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मेवाड़ का गुहिल वंश PYQ in Hindi - पेज 2

इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 2 है।

11

किस गुहिल शासक ने इल्तुतमिश की सेना को भूताला की लड़ाई में पीछे धकेला था?

📋 पूछा गया: Deputy Commandant (Home Guard Deptt.) Exam - 2025
Aसमर सिंह
Bतेज सिंह
Cवैरी सिंह
Dजैत्र सिंह

सही उत्तर: जैत्र सिंह

व्याख्या (Explanation)

जैत्रसिंह के समय दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश का नागदा पर आक्रमण (भूताला का युद्ध) हुआ। संम्भवतः इल्तुतमिश ने 1222 ई. से 1229 के मध्य मेवाड़ पर आक्रमण किया। जयसिंह सुरि के हम्मीर मद मर्दन के अनुसार जैत्रसिंह ने इल्तुतमिश को परास्त कर पीछे धकेल दिया (आबु व चीरवा शिलालेख के अनुसार)।

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स्रोत: Deputy Commandant (Home Guard Deptt.) Exam - 2025

12

निम्नलिखित में से कौनसा सेनानायक हल्दीघाटी के युद्ध के दौरान महाराणा प्रताप के सैन्य संरचना के किसी भाग का नेतृत्व नहीं कर रहा था -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - D)
Aभामाशाह
Bपूंजा
Cजगन्नाथ कछवाहा
Dमानसिंह झाला

सही उत्तर: जगन्नाथ कछवाहा

व्याख्या (Explanation)

हल्दीघाटी युद्ध (1576) में महाराणा प्रताप की सेना में भामाशाह (खजांची, लेकिन युद्ध में भाग लिया), पूंजा (भील सरदार, भील सेना का नेतृत्व), मानसिंह झाला (झाला सरदार) ने नेतृत्व किया। लेकिन जगन्नाथ कछवाहा (आमेर के राजा भारमल के पुत्र) मुगल पक्ष में थे और अकबर की सेना में मानसिंह के साथ लड़े।

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स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - D)

13

निम्नलिखित में से किस राजपूत शासक ने ‘विजय कटकातु’ की उपाधि धारण की -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - D)
Aमहाराजा रायसिंह
Bमहाराणा राजसिंह
Cसवाई जयसिंह
Dमहाराणा प्रताप

सही उत्तर: महाराणा राजसिंह

व्याख्या (Explanation)

महाराणा राजसिंह ने ‘विजय कटकातु’ की उपाधि धारण की थी। राणा राज सिंह (1652-1680) ने मेवाड़ के शासकों के अधीन मुगलों से प्रतिरोध की नीति अपनाई थी।

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स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - D)

14

औरंगज़ेब ने महाराणा राजसिंह को कौनसे परगने प्रदान किए थे -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - C)
Aटोडा, मालपुरा, चाटसु
Bदरीबा, मांडल, बनेड़ा
Cडूंगरपुर, बांसवाड़ा, गयासपुर
Dशाहपुरा, खैराबाद, जहाजपुर

सही उत्तर: डूंगरपुर, बांसवाड़ा, गयासपुर

व्याख्या (Explanation)

औरंगजेब ने शासक बनते ही महाराणा राजसिंह के पद को 6 हजार ‘जात’ और 6 हजार ‘सवार’ बढ़ा दिया और ग्यासपुरा, डूँगरपुर, बाँसवाड़ा के परगने उसके अधिकार क्षेत्र में कर दिये। औरंगजेब द्वारा प्राप्त फरमान से राणा ने 1669 ई. में डूँगरपुर, बाँसवाड़ा और देवलिया पर धावा बोल दिया। इससे भयभीत होकर वहाँ के शासकों ने राणा के अधिकार को मान्यता दी।

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स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - C)

15

निम्नलिखित में से कौन हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना में शामिल था -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - B)
Aशालिवान
Bमान सिंह
Cजगन्नाथ कछवाहा
Dसैयद हाशिम बरहा

सही उत्तर: शालिवान

व्याख्या (Explanation)

शालीवाहन सिंह तोमर (Shalivahan Singh Tomar) मेवाड़ के राणा उदयसिंह जी के जमाई और वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी के बहनोई थे। शालिवान प्रताप की सेना में शामिल थे।

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स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - B)

16

निम्न में से किसने करमचंद पँवार को अजमेर, परबतसर एवं बनेड़ा परगने जागीर में प्रदान किये थे -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - A)
Aमहाराणा सांगा
Bमहाराणा प्रताप
Cराव चन्द्रसेन
Dराय सिंह

सही उत्तर: महाराणा सांगा

व्याख्या (Explanation)

