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राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय PYQ in Hindi - पेज 6

इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 358 प्रश्नों में से यह पेज 6 है।

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राजस्थान में धार्मिक आन्दोलन को प्रारम्भ करने का श्रेय किस संत को दिया जाता है -

📋 पूछा गया: Junior Instructor ((ESR) Exam 2024
Aजसनाथजी को
Bपीपा को
Cहरिदासजी को
Dधन्ना को

सही उत्तर: धन्ना को

व्याख्या (Explanation)

तत्कालीन समाज के धार्मिक जीवन को नया मोड़ देने में जाट भक्त धन्ना ने अभूतपूर्व योगदान किया था। कहा जाता है कि राजस्थान में धार्मिक आंदोलन की शुरुआत करने वाले संत धन्ना ही थे।

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स्रोत: Junior Instructor ((ESR) Exam 2024

52

निम्न में से राजस्थान के कौन-से संत गागरोण के खीची राजपूत शासक थे -

📋 पूछा गया: Junior Instructor (ED) Exam 2024
Aधन्ना
Bपीपा
Cदादूदयाल
Dरामदास

सही उत्तर: पीपा

व्याख्या (Explanation)

संत पीपा गागरोण (झालावाड़) के खीची राजपूत शासक थे, जिन्होंने भक्ति आंदोलन में योगदान दिया। शासक रहते हुए उन्होंने दिल्ली के तत्कालीन सुल्तान फिरोज तुगलक से लोहा लेकर विजय प्राप्त की थी, किन्तु युद्धजन्य उन्माद, हत्या, लूट-खसोट के वातावरण और जमीन से जल तक के रक्तपात को देख उन्होंने तलवार तथा गागरोन की राजगद्दी का त्याग कर दिया था। ऐसे त्याग के तत्काल बाद उन्होंने काशी जाकर स्वामी रामानन्द का शिष्यत्व ग्रहण किया।

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स्रोत: Junior Instructor (ED) Exam 2024

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बिश्नोई संप्रदाय के प्रवर्तक कौन थे -

📋 पूछा गया: Junior Instructor(CLIT) Exam 2024
Aरामदेवजी
Bजसनाथजी
Cदादूजी
Dजांभोजी

सही उत्तर: जांभोजी

व्याख्या (Explanation)

जांभोजी का जन्म 1451 में राजस्थान के नागौर के पिपासर गांव में हुआ था। उन्होंने 1485 में बिश्नोई संप्रदाय की स्थापना की।

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स्रोत: Junior Instructor(CLIT) Exam 2024

54

निम्नलिखित में से कौन निर्गुण उपासना का अनुयायी था - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनेः)

📋 पूछा गया: CET 2024 (12th Level) 24 October Shift-I
Aदादू दयाल
Bरतन सिंह
Cराम चरनजी
Dमीरा बाई

सही उत्तर: दादू दयाल

व्याख्या (Explanation)

दादू दयाल निर्गुण भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत थे। निर्गुण भक्ति धारा : दादू सम्प्रदाय, लालदासी सम्प्रदाय, प्राणना थी सम्प्रदाय, रामस्नेही सम्प्रदाय, राजा राम सम्प्रदाय, अलखिया सम्प्रदाय, निरजंनी सम्प्रदाय दादू सम्प्रदाय संस्थापक - दादू दयाल जी दादूदयाल जी का जन्म 1544 ई. में अहमदाबाद (गुजरात) में हुआ। इस सम्प्रदाय का उपनाम कबीरपंथी सम्प्रदाय है। दादूदयाल जी के गुरू वृद्धानंद जी (कबीर वास जी के शिष्य) थे। ग्रन्थ -दादू वाणी, दादू जी रा दोहा

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स्रोत: CET 2024 (12th Level) 24 October Shift-I

55

दादू दयाल का जन्म हुआ था:

📋 पूछा गया: CET 2024 (12th Level) 23 October Shift-II
Aकोटा में
Bअहमदाबाद में
Cनागौर में
Dबीकानेर में

सही उत्तर: अहमदाबाद में

व्याख्या (Explanation)

संत दादू दयाल का जन्म अहमदाबाद, गुजरात में हुआ था।

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स्रोत: CET 2024 (12th Level) 23 October Shift-II

56

निम्न में से कौन सी रचना (Text) जम्भोजी द्वारा रचित है?

