राजस्थान के पंडित विश्व मोहन भट्ट का संबंध किस वाद्य यत्र से स्थापित किया जा सकता है -
सही उत्तर: मोहनवीणा
व्याख्या (Explanation)
मोहनवीणा संगीत वाद्ययंत्र राजस्थान के पंडित विश्व मोहन भट्ट के साथ जुड़ा हुआ है। भट्ट ने 1994 में ग्रैमी पुरस्कार जीता।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में संगीत एवं लोकगीत से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 300 प्रश्नों में से यह पेज 17 है।
राजस्थान के पंडित विश्व मोहन भट्ट का संबंध किस वाद्य यत्र से स्थापित किया जा सकता है -
सही उत्तर: मोहनवीणा
व्याख्या (Explanation)
मोहनवीणा संगीत वाद्ययंत्र राजस्थान के पंडित विश्व मोहन भट्ट के साथ जुड़ा हुआ है। भट्ट ने 1994 में ग्रैमी पुरस्कार जीता।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सुमेलित कीजिये और सही उत्तर चुनिए: (संगीतकार) (रचना) A. चाँद खान 1. रसमंजरी B. पुंडलिक 2. रागचंद्रिका C. देवर्षी भट्ट 3. संगीतसार D. द्वारकानाथ 4. स्वर सागर
सही उत्तर: A - 4, B - 1, C - 3, D - 2
व्याख्या (Explanation)
उस्ताद चाँद खाँ ने स्वर सागर और स्पष्ट सागर की रचना की। पुंडरीक विट्ठल ने राग माला व रसमंजरी ग्रंथों की रचना की जो महाराजा मानसिंह के छोटे भाई माधोसिंह के आश्रय में थे। जयपुर के सवाई प्रताप सिंह के शासन काल में कवि देवर्षि भट्ट बृजपाल ने राधा गोविंद संगीत सार नामक संगीत ग्रन्थ की रचना की। राग चंद्रिका द्वारकानाथ भट्ट द्वारा रचित संगीत ग्रंथ है।
राजस्थान में कामड़ जाति के लोगों द्वारा निम्न में से कौन सा संगीत वाद्य बजाया जाता है -
सही उत्तर: तन्दुरा
व्याख्या (Explanation)
तंदूरा एक वाद्य यंत्र होता है जो राजस्थान में कामड़ जाति के लोगों द्वारा बजाया जाता है।
स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (24 Oct 2021 ) 2nd shift
अलवर-भरतपुर के जोगियों द्वारा किस प्रकार की सारंगी बजाई जाती है -
सही उत्तर: जोगिया सारंगी
रामनाथ चौधरी का संबंध किस वाद्य यंत्र से है -
सही उत्तर: अलगोजा
स्रोत: Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 1st shift
सूची-I एवं सूची-II को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर चुनिए – सूची-I (लोक वाद्य यंत्र) (A) भपंग (B) नड (C) अलगोजा (D) खड़ताल सूची-II (प्रख्यात कलाकार) (i) सदीक खाँ (ii) ज़हूर खाँ (iii) कर्णा भील (iv) रामनाथ चौधरी कूट –
सही उत्तर: A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)
व्याख्या (Explanation)
भपंग – ज़हूर खाँ नड – कर्णा भील अलगोजा – रामनाथ चौधरी खड़ताल – सदीक खाँ
स्रोत: RPSC Ras Pre. Exam 2021
राजस्थान में गवरी देवी को किस गायन शैली के लिए जाना जाता है -
सही उत्तर: माण्ड गायन शैली
निम्नलिखित में से कौन जयपुर अतरौली घराना के संस्थापक हैं -
सही उत्तर: उस्ताद अल्लादिया खान
‘तालबंदी गायिकी’ प्रचलित है -
सही उत्तर: पूर्वी राजस्थान में
व्याख्या (Explanation)
तालबंदी गायिकी : राजस्थान के पूर्वी अंचल (भरतपुर, अलवर, करौली एवं सवाईमाधोपुर) में प्रचलित ब्रजभके पद गायन की ऐसी शास्त्रीय परम्परा है, जिसमें राग-रागनियों से निबद्ध प्राचीन कवियों की पदावलियाँ सामूहिक रूप गायी जाती हैं, साथ ही गायन से पहले जिस राग में पद गाया गया उसी की संक्षिप्त अलापचारी की जाती है। इसमें प्रमु वाद्य सारंगी, हारमोनियम, ढोलक, तबला व झाँझ है एवं बीच-बीच में नगाड़ा (बंब) भी बजाते हैं। तालबंदी गायकी द्विताल, दादर, धमार, एकताल, झपताल अधिक प्रचलित है।
रावणहत्था क्या है -
सही उत्तर: वाद्ययंत्र