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मेवाड़ का गुहिल वंश PYQ in Hindi - पेज 13

इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 13 है।

121

अकबर ने जब 1567 ई. में चित्तौड़ पर आक्रमण किया उस समय मेवाड़ मेवाड़ का महाराणा कौन था-

Aराणा सांगा
Bराणा हमीर
Cउदयसिंह
Dअमरसिंह

सही उत्तर: उदयसिंह

व्याख्या (Explanation)

प्रबन्ध के उपरान्त महाराणा उदय सिंह (1540-1572) ने रावत नेतसी आदि कुछ सरदारों सहित गिरवा की ओर प्रस्थान किया। अकबर माण्डलगढ़ के मार्ग से 23 अक्टूबर, 1567 ई. को चित्तौड पहुँचा। अबकर ने चित्तौड़ में तीन स्थानों काबरा, नगरी और पांडोली पर अपना शिविर लगाया। अकबर से युद्ध में जयमल और कल्ला राठौड़ हनुमानपोल व भैरवपोल के बीच और रावत व पत्ता सिसोदिया रामपोल के भीतर वीरगति को प्राप्त हुए व राजपूत स्त्रियों ने जौहर किया। यह चित्तौड़ दुर्ग का ‘तृतीय साका’ था।

122

राजस्थान के इतिहास में सबसे अधिक शासन करने वाला लोकप्रयि राज्य कौनसा था -

Aमारवाड़
Bमेवाड़
Cशाकम्भरी
Dढूंढाड़

सही उत्तर: मेवाड़

व्याख्या (Explanation)

राजस्थान के इतिहास में सबसे अधिक शासन करने वाला राज्य मेवाड़ था।

123

हारित ऋषि के आशिर्वाद से किसे मेवाड़ राज्य की प्राप्ति हुई -

Aउदयसिंह
Bगुहादित्य
Cजैत्रसिंह
Dबप्पा रावल

सही उत्तर: बप्पा रावल

व्याख्या (Explanation)

ऐसी मान्यता है कि बापा रावल हारीत ऋषि की गायें चराते थे। हारीत ऋषि की अनुकम्पा से ही बापा रावल ने मेवाड़ का राज्य प्राप्त किया था। बापा रावल ने 734 ई. में मौर्य शासक मान मोरी को पराजित कर सत्ता स्थापित की। कविराजा श्यामलदास ने ‘वीर विनोद’ में बापा द्वारा मौर्यों से चित्तौड़ दुर्ग छीनने का समय 734 ई. बताया है।

124

अकबर द्वारा राणा प्रताप के पास भेजे गए दूतों का सही क्रम है -

Aजलाल खां, टोडरमल, भगवंतदास,मानसिंह
Bजलाल खां, मानसिंह, भगवंतदास, टोडरमल
Cजलाल खां, मानसिंह, टोडरमल, भगवंतदास
Dमानसिंह, भगवंतदास, जलाल खां, टोडरमल

सही उत्तर: जलाल खां, मानसिंह, भगवंतदास, टोडरमल

व्याख्या (Explanation)

अकबर द्वारा महाराणा प्रताप को समझाने हेतु भेजे गए व्यक्तियों का सही क्रम जलाल खां, मानसिंह प्रथम, भगवंतदास, टोडरमल है|

125

दिवेर युद्ध(1582ई.) के बाद महाराणा प्रताप ने नई राजधानी बनाई -

Aचावण्ड
Bकुम्भलगढ़
Cगोगुन्दा
Dउदयपुर

सही उत्तर: चावण्ड

व्याख्या (Explanation)

महाराणा प्रताप ने 1585 ई. में चावंड के शासक लूणा को परास्त कर चावंड को अपनी राजधानी बनाया।

126

कर्नल टाॅड ने ‘मेवाड़ का मैराथन युद्ध’ कहा है -

Aहल्दीघाटी युद्ध
Bदिवेर युद्ध
Cखानवा युद्ध
Dगोगुन्दा युद्ध

सही उत्तर: दिवेर युद्ध

व्याख्या (Explanation)

