नौ पासवानों के नाम पर है।
स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - A)
देलवाड़ा के मंदिर समर्पित हैं - (A) आदिनाथ को (B) नेमीनाथ को (C) पार्श्वनाथ को सही विकल्प चुनिए -
सही उत्तर: सभी (A), (B) और (C)
व्याख्या (Explanation)
दिलवाड़ा मंदिर या देलवाडा मंदिर, पाँच मंदिरों का एक समूह है सिरोही जिले के माउंट आबू नगर में स्थित हैं। इन मंदिरों का निर्माण ग्यारहवीं और तेरहवीं शताब्दी के बीच हुआ था। इनका निर्माण 11वीं और 16वीं शताब्दी के बीच किया गया था और सबसे पहले गुजरात के चालुक्य शासकों के मंत्रियों द्वारा बनावाए गए थे। यह शानदार मंदिर जैन धर्म के र्तीथकरों को समर्पित हैं। प्रत्येक मंदिर जैन तीर्थंकरों में से एक को समर्पित है। मंदिर तीर्थंकर विमल वसाही आदिनाथ लूना वसाही नेमिनाथ पित्तलहार मंदिर आदिनाथ पार्श्वनाथ मंदिर पार्श्वनाथ महावीर स्वामी मंदिर महावीर
स्रोत: Agriculture Dept. Exam - 2024
‘अललपंख’ नामक प्रतिमा मूल रूप से किस दुर्ग में स्थित थी -
सही उत्तर: शाहबाद
व्याख्या (Explanation)
अललपंख (दो पंख वाले हाथी की विशाल प्रतिमा) मूल रूप से शाहबाद दुर्ग (बारां जिले) के बादल महल के दरवाजों पर स्थित थी। राजा मुकुटमणि देव ने 1521 में किला और यहां का नगर बसाया था।
स्रोत: Sub Inspector (Telecom) Comp. Exam - 2024 (Paper- II) (G.K and G.S)
राजस्थान के किस स्थान पर जसवंत थड़ा स्थित है -
सही उत्तर: जोधपुर
व्याख्या (Explanation)
जसवंत थड़ा , राठौड़ वंश के 33वें शासक, महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय का स्मारक है। उनके पुत्र, महाराजा सरदार सिंह द्वारा 1899 में बनवाया गया, जसवंत थड़ा आपको अपनी प्राचीन संगमरमर की दीवारों के भीतर राजस्थान के गौरवशाली अतीत को देखने के लिए आमंत्रित करता है।
स्रोत: Village Development Officer Exam 2025
राजस्थान के किस किले में राजा द्वारा अपनी रानियों के लिए बनवाए गए नौ एक जैसे कमरे मिलते हैं -
सही उत्तर: नाहरगढ़ किला
व्याख्या (Explanation)
जय सिंह द्वितीय ने अपनी राजधानी की सुरक्षा के लिए किलेबंद चोटियों की एक शृंखला बनाने की योजना बनाई। इसलिए उन्होंने 1734 में नाहरगढ़ के किले का निर्माण करवाया। शहर के निकट स्थित, इस भव्य किले की दीवारें, पास के जयगढ़ के किले, और जयपुर से सीधे जुड़ी हुई थीं। नाहरगढ़ किले (जयपुर) में महाराजा सवाई माधो सिंह द्वितीय ने अपनी 9 रानियों के लिए 9 एकसमान कमरे (रानी महल) बनवाए थे।
स्रोत: Village Development Officer Exam 2025