पत्रकारिता का भीष्मपितामह किसे कहते हैं -
सही उत्तर: पं. झाबरमल शर्मा
व्याख्या (Explanation)
पंडित झाबरमल्ल शर्मा एक महान साहित्यकार, पत्रकार, समाज सेवक और इतिहासकार थे पंडित झाबरमल्ल शर्मा एक महान साहित्यकार, पत्रकार, समाज सेवक और इतिहासकार थे। पंडित झाबरमल्ल शर्मा का जन्म वर्ष 1888 में राजस्थान के खेतड़ी कस्बे के जसरापुर ग्राम में हुआ था। पंडित झाबरमल्ल शर्मा हिन्दी के प्रख्यात पत्रकार पण्डित दुर्गाप्रसाद मिश्र से सम्पर्क में आये। इनकी संगति से पंडित झाबरमल्ल शर्मा की रूचि पत्रकारिता की ओर बढ़ गयी। वर्ष 1905 में कलकत्ता में ही रहकर इन्होनें “ज्ञानोदय” पत्र के संपादन का कार्य किया। इसके साथ ही ये “मारवाड़ी बन्धु” के संपादन का कार्य भी किया करते थे। वर्ष 1909 में इन्होने “भारत” साप्ताहिक पत्र का भी संपादन का कार्य किया। यह पत्र मुंबई में प्रकाशित होता था। वर्ष 1914 में इन्होनें “कलकत्ता समाचार कम्पनी लिमिटेड” की स्थापना की और दैनिक समाचार पत्र आरम्भ किया। जिसका नाम “कलकत्ता समाचार” था। भारत सरकार द्वारा वर्ष 1982 में “पद्म भूषण” से पुरुस्कृत किया गया था।