राजस्थान में प्राचिनकाल में कौनसी नदी प्रवाहित थी -
सही उत्तर: सरस्वती
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में प्राचिनकाल में सरस्वती नदी प्रवाहित थी। घग्घर नदी प्राचीन सरस्वती नदी की धारा है। वैदीक काल यह द्वषवती नदी कहलाती थी।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की नदियां से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 491 प्रश्नों में से यह पेज 13 है।
राजस्थान में प्राचिनकाल में कौनसी नदी प्रवाहित थी -
सही उत्तर: सरस्वती
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में प्राचिनकाल में सरस्वती नदी प्रवाहित थी। घग्घर नदी प्राचीन सरस्वती नदी की धारा है। वैदीक काल यह द्वषवती नदी कहलाती थी।
लूनी नदी में जल प्रदूषण का मुख्य कारण है -
सही उत्तर: वस्त्रों की रंगाई और छपाई इकाइयाँ
व्याख्या (Explanation)
रंगाई-छपाई उद्योग लूनी नदी में प्रदूषण का मुख्य स्रोत है।
स्रोत: Assistant Professor (College Education) - 2023 Paper-III
हथमति, मेश्वा और माजम सहायक नदियाँ हैं :
सही उत्तर: साबरमती की
व्याख्या (Explanation)
बाकल, हथमती, बेतरक, माजम, सेई साबरमती की सहायक नदियां है।
स्रोत: Assistant Professor (College Education) - 2023 Paper-III
निम्न में से कौन सी नदियाँ कच्छ के रण में गिरती हैं -
सही उत्तर: पश्चिमी बनास और लूनी
व्याख्या (Explanation)
पश्चिम राजस्थान की एकमात्र नदी लूनी नदी का उद्गम अजमेर जिले के नाग की पहाडियों से होता है। आरम्भ में इस नदी को सागरमति या सरस्वती कहते है। यह नदी अजमेर से नागौर, ब्यावर, जोधपुर ग्रामीण, पाली, बालोतरा, बाडमेर, सांचौर जिलों से होकर बहती हुई गुजरात के कच्छ जिले में प्रवेश करती है और कच्छ के रण में विलुप्त हो जाती है। पश्चिमी बनास अरावली के पश्चिमी ढाल सिरोही के नया सानवारा गांव से निकलती है और गुजरात के बनास कांठा जिले में प्रवेश करती है। गुजरात में बहती हुई अन्त में कच्छ की खाड़ी में विलीन हो जाती है।
स्रोत: Statistical Office Exam - 2023 (GK)
“छप्पन का मैदान” निम्नलिखित बेसिनों में से किस में स्थित हैं -
सही उत्तर: माही बेसिन
व्याख्या (Explanation)
छप्पन का मैदान, राजस्थान के माही बेसिन में स्थित है। यह बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के बीच का क्षेत्र है, कहा जाता है कि वहां 56 गांव मौजूद हैं इसलिए इस क्षेत्र को छप्पन का मैदान कहा जाता है।
स्रोत: Statistical Office Exam - 2023 (GK)
सूची I के साथ सूची II का मिलान कीजिए - सूची -I (नदी का नाम) सूची II (नदियों के दूसरे नाम) a. घग्घर नदी I. लवण जल नदी b. चंबल नदी II. वागड़ की गंगा c. माही नदी III. कामधेनु नदी d. लूनी नदी IV. मृत नदी
सही उत्तर: a-IV, b-III, c-II, d-I
व्याख्या (Explanation)
सूची -I (नदी का नाम) सूची II (नदियों के दूसरे नाम) घग्घर नदी मृत नदी चंबल नदी कामधेनु नदी माही नदी वागड़ की गंगा लूनी नदी लवण जल नदी
स्रोत: Agriculture Supervisor Exam 2023
निम्नलिखित में से किन तीन नदियों के संगम को त्रिवेणी कहा जाता है -
सही उत्तर: बनास, मैनाल, बेडच
व्याख्या (Explanation)
बेडच, बनास एवं मेनाल का त्रिवेणी संगम बिगोद में है। बिगोद राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है। सवाईमाधोपुर (रामेश्वरम) में चम्बल नदी में बनास व सीप नदियां आकर मिलती है और त्रिवेणी संगम बनाती है।
स्रोत: RAS (Pre) Exam - 2023
निम्न को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए. कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए: सूची-I (नदी) सूची-II (सहायक नदी) A. चम्बल 1. जाखम B. लूनी 2. बेड़च C. माही 3. पार्बती D. बनास 4. जवाई कूट : A B C D
सही उत्तर: 3 4 1 2
व्याख्या (Explanation)
चम्बल की सहायक नदियां : पार्वती, कालीसिंध, बनास, बामनी, पुराई बनास की सहायक नदियां: बेड़च, मेनाल, खारी, कोठारी, मोरेल माही की सहायक नदियां : इरू, सोम, जाखम, अनास, हरण, चाप, मोरेन व भादर लूनी की सहायक नदियों में बंकडा, सूकली, मीठडी, जवाई, सागी, लीलडी पूर्व की ओर से ओर एकमात्र नदी जोजड़ी पश्चिम से जोधपुर से आकर मिलती है।
स्रोत: Veterinary Officer Exam 2019
बेराच नदी का उद्गम स्थल है -
सही उत्तर: गोगुन्दा की पहाड़ी
व्याख्या (Explanation)
बेराच नदी का उद्गम राजस्थान के उदयपुर ज़िले की गोगुंदा पहाड़ियों से होता है। यह नदी उदयपुर शहर के उत्तर-पूर्व में स्थित है।
स्रोत: Veterinary Officer Exam 2019
वाकल तथा सेई धारा के मिलने से जो नदी बनती है, वो है -
सही उत्तर: साबरमती नदी
व्याख्या (Explanation)
वाकल और सेई धारा के मिलने से साबरमती नदी बनती है। साबरमती नदी राजस्थान में उदयपुर के दक्षिण-पश्चिम से निकलकर उदयपुर और सिरोही जिलों में प्रवाहित होकर गुजरात में प्रवेश कर खम्भात की खाड़ी में गिरती है। प्रारम्भ में यह वाकल नदी के नाम से जानी जाती है। साबर व हाथमती नामक दो नदियों की जलधारा के संगम से निर्माण के कारण इसका नाम साबरमती पड़ा। बाकल, हथमती, बेतरक, माजम, सेई इसकी सहायक नदीयां है।
स्रोत: Food Safety Officer - 2022