सही सुमेलन नहीं है -
सही उत्तर: चित्तोड़गढ़ दुर्ग - खैराबाद
व्याख्या (Explanation)
चित्तौड़गढ़ दुर्ग का निर्माण मौर्य शासक चित्रक ने गंभीरी और बेड़च के संगम पर करवाया था। बाद में इसे बापा रावल ने इसे मौर्यो से जीत लिया। दुर्ग में विजय स्तम्भ,रानी पद्मिनी का महल, मीराबाई का मंदिर, कुंभश्याम मंदिर आदि है। चित्तौड़गढ दुर्ग ही राज्य का एकमात्र एसा दुर्ग है जो शुक्रनिती में वर्णित दुर्गों के अधिकांश प्रकार के अर्न्तगत रखा जा सकता है। जैसे गिरी दुर्ग, सैन्य दुर्ग, सहाय दुर्ग आदि। सन् 1303 में यहाँ के रावल रतनसिंह की अल्लाउद्दीन खिलजी से लड़ाई हुई। लड़ाई चितौड़ का प्रथम शाका के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इस लड़ाई में अलाउद्दीन खिलजी की विजय हुई और उसने अपने पुत्र खिज्र खाँ को यह राज्य सौंप दिया। खिज्र खाँ ने वापसी पर चित्तौड़ का राजकाज कान्हादेव के भाई मालदेव को सौंप दिया।चित्तौड़गढ के प्रथम साके में रतन सिंह के साथ सेनानायक गोरा व बादल शहीद हुए।