निम्नलिखित में से किस षड़यंत्र केस में प्रताप सिंह बारहठ को कारावास दिया गया -
सही उत्तर: बनारस षड्यंत्र मुकदमा
स्रोत: CET 2022 (Graduate) 07 January 2023 Shift-1
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 152 प्रश्नों में से यह पेज 8 है।
निम्नलिखित में से किस षड़यंत्र केस में प्रताप सिंह बारहठ को कारावास दिया गया -
सही उत्तर: बनारस षड्यंत्र मुकदमा
स्रोत: CET 2022 (Graduate) 07 January 2023 Shift-1
1942 ई. में, जोधपुर जेल में भूख हड़ताल के दौरान किस सत्याग्रही की मृत्यु हो गयी थीं -
सही उत्तर: बालमुकुन्द बिस्सा
व्याख्या (Explanation)
बाल मुकुंद बिस्सा मारवाड़ लोक परिषद के नेता थे। वह राज्य के अत्याचार और जेल में अन्याय के खिलाफ भूख हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
स्रोत: School Lecturer 2022 Gk (Group E)
निम्न में से कौन राजस्थान से संविधान सभा के सदस्य नहीं थे -
सही उत्तर: जे. बी. कृपलानी
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 4
मोतीलाल तेजावत को मेवाड़ में 9 वर्ष तक बिना किसी आरोप के जेल में रखा गया था। निम्नलिखित में से किसने उन्हें जेल से बाहर निकालने के लिए हस्तक्षेप किया -
सही उत्तर: मणिलाल कोठारी
व्याख्या (Explanation)
1936 में मणिलाल कोठारी के हस्तक्षेप पर मोतीलाल तेजावत को रिहा कर दिया गया।
स्रोत: School Lecturer 2022 History (Group - C)
‘आगीबाण’ के सम्पादक थे –
सही उत्तर: जयनारायण व्यास
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 1
डूंगजी-जवाहरजी किस जिले के थे -
सही उत्तर: सीकर
व्याख्या (Explanation)
1857 ई. के स्वतंत्रता संग्राम में सीकर क्षेत्र के काका-भतीजा डूंगजी-जवाहरजी प्रसिद्ध देशभक्त हुए। डूंगजी शेखावटी ब्रिगेड में रिसालेदार थे। बाद में नौकरी छोड़कर धनी लोगों से देश की आजादी के लिए धन मांगने लगे और धन न मिलने पर यहां डाका डालने लगे। इस धन से वे निर्धन व्यक्तियों की भी सहायता करते।
स्रोत: Forest Guard Exam 2022 Shift 1
स्वामी दयानंद सरस्वती ने सत्यार्थ प्रकाश को कहाँ लिखा था -
सही उत्तर: उदयपुर में
स्रोत: Head Master (Sanskrit Edu.) - 20211 (PAPER-I)
उन राजनीतिक कार्यकर्ताओं को चिह्नित कीजिए जिन्होंने नागरिक स्वतंत्रताओं के लिए अपने प्राण उत्सर्ग किए। (i) बालमुकुंद बिस्सा (ii) सागरमल गोपा (iii) रमेश स्वामी (iv) ज्वाला प्रसाद शर्मा सही कूट का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (i), (ii) एवं (iii)
व्याख्या (Explanation)
बाल मुकुंद बिस्सा का जन्म डीडवाना के पीलवा गांव में हुआ था। बाल मुकुंद बिस्सा को अंग्रेज सरकार ने 9 जून 1942 को भारत रक्षा कानून के तहत जेल में डाल दिया। जहां कैदियों को मिलने वाले खराब भोजन के विरोध में भूख हड़ताल के बाद 1942 में 34 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गई। स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहूति देने वालों में जैसलमेर के सागरमल गोपा का नाम भी आदर लिया जाता है। उन्होंने अपने क्रांतिकारी भाषणों और लेखों से जैसलमेर रियासत में स्वतंत्रता के लिए क्रांति की आवाज भरी थी। तत्कालीन रियासत के महारावल जवाहरसिंह के राज के डिप्टी गुमानसिंह ने विभिन्न यातनाएं दी। 4 अप्रैल 1946 के दिन मिट्टी का तेल डालकर इन्हें जिंदा जला दिया गया। तत्कालीन भरतपुर राज्य के जाने माने स्वतंत्रता सेनानी रमेश स्वामी जी जिनका मूल नाम कुंदनलाल शर्मा था, ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ते हुए 5 फरवरी 1947 को अपने प्राणों की आहुति दे दी। ज्वाला प्रसाद शर्मा राजस्थान में अजमेर जिले के रहने वाले थे। ज्वाला प्रसाद शर्मा ने कई क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया था। आजादी के बाद कांग्रेस से जुड़ गए और प्रदेश कांग्रेस के महासचिव व अजमेर नगर परिषद के सभापति रहे। आप विधानसभा व लोकसभा के सदस्य भी रहे।
स्रोत: ASSISTANT PROFESSOR (COLLEGE EDUCATION DEPTT.) EXAM 2020
निम्न में से किस एक ब्रिटिश सैनिक अधिकारी ने तात्या टोपे को फांसी देने के लिए ब्रिटिश सरकार की आलोचना की थी -
सही उत्तर: कैप्टन शॉवर्स
स्रोत: Asst. Statistical Officer 2021
विजय सिंह पथिक का वास्तविक नाम था -
सही उत्तर: भूप सिंह गुर्जर
स्रोत: Junior Instructor (WC&S)2018