कर्नल टाॅड ने किस युद्ध को मेवाड़ की थर्मोपल्ली की संज्ञा दी है -
सही उत्तर: हल्दीघाटी का युद्ध
व्याख्या (Explanation)
कर्नल टॉड ने हल्दीघाटी युद्ध को मेवाड़ की ‘थर्मोपल्ली’ तथा प्रत्येक नगर क लड़ाको को ‘लियोनिडास’ कहा है।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 15 है।
कर्नल टाॅड ने किस युद्ध को मेवाड़ की थर्मोपल्ली की संज्ञा दी है -
सही उत्तर: हल्दीघाटी का युद्ध
व्याख्या (Explanation)
कर्नल टॉड ने हल्दीघाटी युद्ध को मेवाड़ की ‘थर्मोपल्ली’ तथा प्रत्येक नगर क लड़ाको को ‘लियोनिडास’ कहा है।
राणा प्रताप व अकबर के बीच युद्धों से संबंधित निम्न तथ्यों में से कौनसा सत्य है - अकबर ने राणा प्रताप के सौतेले भाई जगमाला को प्रलोभित करके जहाजपुर की जागीर प्रदान की मानसिंह के चले जाने के बाद राणा प्रताप ने गोगुन्दा को पुन हस्तगत कर लिया राणा प्रताप ने ईडर के नारायणदास को अकबर के विरूद्ध विद्रोह करने को उकसाया राणा प्रताप को पकड़ने का अंतिम असफल प्रयास 1584-85 में छेड़ा गया, जब जगन्नाथ कच्छावा को एक बड़ी सैन्य टुकड़ी के साथ भेजा गया
सही उत्तर: 1, 2, 3 व 4
व्याख्या (Explanation)
प्रताप कुछ समय के बाद कुम्भलगढ़ चला गया जहां राज्याभिषेक का उत्सव मनाया गया। इस पर जगमाल अप्रसन्न होकर अकबर के पास पहुँचा, जिसने उसे पहले जहाजपुर और सिरोही की आधी जागीर दे दी। जैसे ही मुगलों की सेना गोगुन्दा से हटी, महाराणा ने पुन: गोगुन्दा को अधीन कर लिया। 5 दिसम्बर, 1584 को कछवाह जगन्नाथ के नतृत्व में एक सशक्त सेना मेवाड़ भेजी गयी। जगन्नाथ कछवाहा को भी सफलता नहीं मिली अपितु उसकी मांडलगढ़ में मृत्यु हो गई। सन् 1585 के बाद अकबर ने मेवाड़ पर कोई आक्रमण नहीं किया।
आमेर व मेवाड़ के बीच देबारी समझौता किसके शासनकाल में हुआ -
सही उत्तर: अमरसिंह
व्याख्या (Explanation)
देबारी समझौता (Debari Samjhota) 1708 में हुआ था। बहादुर शाह ने जयपुर के सवाई जयसिंह एवं मारवाड़ के अजीत सिंह से उनके राज्य को छीन लिया था। इस समझौते के तहत अमर सिंह द्वितीय की पुत्री चंद्रकंवर का विवाह जयसिंह से तय किया गया एवं यह शर्त रखी गई की चंद्रकंवर का होने वाला पुत्र जयपुर का अगला शासक होगा। लेकिन जयसिंह इसके खिलाफ अपने पुत्र ईश्वरी सिंह को शासक बनाता हैं लेकिन बाद में सवाई माधोसिंह मराठों एवं अपने नाना (अमर सिंह द्वितीय - मेवाड़) की सहायता से शासक बनता हैं।
1857 के समय राज्य और शासक में सुम्मेलित नहीं है -
सही उत्तर: धौलपुर - शम्भूसिंह
व्याख्या (Explanation)
शंभूसिंह (1861-1872 ई.) मेवाड़ के शासक थे।
चित्तौड़ के किस मौर्यवंशीय राजा को परास्त कर बप्पा रावल ने चित्तौड़ पर अधिकार किया -
सही उत्तर: राजा मान
व्याख्या (Explanation)
बापा रावल ने 734 ई. में मौर्य शासक मान मोरी को पराजित कर सत्ता स्थापित की। कविराजा श्यामलदास ने ‘वीर विनोद’ में बापा द्वारा मौर्यों से चित्तौड़ दुर्ग छीनने का समय 734 ई. बताया है।
मंगोल आक्रमणकारी चंगेज खां का आक्रमण मेवाड़ पर किसके शासनकाल में हुआ -
सही उत्तर: जैत्रसिंह
व्याख्या (Explanation)
1223 में चंगेज खान का जब भारत पर आक्रमण हुआ। उस समय मेवाड़ में राजा जैत्र सिंह का शासन था।
मेवाड़ के किस राजा के शासनकाल में जाबर में चांदी की खान निकली -
सही उत्तर: राणा लाखा
व्याख्या (Explanation)
राणा लाखा के समय में जावर माइन्स से चांदी और सीसा बहुत अधिक मात्रा में निकलने लगा जिससे आर्थिक समृद्धि बढ़ी।
प्रसिद्ध वास्तुकार फना-मना-विशल किसके दरबार में थे -
सही उत्तर: राणा मोकल
व्याख्या (Explanation)
महाराणा मोकल के दरबार में मना, फना व विसल जैसे शिल्पी तथा योगेश्वर व भट्ट विष्णु जैसे विद्वान थे।
मेवाड़ के किस शासक को सबसे अधिक उपाधियां प्राप्त थी -
सही उत्तर: राणा कुम्भा
व्याख्या (Explanation)
कुम्भा को अभिनव भरताचार्य, राणा रासौ, दानगुरू, हालगुरू, रामरायण, महाराजाधिराज, राजगुरू, परमगुरू, छापगुरू आदि उपाधियां प्राप्त थी।
स्थापत्य कला का जनक होने के कारण राणा कुम्भा को किस नाम से जाना जाता है -
सही उत्तर: हालगुरू
व्याख्या (Explanation)
हालगुरू - पर्वतीय दुर्गों का स्वामी होने के कारण/स्थापत्य कला का जनक होने के कारण