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राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय PYQ in Hindi - पेज 24

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 358 प्रश्नों में से यह पेज 24 है।

231

भृर्तहरि की गुफा स्थित है-

Aबघेरा गांव अजमेर
Bसरवाड अजमेर
Cब्यावर अजमेर
Dसावर अजमेर

सही उत्तर: बघेरा गांव अजमेर

232

परशुराम जी गौड़ ने किस सम्प्रदाय के विचारों के प्रचारार्थ ‘परशुराम-सागर’ नामक ग्रंथ की रचना की -

Aगौड़ीय
Bवल्लभ
Cनिम्बार्क
Dवैष्णव

सही उत्तर: निम्बार्क

व्याख्या (Explanation)

इस सम्प्रदाय को सनकादिक सम्प्रदाय भी कहा जाता है।

233

‘सिंभूदड़ा व कोंडा’ क्या हैं -

Aस्थानकवासी की शाखाएं
Bदरिया पंथ से सम्बन्धित स्थल
Cविशेष यम-नियम के नाम
Dसंत जसनाथ से संबंधित ग्रन्थ

सही उत्तर: संत जसनाथ से संबंधित ग्रन्थ

व्याख्या (Explanation)

जसनाथी सम्प्रदाय के पवित्र ग्रन्थ ‘सिंभूदड़ा व कोंडा’ है। इन ग्रंथों में संत जसनाथजी के उपदेशों का संग्रह मिलता है।

234

राजस्थान में शैव धर्म की प्राचीनतम जानकारी कहां से प्राप्त होती है -

Aहर्षनाथ प्रशस्ति
Bऔसियां का लेख
Cसांडनाथ प्रशस्ति
Dनाथ प्रशस्ति

सही उत्तर: नाथ प्रशस्ति

235

रसिक संप्रदाय का प्रवर्तक कोन था -

Aअचलदास
Bअग्रदास
Cईसरदास
Dगिरधरदास

सही उत्तर: अग्रदास

व्याख्या (Explanation)

कृष्णदास जी पयहारी ने गलता (जयपुर) में रामानंदी सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ स्थापित की। कृष्णदास जी पयहारी के ही शिष्य अग्रदास जी ने रेवासा ग्राम (सीकार) में अलग पीठ स्थापित की तथा रसिक सम्प्रदाय के नाम से अलग और नए सम्प्रदाय की शुरूआत की।

236

नागलापीठ किस सम्प्रदाय से संबंधित है -

Aलालदासी सम्प्रदाय
Bनाथपीठ सम्प्रदाय
Cदादू सम्प्रदाय
Dविश्वनोई सम्प्रदाय

सही उत्तर: लालदासी सम्प्रदाय

व्याख्या (Explanation)

लालदास जी का जन्म धोली धूव गांव अलवर में हुआ। लाल दास जी को ज्ञान की प्राप्ति तिजारा (अलवर), प्रधान पीठ - नगला जहाज (भरतपुर) में है। मेवात क्षेत्र का लोकप्रिय सम्प्रदाय है।

237

निम्नलिखित में से ‘पुष्टिमार्ग’ के प्रवर्तक कौन है -

Aनिम्बार्काचार्य
Bरामानन्दाचार्य
Cरामानुजाचार्य
Dवल्लभाचार्य

सही उत्तर: वल्लभाचार्य

व्याख्या (Explanation)

संस्थापक -आचार्य वल्लभ जी।अष्ट छाप मण्डली वल्लभ जी के पुत्र विठ्ठल नाथ जी ने स्थापित की थी, जो इस सम्प्रदाय के प्रचार-प्रसार का कार्य करती थी।

238

निम्न में से कौन सी रचना संत मीरां बाई की नहीं है -

Aटीका राग गोविन्द
Bरूक्मिणी मंगल
Cदयाबोध
Dनरसी मेहता की हुंडी

सही उत्तर: दयाबोध

व्याख्या (Explanation)

दयाबोध तथा विनय मालिका ग्रन्थ की रचना संत दया बाई ने की थी। मीरां बाई की प्रमुख रचनाओं में ‘टीका राग गोविन्द’, ‘नरसी मेहता की हुंडी’, ‘रूक्मिणी मंगल’ आदि है। मीरां के निर्देशन में रतना खाती ने ‘नरसी जी रो मायरों’ की रचना ब्रज भाषा में की।

239

निम्न में से किस संत को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती ने ‘सुल्तान-उल-तरीकीन’ की उपाधि दी -

Aशेख हमीदुद्दीन नागौरी
Bहजरत शक्कर पीर
Cशेख सलीम चिश्ती
Dपीर फखरूद्दीन

सही उत्तर: शेख हमीदुद्दीन नागौरी

व्याख्या (Explanation)

हमीदुद्दीन नागौरी को उनके संयम और धार्मिकता के कारण ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती ने ‘सुल्तान-उल-तरीकीन’(संन्यासियों के सुल्तान) की उपाधि दी। भारत में अजमेर के बाद नागौर में दूसरा बड़ा उर्स हम्मीदुद्दीन नागौरी का लगता है।

240

जहां दादू ने अपना अंतिम समय बिताया था, उस स्थान का नाम था -

Aसाम्भर
Bशाहपुरा
Cजयपुर
Dनारायणा

सही उत्तर: नारायणा

व्याख्या (Explanation)

दादू दयाल का जन्म गुजरात प्रांत के अहमदाबाद नगर में हुआ। दादू पंथ की स्थापना 1554 ई. में हुई। दादूदयाल 1568 ई. में सांभर आ गए। ये आम्बेर के राजा मानसिंह के समकालीन थे।

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