मावजी ने किस भाषा में “कृष्ण लीला” लिखी थी -
सही उत्तर: वागड़ी
व्याख्या (Explanation)
मावजी को विष्णु का अवतार माना जाता है। उनका जन्म साबला गाँव (डूंगरपुर) में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। 1727 में बेणेश्वर में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने बेणेश्वर धाम की स्थापना की। मावाजी के दो शिष्यों अजी और वाजे ने सोम और माही नदियों के संगम पर लक्ष्मी नारायण मंदिर का निर्माण कराया। उन्होंने वागड़ी भाषा में कृष्ण लीला लिखी। उनके कथनों के संग्रह को चोपड़ा कहा जाता है।