मालपुरा – करोली मैदान भाग है –
सही उत्तर: बनास बेसिन का
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में मालपुरा-करौली का मैदान बनास बेसिन का हिस्सा है।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान की नदियां से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 491 प्रश्नों में से यह पेज 46 है।
मालपुरा – करोली मैदान भाग है –
सही उत्तर: बनास बेसिन का
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में मालपुरा-करौली का मैदान बनास बेसिन का हिस्सा है।
निम्न में से कौन सा नदी बेसिन राजस्थान के पूर्वी मैदानी प्रदेश का भाग नहीं है-
सही उत्तर: लूनी बेसिन
व्याख्या (Explanation)
लूनी बेसिन राजस्थान के पश्चिमी प्रदेश का भाग है।
वर्तमान में राजस्थान में जल की कौ-सी समस्या चिन्ताजनक बनती जा रही है-
सही उत्तर: अन्ध और धूसर क्षेत्रों की बढ़ती संख्या
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में अन्ध एवं धूसर (dark and grey) क्षेत्रों की बढ़ती हुई संख्या चिन्ताजनक है।
स्रोत: Patwar Main Exam 2015
घग्घर का ‘दोआब मैदान’ जो राजस्थान के हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिलों में पाया जाता है, वह निम्न किन दो नदियों के निक्षेपण से बना हैै-
सही उत्तर: घग्घर और सतलज नदियों द्वारा
व्याख्या (Explanation)
घग्घर और सतलुज का दोआब उपजाऊ भूमि बनाता है और इस दोआब में चावल और गेहूं का अधिक मात्र में उत्पादन होता है।
सुमेलित कीजिए - अ. कामधेनु 1. बनास ब. अर्जुन की गंगा 2. कोठारी स. मेजा बांध 3. बाणगंगा द. वन की आशा 4. चम्बल कूट - अ, ब, स, द
सही उत्तर: 4, 3, 2, 1
व्याख्या (Explanation)
नदी उपनाम चम्बल चर्मण्वती,नित्यवाही,सदानिरा,कामधेनू बाणगंगा अर्जुन की गंगा खण्डित, रूण्डित व तालानदी बनास वन की आशा, वर्णानाशा, वशिष्ठि कोठारी नदी राजसमंद में दिवेर से निकलती है। राजसमंद भिलवाड़ा में बहती हुई भिलवाड़ा के नन्दराय में बनास में मिल जाती है। भिलवाड़ा के मांडलगढ़ कस्बे में इस पर मेजा बांध बना है।
निम्न को सुमेलित कीजिए- नदी उद्गम स्थल अ. साबी 1. सेवर पहाड़ियां ब. काकनी 2. बैराठ पहाड़ियां स. बाणगंगा 3. खण्डेला पहाड़ियां द. कांतली 4. कोटड़ी गांव कूट - अ, ब, स, द
सही उत्तर: 1, 4, 2, 3
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में आन्तरिक प्रवाह नदी साबी का उद्गम कोटपुतली जिले में सेवर की पहाड़ियों से होता है। आन्तरिक प्रवाह की सबसे छोटी नदी काकनेय नदी का उद्गम जैसलमेर जिले में कोटरी गांव में होता है। यह नदी उत्तर-पश्चिम में बुझ झील में जाकर समापत हो जाती है। लगभग 380 कि.मी. लम्बी इस बाणगंगा नदी का उद्गम कोटपूतली बहरोड जिले में बैराठ की पहाडियों से होता है। शेखावाटी क्षेत्र की एकमात्र नदी कांतली नदी का उद्गम सीकर जिले में खण्डेला की पहाड़ियों से होता है। सीकर जिले में इस नदी का बहाव क्षेत्र तोरावाटी कहलाता है।
निम्न में से कौनसा सही युग्म नहीं है- नदी - सहायक
सही उत्तर: बनास - सागी
व्याख्या (Explanation)
बनास की सहायक नदियां बेड़च, मेनाल, खारी, कोठारी, मोरेल हैं। लूनी की सहायक नदियों में बंकडा, सूकली, मीठडी, जवाई, सागी, लीलडी पूर्व की ओर से और एकमात्र नदी जोजड़ी पश्चिम से जोधपुर से आकर मिलती है।
पूर्व में जब घग्घर नदी में बाढ़ आती है, तो पानी कहां तक पहुंच जाता है-
सही उत्तर: फोर्ट अब्बास
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान की आन्तरिक प्रवाह की सर्वाधिक लम्बी नदी घग्घर नदी उद्गम हिमाचल प्रदेश में कालका के निकट शिवालिका की पहाड़ियों से होता है। यह नदी पंजाब व हरियाणा में बहकर हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी नामक स्थान पर प्रवेश करती है और भटनेर दुर्ग के पास जाकर समाप्त हो जाती है। किन्तु कभी-2 अत्यधिक वर्षा होने की स्थिति में यह नदी गंगानगर जिले में प्रवेश करती है और गंगानगर के सुरतगढ़ और अनुपगढ़ जिले में बहती हुई पाकिस्तान के बहावलपुर जिले (प्रवेश बिन्दू बिजौर) में प्रवेश करती है और अन्त में फोर्ट अब्बास नामक स्थान पर समाप्त हो जाती है।
अनास, एराव व सोम जिस नदी की सहायक नदियां है, वह है-
सही उत्तर: माही
व्याख्या (Explanation)
आदिवासियों की जीवन रेखा, दक्षिणी राजस्थान की स्वर्ण रेखा कहे जाने वाली माही नदी राजस्थान की दूसरी नित्यवाही नदी है। माही नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के धार जिले के सरदारपुरा के निकट विंध्याचल की पहाड़यों में मेहद झील से होता है। माही नदी की सहायक नदियां इरू, सोम, जाखम, अनास, हरण, चाप, मोरेन व भादर हैं।
निम्न नदियों में से राजस्थान में कौनसी ‘रून्डित सरिता’ कहलाती है-
सही उत्तर: बाणगंगा
व्याख्या (Explanation)
एक मान्यता के अनुसार अर्जुन ने एक बाण से इसकी धारा निकाली थी अतः इसे अर्जुन की गंगा भी कहते है। लगभग 380 कि.मी. लम्बी इस नदी का उद्गम कोटपूतली बहरोड जिले में बैराठ की पहाडियों से होता है। इसे खण्डित, रूण्डित व तालानदी भी कहते है। इस नदी के तट पर बैराठ सभ्यता विकसित हुई।