मेवाड़ के सिसौदिया वंश का प्रथम शासक कौन था -
सही उत्तर: राणा हम्मीर
व्याख्या (Explanation)
सीसोद गांव के ठाकुर राणा हम्मीर सिसोदिया वंश के प्रथम शासक थे।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 26 है।
मेवाड़ के सिसौदिया वंश का प्रथम शासक कौन था -
सही उत्तर: राणा हम्मीर
व्याख्या (Explanation)
सीसोद गांव के ठाकुर राणा हम्मीर सिसोदिया वंश के प्रथम शासक थे।
सिंगोली का युद्ध हुआ -
सही उत्तर: मुहम्मद बिन तुगलक व राणा हम्मीर
व्याख्या (Explanation)
राणा हम्मीर व दिल्ली के सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक के बीच मे सिंगोली नामक स्थान पर युद्ध हुआ वर्तमान में सिंगोली नामक स्थान उदयपुर में स्थित है
धनेश्वर भट्ट व झोटिंग भट्ट नामक प्रसिद्ध संगीतज्ञ किसके दरबार की शोभा बढ़ाते थे -
सही उत्तर: राणा लाखा
व्याख्या (Explanation)
राणा लाख एक विद्वान शासक होने के साथ-साथ एक प्रसिद्ध संगीतज्ञ भी थे।
नौ मंजिला डमरू के समान दिखने वाली इमारत विजय स्तम्भ की किस मंजिल पर ‘अल्लाह’ शब्द अंकित है -
सही उत्तर: तीसरी
व्याख्या (Explanation)
विजय स्तम्भ की तीसरी मंजिल पर अरबी भाषा में 9 बार अल्लाह शब्द लिखा है।
राणा प्रताप की छतरी कहां स्थत है, जहां जनवरी, 1597 ई. को राणा प्रताप की मृत्यु हुई -
सही उत्तर: बाड़ौली
व्याख्या (Explanation)
उदयपुर में स्थित बाड़ौली राणा प्रताप के स्मारक या छतरी के रूप में प्रसिद्ध है। प्रताप के इस स्मारक को 8 खम्भों वाली छतरी भी कहा जाता है।
अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए सर्वप्रथम किसे भेजा -
सही उत्तर: जलाल खान
व्याख्या (Explanation)
अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए चार राजदूत नियुक्त किए जिसमें सर्वप्रथम सितम्बर 1572 ई. में जलाल खाँ प्रताप के खेमे में गया, इसी क्रम में मानसिंह (1573 ई. में ), भगवानदास ( सितम्बर, 1573 ई. में ) तथा राजा टोडरमल ( दिसम्बर,1573 ई. ) प्रताप को समझाने के लिए पहुँचे, लेकिन राणा प्रताप ने चारों को निराश किया, इस तरह राणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके परिणामस्वरूप हल्दी घाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ।
स्रोत: Junior Instructor(Eco. Investigator)
हल्दीघाटी के युद्ध के पश्चात् महाराणा प्रताप ने मुगलों के विरूद्ध कहां से प्रतिरोध जारी रखा -
सही उत्तर: चावण्ड
व्याख्या (Explanation)
महाराणा प्रताप ने चावण्ड को अपनी संकटकालीन राजधानी बनाई तथा यहीं से मुगलों से संघर्ष जारी रखा था।
स्रोत: Junior Instructor(fitter)
राणा सांगा के उस सहयोगी का नाम बताइये जिसने खानवा युद्ध के नाजुक पड़ाव पर अपना समर्थन वापस ले लिया -
सही उत्तर: सल्हदी तंवर
व्याख्या (Explanation)
खानवा युद्ध राणा सांगा एवं मुगल सम्राट जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर के मध्य 17 मार्च, 1527 ई. को बयाना के पास (वर्तमान रूपबास) हुआ। रायसीन के सलहदी तंवर व नागौर के खानजादा युद्ध के अंतिम दौर में बाबर से जा मिले। अंतिम रूप से विजय बाबर की हुई।
स्रोत: Junior Instructor(fitter)
महाराणा राज सिंह ने मारवाड़ के किस शासक को मुगलों के विरूद्ध आश्रय दिया -
सही उत्तर: अजीत सिंह
व्याख्या (Explanation)
वीर दुर्गादास, गोरा धाय तथा मुकुंददास खींची ने अजीत सिंह को चुपके से दिल्ली से निकाल कर सिरोही राज्य के कालिन्द्री मंदिर में छिपा दिया। इस कार्य में मेवाड़ महाराणा राजसिंह सिसोदिया ने बड़ी सहायता की। मेवाड़ महाराजा राजसिंह ने अजीतसिंह के निर्वाह के लिए दुर्गादास को केलवा की जागीर-प्रदान की।
स्रोत: Junior Instructor(welder)
जेम्स टाड ने निम्न में से किस युद्ध को ‘मेवाड़ के इतिहास का मेरेथाॅन’ कहा है -
सही उत्तर: दिवेर का युद्ध
व्याख्या (Explanation)
‘अमरकाव्य’ के अनुसार 1582 ई. में राणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध दिवेर (कुंभलगढ़) पर जबरदस्त आक्रमण किया। यहाँ का सूबेदार अकबर का काका सेरिमा सुल्तान खां था। जब कुंवर अमरसिंह ने अपना भाला सेरिमा सुल्तान पर मारा तो भाला सेरिमा के लोहे के बख्तर को चीरते हुए उसके शरीर में प्रवेश कर पार हो गया।
स्रोत: Junior Instructor(welder)