संत पीपा के बचपन का नाम क्या था -
सही उत्तर: प्रतापसिंह
व्याख्या (Explanation)
गागरोण के राजा कड़ावा राव खिंची के यहां 1425 ई. में जन्मे पीपाजी के बचपन का नाम प्रतापसिंह था।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 358 प्रश्नों में से यह पेज 23 है।
संत पीपा के बचपन का नाम क्या था -
सही उत्तर: प्रतापसिंह
व्याख्या (Explanation)
गागरोण के राजा कड़ावा राव खिंची के यहां 1425 ई. में जन्मे पीपाजी के बचपन का नाम प्रतापसिंह था।
‘धोलीदूब’ ग्राम किस सम्प्रदाय से सम्बन्धित है -
सही उत्तर: लालदासी
व्याख्या (Explanation)
संत लाल दास जी का जन्म अलवर के पास धोलीदुब नामक ग्राम में हुआ था। समाज में व्याप्त अंधविश्वासों का विरोध किया तथा भक्ति एवं पवित्रता पर बल दिया। लालदास जी की चेतावनियाँ में उपदेश उपलब्ध हैं। संत लालदास का देवलोकगमन संवत 1705 (सन् 1648) में 108 वर्ष की आयु में अलवर रियासत के मेढ़े पर स्थित भरतपुर रियासत के गांव नंगला में हुआ। गांव शेरपुर में उन्हें समाधि दी गई।
निम्बार्क सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ कहां स्थित है -
सही उत्तर: सलेमाबाद
सन्त मावजी की पीठ कहां पर स्थित है -
सही उत्तर: साबला ग्राम(डूंगरपुर)
दादू पंथ के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है -
सही उत्तर: दादू-पंथी मृतकों के शव को जलाने में विश्वास करते हैं।
जाम्भोजी जहां प्रवचन करते थे, वह क्या कहलाता था -
सही उत्तर: सथारी
निरंजनी संप्रदाय के संस्थापक कौन थे -
सही उत्तर: संत हरिदास
व्याख्या (Explanation)
संत हरिदास मुख्य रूप से मध्य राजस्थान में स्थित एक भक्ति धार्मिक समुदाय निरंजनी संप्रदाय के संस्थापक थे।
सहजो बाई के गुरू कौन थे -
सही उत्तर: चरणदास
रामस्नेही सम्प्रदाय के संस्थापक संत रामचरण के गुरू कौन थे -
सही उत्तर: कृपाराम
नारायणा ......... का जाना-माना केन्द्र है -
सही उत्तर: दादू पंथ
व्याख्या (Explanation)
दादूपंथ की मुख्य पीठ नारायणा में स्थित है। दादू दयाल गुजरात, भारत के एक कवि-संत थे, एक धार्मिक सुधारक थे जिन्होंने औपचारिकता और पुरोहिती के खिलाफ बात की थी।