निम्न में से कौन सा ग्रन्थ कुम्भा की रचना नहीं है -
सही उत्तर: कलानिधि
व्याख्या (Explanation)
गोविंद (मंडन के पुत्र) के द्वारा कलानिधि, द्वार दीपिका, उद्धार धोरिणी पुस्तक लिखी गई।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 11 है।
निम्न में से कौन सा ग्रन्थ कुम्भा की रचना नहीं है -
सही उत्तर: कलानिधि
व्याख्या (Explanation)
गोविंद (मंडन के पुत्र) के द्वारा कलानिधि, द्वार दीपिका, उद्धार धोरिणी पुस्तक लिखी गई।
महाराणा कुम्भा द्वारा रचित ग्रंथ ‘संगीत राज’ कितने कोषों में विभक्त है -
सही उत्तर: 5
व्याख्या (Explanation)
‘संगीतराज’ के पांच भाग- पाठरत्नकोश, गीतरत्नकोश, वाद्यरत्नकोश, नृत्यरत्नकोश और रसरत्नकोश हैं।
राणा राजसिंह समकालीन था -
सही उत्तर: औरंगजेब के
व्याख्या (Explanation)
राणा राजसिंह औरंगजेब के समकालीन थे।
महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को किस युद्ध में परास्त किया था -
सही उत्तर: खातोली के युद्ध में
व्याख्या (Explanation)
मेवाड़ के महाराणा सांगा एवं दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी की महत्त्वाकांक्षाओं के फलस्वरूप दोनों के मध्य 1517 ई. में ‘खातोली’ (पीपल्दा तहसील, कोटा) में युद्ध हुआ। महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को पराजित किया।
हल्दीघाटी युद्ध के पिछे अकबर का मुख्य उद्देश्य था -
सही उत्तर: राणा प्रताप को अपने अधिन लाना
व्याख्या (Explanation)
हल्दीघाटी के पीछे अकबर का मुख्य उद्देश्य राणा प्रताप को अपने अधीन लाना था।
1578 ई. में कुम्भलगढ़ पर किसने आक्रमण किया -
सही उत्तर: शाहबाज खां
व्याख्या (Explanation)
शाहबाज खाँ ने 1578 ई. में कुम्भलगढ़ पर आक्रमण किया। लम्बे समय तक उसने कुम्भलगढ़ पर आकमण जारी रखा। रसद की कमी होने पर प्रताप किले का भार मानसिंह सोनगरा को सौंपकर पहाड़ों की ओर निकल गया। अंत में भीषण संघर्ष के बाद 3 अप्रैल, 1578 को शाहबाज खाँ ने कुम्भलगढ़ दुर्ग पर अधिकार कर लिया।
अपना सिर काटकर देने वाली हाड़ी रानी का नाम क्या था -
सही उत्तर: रानी सहल कंवर
व्याख्या (Explanation)
हाड़ी रानी हाड़ा वंश की राजकुमारी सहल कंवर सलूम्बर के युवा सामन्त रतनसिंह चूंडावत की नवविवाहिता पत्नी थी। रतनसिंह चूंडावत मेवाड़ के महाराणा राजसिंह सिसोदिया का सामंत था। जब वह औरंगजेब के विरूद्ध युद्ध के मैदान में जा रहा था तो जाते हुए अपनी पत्नी की याद सताने लगी। चूंडावत ने अपने सेवक को भेजकर रानी से सैनाणी (निशानी) लाने को कहा ताकि युद्ध के मैदान में उसकी याद न सताएं। रानी ने सोचा कि मेरी यादों के कारण वे अपना कर्तव्य पूरा नहीं कर पायेंगे। हाड़ी रानी ने सेवक के हाथ से तलवार लेकर अपना सिर काट डाला।
निम्न में से कौनसा विद्वान कुम्भा के दरबार में नहीं था -
सही उत्तर: फरिश्ता
व्याख्या (Explanation)
राणा कुंभा के दरबार में टीला भट्ट, मुनि सुंदर सूरी, नाथा विद्वान थे।
निम्न में से किस रचना में अमीर खुसरो ने चित्तौड़ पर अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण का वर्णन किया है -
सही उत्तर: खाजाइन-उल-फुतूह
व्याख्या (Explanation)
अमीर खुसरो, जो अलाउद्दीन के साथ चित्तौड़ गए थे, ने संक्षेप में अपने खज़ान उल-फुतुह में घेराबंदी का वर्णन किया है। लेखक अमीर खुसरो ने लिखा है कि सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सेना का शाही शिविर गंभीरी और बेड़च नदियों के मध्य लगाया जो की चित्तौड़गढ़ किले के पास है। अलाउद्दीन खिलजी ने अपना स्वयं का शिविर चितौड़ी नामक पहाड़ी पर लगाया था, वहीं से अलाउद्दीन रोज चित्तौड़ के किले के घेरे के संबंध में निर्देश देता था।
स्रोत: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-B)
किस राजपूत सरदार ने खानवा के युद्ध में राणा सांगा के घायल होने पर उनका राज-चिन्ह धारण करके युद्ध जारी रखा था -
सही उत्तर: झाला अज्जा
व्याख्या (Explanation)
खानवा के युद्ध में में राणा सांगा घायल हो गया। हलवद (काठियावाड़) के झाला राजसिंह के पुत्र झाला अज्जा को सांगा के राजचिह्न धारण करवा कर रणक्षेत्र में हाथी के ओहदे पर बिठाया गया। अंतिम रूप से विजय बाबर की हुई।