किसने मेवाड़ की राजधानी नागदा से चित्तौड़ हस्तांतरित की -
सही उत्तर: जैत्रसिंह
व्याख्या (Explanation)
जैत्रसिंह के समय दिल्ल्ी के सुल्तान इल्तुतमिश ने नागदा पर आक्रमण किया व वहां भारी क्षति पहुंचाई। अतः जैत्रसिंह ने अपनी राजधानी चित्तौड़ बनायी।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 25 है।
किसने मेवाड़ की राजधानी नागदा से चित्तौड़ हस्तांतरित की -
सही उत्तर: जैत्रसिंह
व्याख्या (Explanation)
जैत्रसिंह के समय दिल्ल्ी के सुल्तान इल्तुतमिश ने नागदा पर आक्रमण किया व वहां भारी क्षति पहुंचाई। अतः जैत्रसिंह ने अपनी राजधानी चित्तौड़ बनायी।
किसके शासनकाल में औरंगजेब ने मेवाड़ राज्य से जजिया कर वसूला -
सही उत्तर: महाराणा राजसिंह
व्याख्या (Explanation)
मुगल सम्राट औरंगजेब ने महाराणा राजसिंह के शासनकाल में ‘जजिया कर(एक धार्मिक कर, 1679ई.)’ को लगाया।
ऊँटाले दुर्ग का युद्ध मेवाड़ के किस शासक के समय में हुआ -
सही उत्तर: अमरसिंह
व्याख्या (Explanation)
ऊटाला गढ़, राजधानी उदयपुर से 39 कि.मी. पूर्व दिशा में स्थित है!( जो वर्तमान में वल्लभनगर के नाम से जाना जाता है) इसके चारों और मजबूत परकोटा बना हुआ है! मेवाड़ के शासक अमर सिंह के समय सिसोदिया वंश की दो शाखाओ चुंडावत और चंदावल में सेना की हरावल (सेना का सबसे आगे वाला भाग )में रहने की मांग को लेकर ऊँटाले दुर्ग का युद्ध हुआ
राणा सांगा और बाबर के मध्य खानवा का युद्ध कब लड़ा गया -
सही उत्तर: 17 मार्च, 1527
व्याख्या (Explanation)
खानवा युद्ध राणा सांगा एवं मुगल सम्राट जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर के मध्य 17 मार्च, 1527 ई. को बयाना के पास (वर्तमान रूपबास) हुआ।
स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)
1582 ई. में महाराणा प्रताप की दिबेर-विजय के समय वहां के अधिकारी थे -
सही उत्तर: सुल्तान खान गोरी
व्याख्या (Explanation)
‘अमरकाव्य’ के अनुसार 1582 ई. में राणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध दिवेर (कुंभलगढ़) पर जबरदस्त आक्रमण किया। यहाँ का सूबेदार अकबर का काका सेरिमा सुल्तान खां था। जब कुंवर अमरसिंह ने अपना भाला सेरिमा सुल्तान पर मारा तो भाला सेरिमा के लोहे के बख्तर को चीरते हुए उसके शरीर में प्रवेश कर पार हो गया। यह देख बाकी मुगल सेना भाग खड़ी हुई।
स्रोत: Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1)
डूंगरपुर राज्य में गुहिल राजवंश का संस्थापक कौन था -
सही उत्तर: उदयसिंह
व्याख्या (Explanation)
महारावल उदयसिंह ने अपने जीवनकाल में ही अपना राज्य दो भागों में बांट दिया था। - पश्चिमी भाग (डूंगरपुर) ज्येष्ठ पुत्र पृथ्वीराज को तथा पूर्वी भाग (बांसवाड़ा) दूसरे पुत्र जगमाल को दे दिया।
स्रोत: JSA Chemistry-2019(Rajasthan Gk)
कुम्भा का गुजरात के साथ संघर्ष का प्रारंभिक कारण क्या था -
सही उत्तर: नागौर विवाद
व्याख्या (Explanation)
मेवाङ और गुजरात के संघर्ष का मुख्य कारण नागौर की राजनीतिक स्थिति थी।
स्रोत: College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)
मेवाड़ के महाराणा प्रताप के विरूद्ध अंतिम मुगल आक्रमण का नेतृत्व किसने किया -
सही उत्तर: जगन्नाथ
व्याख्या (Explanation)
5 दिसम्बर, 1584 को कछवाह जगन्नाथ के नतृत्व में एक सशक्त सेना मेवाड़ भेजी गयी। जगन्नाथ कछवाहा को भी सफलता नहीं मिली अपितु उसकी मांडलगढ़ में मृत्यु हो गई। जहां पर महाराणा प्रताप ने बदला लेने के लिए आमेर के क्षेत्र पर आक्रमण कर मालपुरा को लूटा व झालरा तालाब के निकट शिव मंदिर ‘नीलकण्ठ महादेव’ का निर्माण करवाया। सन् 1585 के बाद अकबर ने मेवाड़ पर कोई आक्रमण नहीं किया।
स्रोत: College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)
आठवीं शताब्दी में मेवाड़में एकलिंगजी मंदिर का निर्माण किसने करवाया था -
सही उत्तर: बप्पा रावल
व्याख्या (Explanation)
बापा रावल हारीत ऋषि का शिष्य एवं पाशुपत संप्रदाय का अनुयायी था। अतः उसने पाशुपत एकलिंगजी को अपना आराध्यदेव माना एवं कैलाशपुरी (उदयपुर) में एकलिंगजी का मंदिर बनवाया।
स्रोत: JSA Toxicology-2019(Rajasthan Gk)
हल्दी घाटी के युद्ध से पूर्व महाराणा प्रताप से समझौता करने के लिए अकबर ने निम्नलिखित में से किसे भेजा -
सही उत्तर: अमीर जलाल खान
व्याख्या (Explanation)
अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए चार राजदूत नियुक्त किए जिसमें सर्वप्रथम सितम्बर 1572 ई. में जलाल खाँ प्रताप के खेमे में गया, इसी क्रम में मानसिंह (1573 ई. में ), भगवानदास ( सितम्बर, 1573 ई. में ) तथा राजा टोडरमल ( दिसम्बर,1573 ई. ) प्रताप को समझाने के लिए पहुँचे, लेकिन राणा प्रताप ने चारों को निराश किया, इस तरह राणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके परिणामस्वरूप हल्दी घाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ।
स्रोत: JSA Toxicology-2019(Rajasthan Gk)