दिवेर का युद्ध/मेवाड़ का माराथन (अक्टूबर, 1582) : ‘अमरकाव्य’ के अनुसार 1582 ई. में राणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध दिवेर (कुंभलगढ़) पर जबरदस्त आक्रमण किया। यहाँ का सूबेदार अकबर का काका सेरिमा सुल्तान खां था। कर्नल टॉड ने इस युद्ध को ‘प्रताप के गौरव का, प्रतीक’ माना और ‘माराथन’ की संज्ञा दी।

127

‘मेवाड़ का उद्धारक’ कहा जाता है -

Aराणा प्रताप
Bराणा उदयसिंह
Cभामाशाह
Dराणा लाखा

सही उत्तर: भामाशाह

व्याख्या (Explanation)

भामाशाह उसके भाई ताराचन्द ने पच्चीस लाख रुपय एवं बीस हजार अशर्फियां राणा को भेंट की। भामाशाह की सैनिक एवं प्रशासनिक क्षमता को देखकर प्रताप ने इसी समय रामा महासहाणी के स्थान पर उसे मेवाड़ का प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया। जिससे राणा ने 25 हजार सेना का 12 वर्ष तक निर्वाह किया। इसलिए भामाशाह को ‘दानवीर’ और ‘मेवाड़ का उद्धारक’ कहा जाता है।

128

राजपूताना में स्वामी दयानन्द सरस्वती के आगमन के समय मेवाड़ के शासक थे -

Aफतेहसिंह
Bमहाराणा सज्जनसिंह
Cमहाराणा राजसिंह
Dमहाराणा भूपालसिंह

सही उत्तर: महाराणा सज्जनसिंह

व्याख्या (Explanation)

दयानंद सरस्वती का दूसरी बार 1881 में राजस्थान के भरतपुर में आगमन हुआ। महाराणा सज्जन सिंह के अनुरोध पर दयानंद सरस्वती उदयपुर पहुँचे और उन्होंने आर्य समाज का प्रचार किया। दयानंद सरस्वती के नेतृत्व में उदयपुर में 1883 में एक परोपकारिणी सभा की स्थापना की।

129

मेवाड़, मारवाड़ व जयपुर राज्य का त्रिपक्षीय संघर्ष मेवाड़ के किस महाराणा के शासनकाल में प्रारम्भ हुआ -

Aमहाराणा राजसिंह
Bमहाराणा भीमसिंह
Cजगतसिंह द्वितीय
Dमहाराणा अमरसिंह

सही उत्तर: महाराणा भीमसिंह

व्याख्या (Explanation)

कृष्णाकुमारी को लेकर गिंगोली का युद्ध 1807 ई. (परबतसर) : भूतपूर्व महाराजा भीमसिंह के साथ उदयपुर के महाराणा भीमसिंह की पुत्री कृष्णाकुमारी का रिश्ता तय हुआ था लेकिन 1803 में भीमसिंह की मृत्यु हो गई तब महाराणा ने अपनी पुत्री की सगाई जयपुर के जगतसिंह से कर दी। जब ये समाचार मानसिंह को मिला तो वह 1806 में मेड़ता पहुँचा व सेना इकट्ठी की जसवन्तराय होल्कर को भी निमन्त्रण भेजा। ये समाचार जब जयपुर के जगतसिंह के पास पहुँचा तो वह भी सेना लेकर रवाना हो गया।

130

मेवाड़ की रानी कृष्णा कुमारी को लेकर गिंगोली का युद्ध किस वर्ष हुआ -

A1803 ई.
B1807 ई.
C1809 ई.
D1811 ई.

सही उत्तर: 1807 ई.

व्याख्या (Explanation)

कृष्णाकुमारी को लेकर गिंगोली का युद्ध 1807 ई. (परबतसर) : भूतपूर्व महाराजा भीमसिंह के साथ उदयपुर के महाराणा भीमसिंह की पुत्री कृष्णाकुमारी का रिश्ता तय हुआ था लेकिन 1803 में भीमसिंह की मृत्यु हो गई तब महाराणा ने अपनी पुत्री की सगाई जयपुर के जगतसिंह से कर दी। जब ये समाचार मानसिंह को मिला तो वह 1806 में मेड़ता पहुँचा व सेना इकट्ठी की जसवन्तराय होल्कर को भी निमन्त्रण भेजा। ये समाचार जब जयपुर के जगतसिंह के पास पहुँचा तो वह भी सेना लेकर रवाना हो गया।

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