महाराणा सांगा ने करमचंद पंवार को ये जागीरें दीं। सांगा ने श्रीनगर (अजमेर) कर्मचन्द पंवार के यहाँ शरण ली, कर्मचन्द को जब पता चला कि ये मेवाड़ का राजकुमार है, तब उसने अपनी पुत्री का विवाह संग्रामसिंह से किया, संग्रामसिंह जब राणा बना तब उसने कर्मचन्द का अहसान उतारने के लिए उसे जागीर दी व ‘रावत’ की उपाधि दी। महाराणा सांगा ने राजगद्दी पर बैठते ही श्रीनगर के ठाकुर कर्मचन्द पंवार को अजमेर, परबतसर, मांडल, फूलिया, बनेड़ा आदि जागीरें दीं, जिनकी कुल वार्षिक आय 15 लाख थी। महाराणा ने ठाकुर कर्मचंद को ‘रावत’ की पदवी भी दी।

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स्रोत: Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group - A)

17

निम्नलिखित कथनों को पढ़िए और सही कूट चुनिए - (A) महाराणा प्रताप ने अकबर के विरुद्ध कुछ राज्यों का एक गठबन्धन बनाया था। (B) महाराणा प्रताप के गठबन्धन में इडर, जालौर एवं सिरोही राज्य थे। कूट -

📋 पूछा गया: Agriculture Dept. Exam - 2024
Aकेवल (B) सही है।
B(A) और (B) दोनों गलत हैं।
Cकेवल (A) सही है।
D(A) और (B) दोनों सही हैं।

सही उत्तर: (A) और (B) दोनों सही हैं।

व्याख्या (Explanation)

महाराणा प्रताप ने मुगलों (अकबर) के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध और गठबंधन की रणनीति अपनाई। उन्होंने सिरोही, इडर, जालौर जैसे पड़ोसी राज्यों के साथ सहयोग किया और उन्हें मुगल विरोध में प्रोत्साहित किया।

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स्रोत: Agriculture Dept. Exam - 2024

18

1517 में खातोली के युद्ध में राणा सांगा ने किसे पराजित किया था -

📋 पूछा गया: Village Development Officer Exam 2025
Aसुल्तान मुजफ्फर
Bइब्राहिम लोदी
Cसुल्तान नसीरुद्दीन
Dबहलोल लोदी

सही उत्तर: इब्राहिम लोदी

व्याख्या (Explanation)

खातोली का युद्ध (1517 ई.) : मेवाड़ के महाराणा सांगा एवं दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी की महत्त्वाकांक्षाओं के फलस्वरूप दोनों के मध्य 1517 ई. में ‘खातोली’ (पीपल्दा तहसील, कोटा) में युद्ध हुआ। महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को पराजित किया।

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स्रोत: Village Development Officer Exam 2025

19

गोरा और बादल चित्तौड़ के किस शासक के सेनापति थे -

📋 पूछा गया: Village Development Officer Exam 2025
Aबप्पा रावल
Bरतन सिंह
Cजैत्र सिंह
Dमहाराणा लाखा

सही उत्तर: रतन सिंह

व्याख्या (Explanation)

गोरा और बादल राणा रतन सिंह (1302-03) के वीर योद्धा थे। रतन सिंह के सेनापति गोरा और बादल के नेतृत्व में राजपूत सैनिकों ने केसरिया वस्त्र धारण कर चित्तौड़ दुर्ग के द्वार खोलकर शत्रु पर टूट पड़े और वीरगति को प्राप्त हुए, गोरा रानी पद्मिनी का चाचा तो बादल रानी पद्मिनी का भाई था। महल के अंदर 1600 स्त्रियों ने रानी पद्मिनी के नेतृत्व में जौहर किया जो चित्तौड़ का प्रथम साका था। 26 अगस्त, 1303 ई. को सोमवार के दिन 6 महीने व 7 दिन की लड़ाई के बाद रावल रतनसिंह वीरगति को प्राप्त हुए और अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ दुर्ग फतह कर कत्लेआम का हुक्म दिया।। अलाउद्दीन खिलजी कुछ दिनों तक चित्तौड़ में रुककर अपने पुत्र खिज्र खां को चित्तौड़ का शासन सौंपकर दिल्ली लौट गया तथा उसने चित्तौड़ का नाम बदलकर खिज्राबाद रख दिया।

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स्रोत: Village Development Officer Exam 2025

20

1227 में भुटाला के युद्ध में दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश की सेना को किसने हराया था -

📋 पूछा गया: परिचालक सीधी भर्ती-2024
Aबप्पा रावल
Bजैत्र सिंह
Cरतन सिंह
Dमहाराणा लाखा

सही उत्तर: जैत्र सिंह

व्याख्या (Explanation)

जैत्रसिंह के समय दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश का नागदा पर आक्रमण (भूताला का युद्ध) हुआ। संम्भवतः इल्तुतमिश ने 1222 ई. से 1229 के मध्य मेवाड़ पर आक्रमण किया। जयसिंह सुरि के हम्मीर मद मर्दन के अनुसार जैत्रसिंह ने इल्तुतमिश को परास्त कर पीछे धकेल दिया (आबु व चीरवा शिलालेख के अनुसार)।

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स्रोत: परिचालक सीधी भर्ती-2024

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