📋 पूछा गया: CET 2024 (12th Level) 23 October Shift-I
Aमुकाम
Bविश्रोई धर्मप्रकाश
Cअमावस्या ऑफ फागुन
Dअलख निरंजन

सही उत्तर: विश्रोई धर्मप्रकाश

व्याख्या (Explanation)

जंभोजी (विश्नोई समाज के संस्थापक) ने “विश्नोई धर्मप्रकाश” की रचना की।

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स्रोत: CET 2024 (12th Level) 23 October Shift-I

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धन्ना किसका शिष्य था -

📋 पूछा गया: CET 2024 (12th Level) 23 October Shift-I
Aकबीर
Bपीपा
Cरामानन्द
Dदादू दयाल

सही उत्तर: रामानन्द

व्याख्या (Explanation)

संत धन्ना, संत रामानंद के शिष्य थे। वे भक्ति आंदोलन के प्रमुख संतों में से एक हैं।

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स्रोत: CET 2024 (12th Level) 23 October Shift-I

58

संतों का जीवन वृत्तांत जो राजस्थानी भाषा में काव्य रुप में उपलब्ध है, कहलाता है: ______

📋 पूछा गया: CET 2024 (12th Level) 22 October Shift-II
Aवचनिका
Bदावावैत
Cपरची
Dवात

सही उत्तर: परची

व्याख्या (Explanation)

परची एक साहित्यिक रूप है जिसमें संतों के जीवन और शिक्षाओं का विवरण होता है।

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स्रोत: CET 2024 (12th Level) 22 October Shift-II

59

नीचे दो कथन दिए गए हैं : कथन (I): दादूदयाल (राजस्थान के कबीर) का जन्म अलवर के धोलीदुब/दोलीदुब गाँव में 1542 AD में फाल्गुन शुक्ल नवमी को हुआ था। कथन (II): दादू ने सामान्य भाषा (साधुक्कडी) में ब्रह्म, जीव, जगत और मोक्ष पर अपने उपदेश दिए। उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

📋 पूछा गया: CET 2024 (Graduate) 28 September 2024 Shift-2
Aकथन (I) गलत है, लेकिन कथन (II) सही है।
Bकथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं।
Cकथन (I) और कथन (II) दोनों गलत हैं।
Dकथन (I) सही है, लेकिन कथन (II) गलत है।

सही उत्तर: कथन (I) गलत है, लेकिन कथन (II) सही है।

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान के कबीर कहे जाने वाले संत दादू दयाल का जन्म चैत्र शुक्ला अष्टमी वि. सं. 1601 (सन् 1544) को अहमदाबाद में हुआ था परंतु इनकी कर्मभूमि राजस्थान ही रही। उन्होंने अपने उपदेश साधुक्कड़ी (ढुढाडी व हिन्दी का मिश्रण) भाषा में दिए। संत लाल दास जी का जन्म अलवर के पास धोलीदुब नामक ग्राम में हुआ था।

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स्रोत: CET 2024 (Graduate) 28 September 2024 Shift-2

60

‘वागड़ की मीरा’ के नाम से कौन प्रसिद्ध है?

📋 पूछा गया: CET 2024 (Graduate) 27 September 2024 Shift-1
Aगवरी बाई
Bपन्ना धाय
Cराणा बाई
Dकर्मावती

सही उत्तर: गवरी बाई

व्याख्या (Explanation)

गवरी बाई को उनकी भक्ति और समर्पण के कारण ‘वागड़ की मीरा’ कहा जाता है। उन्होंने मीरा बाई की तरह अपनी भक्ति और रचनाओं से प्रसिद्धि पाई।

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स्रोत: CET 2024 (Graduate) 27 September 2024 Shift-1

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