हेला खयाल लोकसंगीत राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से संबंधित है -
सही उत्तर: दौसा-सवाई माधोपुर
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान में संगीत एवं लोकगीत से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 300 प्रश्नों में से यह पेज 19 है।
हेला खयाल लोकसंगीत राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से संबंधित है -
सही उत्तर: दौसा-सवाई माधोपुर
वाद्य यंत्र टामक राजस्थान के किस सांस्कृतिक क्षेत्र से सम्बंधित है -
सही उत्तर: मेवात
किस लोकवाद्य में महारथ होने से साकर खान को 2012 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया -
सही उत्तर: कामायचा
मांगणियारो द्वारा प्रयुक्त वाद्य यंत्र कौन सा है -
सही उत्तर: कमायचा
स्रोत: Agriculture Research Officer - 2020
अधोलिखित को सुमेलित कीजिए - संगीत घराना कलाकार अ. डागर घराना 1. मोतीराम ज्योतिराम ब. जयपुर घराना 2. बहराम खां स. मेवाती घराना 3. मनरंग द. अतरौली घराना 4. दुल्लु खां अ, ब, स, द
सही उत्तर: 2, 3, 1, 4
स्रोत: Agriculture Research Officer - 2020
सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए - संगीतज्ञ रचना अ. चांद खां 1. रामज्जरी ब. पुण्डरीक विट्ठल 2. रागचन्द्रिका स. देवर्षि भट्ट 3. संगीतसार द. द्वारकानाथ 4. स्वर-सागर कूट - अ, ब, स, द
सही उत्तर: 4, 1, 3, 2
व्याख्या (Explanation)
चांद खां - स्वर-सागर पुण्डरीक विट्ठल - रामज्जरी देवर्षि भट्ट - संगीतसार द्वारकानाथ - रागचन्द्रिका
स्रोत: Agriculture Officer 2020
‘राजस्थान कबीर यात्रा’ का संबंध निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से है -
सही उत्तर: गायन
स्रोत: Agriculture Supervisor Exam 2018
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस शहर में होली के दौरान ‘रम्मत’ का आयोजन किया जाता है -
सही उत्तर: बीकानेर
स्रोत: Agriculture Supervisor Exam 2018
रावण हत्था क्या है -
सही उत्तर: वाद्ययंत्र
चारबैत, जो राजस्थान की प्रचलित लोक गायन शैली है, कहां की प्रसिद्ध है -
सही उत्तर: टोंक
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान के टोंक में प्रचलित चार बैत लोक गायन शैली में कव्वाल धाप बजाते हुए कव्वालों की तरह घुटनों के बल खड़े होकर भाव पूर्ण गीत गाते हैं। कुछ गायक ऊंची कूद और चादर को उछालते हुए भी गाते हैं। यह शैली मूल रूप से पठानी मूल का एक काव्य रूप है, जिसे पहले पश्तो भाषा में गाया जाता था।