सिसोदिया वंश का शासन निम्न में से किस रियासत पर था-
सही उत्तर: प्रतापगढ़
व्याख्या (Explanation)
प्रतापगढ़ रियासत पर सिसोदिया वंश का शासन था।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के मेवाड़ का गुहिल वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 443 प्रश्नों में से यह पेज 28 है।
सिसोदिया वंश का शासन निम्न में से किस रियासत पर था-
सही उत्तर: प्रतापगढ़
व्याख्या (Explanation)
प्रतापगढ़ रियासत पर सिसोदिया वंश का शासन था।
हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की रक्षा किसने की -
सही उत्तर: झाला बीदा
व्याख्या (Explanation)
राणा के युद्ध क्षेत्र से हटने से पूर्व सादड़ी का झाला बीदा राणा के सिर से छत्र खींचकर स्वयं धारण कर मानसिंह के सैनिकों पर झपट पड़ा और लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ।
अकबर ने चित्तौड़ के किले पर कब अधिकार किया है -
सही उत्तर: 25 फरवरी, 1568 ई.
व्याख्या (Explanation)
25 फरवरी, 1568 को अकबर ने किले पर अधिकार कर लिया। जयमल और पत्ता की वीरता पर मुग्ध होकर अकबर ने आगरा जाने पर हाथियों पर चढ़ी हुई उनकी पाषाण की मूर्तियाँ बनवा कर किले के द्वार पर खड़ी करवाई।
मुगल-मेवाड़ संधि 1615 .......... के मध्य हुई -
सही उत्तर: जहांगीर एवं अमरसिंह
व्याख्या (Explanation)
राज्य की हालत दुष्काल से भी अधिक भयंकर बन गयी। अब तक मेवाड़ युद्धों के कारण जर्जर हो चुका था। अतः सभी सामंतों, दरबारियों एवं कुंवर कर्णसिंह के निवेदन पर राणा अमरसिंह ने अपना मन मारकर मुगलों से 5 फरवरी, 1615 ई. में मुगल-मेवाड़ संधि की। अमरसिंह मुगलों से संधि करने वाला मेवाड़ का प्रथम शासक था। मुगल बादशाह जहाँगीर और मेवाड़ के राणा अमर सिंह के मध्य चित्तौड़ की संधि (1615 ई-) हस्ताक्षरित हुई थी।
अकबर ने दिसम्बर 1573 में प्रताप को समझाने के लिए किसे भेजा था -
सही उत्तर: टोडरमल
व्याख्या (Explanation)
अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए चार राजदूत नियुक्त किए जिसमें सर्वप्रथम सितम्बर 1572 ई. में जलाल खाँ प्रताप के खेमे में गया, इसी क्रम में मानसिंह (1573 ई. में ), भगवानदास ( सितम्बर, 1573 ई. में ) तथा राजा टोडरमल ( दिसम्बर,1573 ई. ) प्रताप को समझाने के लिए पहुँचे, लेकिन राणा प्रताप ने चारों को निराश किया, इस तरह राणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके परिणामस्वरूप हल्दी घाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ।
अकबर ने महाराणा प्रताप को समझाने के लिये किसे प्रथम संदेशवाहक के रूप में भेजा -
सही उत्तर: जलाल खां
व्याख्या (Explanation)
अकबर ने अपनी गुजरात विजय के बाद अपने मनसबदार जलाल खाँ कोरची को राणा प्रताप के पास इस आशय से भेजा कि वह (राणा) अकबर की अधीनता स्वीकार कर ले। राणा प्रताप ने शिष्टता के साथ इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
1903 एवं 1911 में आयोजित दिल्ली दरबार में राजस्थान के किस शासक ने भाग नहीं लिया था -
सही उत्तर: उदयपुर के महाराणा फतेहसिंह
व्याख्या (Explanation)
1911 में भारत में जॉर्ज पंचम के आगमन पर, फतेह सिंह दिल्ली दरबार में भाग लेने के लिए दिल्ली गए, लेकिन केसरी सिंह बारहठ द्वारा लिखित चेतावणी रा चूंगत्या को पढ़ने के बाद दिल्ली दरबार में भाग लिए बिना मेवाड़ लौट आए।
राणा कुम्भा को राजस्थान का ‘अभिनवभरताचार्य’ कहा गया है क्योंकि -
सही उत्तर: संगीत प्रेमी थे
व्याख्या (Explanation)
राणा कुंभा राजपूताना के सभी शासकों में सर्वोपरि है, इसलिए उसे ‘हिन्दु सुरताण’ तथा संगीत प्रेमी होने के कारण ‘अभिनव भारताचार्य’ व ‘वीणावादन प्रवीणेन’ कहा जाता है।
मेवाड़ का भीष्म पितामह किसे कहा जाता है -
सही उत्तर: युवराज चूड़ा
व्याख्या (Explanation)
मेवाड़ का भीष्म पितामह युवराज चूड़ा को कहा जाता है क्योंकि उन्होंने हंशा बाई व पिता लाखा के विवाह की शर्त को पूरा करने के लिए आजीवन मेवाड़ सिहासन का संरक्षक बने रहने की प्रतिज्ञा की थी। भीष्म अथवा भीष्म पितामह महाभारत के सबसे महत्वपूर्ण पात्रों में से एक थे। भीष्म महाराजा शान्तनु और देव नदी गंगा की आठवीं सन्तान थे। उनका मूल नाम देवव्रत था। भीष्म में अपने पिता शान्तनु का सत्यवती से विवाह करवाने के लिए आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करने की भीषण प्रतिज्ञा की थी।
कुम्भा के विषय में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है -
सही उत्तर: वह स्वंय विद्वान नहीं था पर विद्वानों को आश्रय देता था।
व्याख्या (Explanation)
महाराणा कुम्भा न केवल वीर, युद्धकौशल में निपुण तथा कला प्रेमी थे वरन् एक विद्वान तथा विद्यानुरागी भी थे। महाराणा कुम्भा स्वंय वीणा बजाया करते थे। इनके संगीत गुरू सारंग व्यास थे। जबकी इनके गुरू जैन आचार्य हीरानंद थे।