स्टैण्ड अप इंडिया योजना के तहत ऋण की राशि कितनी प्रदान की जाती है -
सही उत्तर: ₹10 लाख से ₹1 करोड़
व्याख्या (Explanation)
SC, ST तथा महिला उद्यमियों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक की ऋण सुविधा प्रदान की जाती है।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के आर्थिक समीक्षा 2024-25 से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 255 प्रश्नों में से यह पेज 24 है।
स्टैण्ड अप इंडिया योजना के तहत ऋण की राशि कितनी प्रदान की जाती है -
सही उत्तर: ₹10 लाख से ₹1 करोड़
व्याख्या (Explanation)
SC, ST तथा महिला उद्यमियों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक की ऋण सुविधा प्रदान की जाती है।
राजस्थान में औसतन कितने व्यक्तियों पर एक बैंक शाखा कार्यरत है (1 अक्टूबर 2024 के अनुसार) -
सही उत्तर: 9,660
व्याख्या (Explanation)
राज्य की अनुमानित जनसंख्या 824.06 लाख (1 अक्टूबर 2024) के अनुसार राजस्थान में औसतन 9,660 व्यक्तियों पर एक बैंक शाखा कार्यरत है।
स्वयं के कर राजस्व में सर्वाधिक हिस्सा किसका है -
सही उत्तर: SGST
व्याख्या (Explanation)
राजस्व आय के स्त्रोत स्वयं के कर> केंद्रीय करों में हिस्सेदारी> केंद्रीय अनुदान> गैर कर आय। स्वयं के कर राजस्व आय में सर्वाधिक हिस्सा - SGST>बिक्रीकर >State excise> वाहनों पर कर पूंजीगत आय में सर्वाधिक योगदान - लोक ऋण का (Public finance)
वर्ष 2023-24 में राजकोषीय घाटे का राज्य जीडीपी (GSDP) से अनुपात कितना था -
सही उत्तर: 4.31%
व्याख्या (Explanation)
राजकोषीय संकेतक FRBM Act के अनुसार होना चाहिए वास्तविक राजस्व आधिक्य (+) / घाटा (-) (राशि करोड़ में) राजस्व आधिक्य अथवा शून्य घाटा (-) ₹38,955 (2.56% Of GSDP) राजकोषीय घाटा राजकोषीय घाटे का राज्य जीडीपी से अनुपात (% में) 3% या कम (-) ₹65,580 (4.31%) राजकोषीय देनदारियों का राज्य जीडीपी से अनुपात (% में) 34% से अधिक नहीं 35.75%
वर्ष 2023-24 में राजस्व प्राप्तियों का राज्य के कुल व्यय में योगदान कितना प्रतिशत था -
सही उत्तर: 75.49%
व्याख्या (Explanation)
राज्य के कुल व्यय का भार वहन करने में राजस्व प्राप्तियों का योगदान वर्ष 2023-24 में 75.49 प्रतिशत रहा है तथा शेष राशि पूंजीगत प्राप्तियों एवं ऋण से पूरित की गई है। वर्ष 2023-24 में योजनाओं पर व्यय राशि ₹1,56,867 करोड़ का हुआ जो कि गत वर्ष की तुलना में 10.27 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2023-24 में वेतन एवं मज़दूरी पर व्यय, कुल राजस्व व्यय (पेंशन भुगतान व ब्याज को छोड़कर) का 36.15 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2023-24 में वेतन तथा मजदूरी में पिछले वर्ष की तुलना में 9.41 प्रतिशत की वृद्धि रही है। वर्ष 2023-24 में विकासात्मक व्यय अर्थात् सामाजिक एवं आर्थिक सेवाओं पर व्यय ₹1,91,190 करोड़ का रहा, जो कि समग्र व्यय का 71.0 प्रतिशत है।
CPI-IW (औद्योगिक श्रमिकों के लिए) के लिए राजस्थान में कौन सा केंद्र शामिल नहीं है -
सही उत्तर: अजमेर
व्याख्या (Explanation)
औद्योगिक श्रमिकों के लिए (CPI-IW) श्रम ब्यूरो (शिमला) द्वारा जारी। आधार वर्ष - 2016 इसमें राजस्थान के 3 केंद्र है - जयपुर केंद्र, अलवर केंद्र, भीलवाड़ा केंद्र। (JAB) नोट:- आधार वर्ष 2001 के स्थान पर 2016 जबकि अजमेर केंद्र की जगह अलवर केंद्र किया गया है।
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में राजस्थान के लिए कितनी वस्तुएँ शामिल की गई हैं -
सही उत्तर: 154
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधार वर्ष 1999-2000 प्रतिमाह जारी। 154 वस्तुएं इसमें शामिल की गई है।75 प्राथमिक वस्तुएं। 69 विनिर्माण वस्तुएं। 10 ईंधन, शक्ति, प्रकाश, उपस्नेहक वस्तुएं।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के लिए ग्रामीण, शहरी और संयुक्त (CPI-R,U&C) का आधार वर्ष क्या है -
सही उत्तर: 2012
व्याख्या (Explanation)
CPI (Rural/Urban): NSO द्वारा जारी आधार वर्ष 2012
वर्ष 2023-24 में सकल स्थाई पूँजी निर्माण (GFCF) में निजी क्षेत्र का योगदान कितना था -
सही उत्तर: 78.27%
व्याख्या (Explanation)
वर्ष 2023-24 में सकल स्थाई पूंजी निर्माण में गत वर्ष 2022-23 की तुलना में 11.65% की वृद्धि हुई है। सकल स्थाई पूंजी निर्माण में निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र का योगदान वर्ष 2023-24 में क्रमशः 78.27 एवं 21.73 प्रतिशत रहा है।
वर्ष 2023-24 में प्रचलित कीमतों पर सकल स्थाई पूँजी निर्माण (GFCF) का मूल्य सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का कितना प्रतिशत था -
सही उत्तर: 29.45%
व्याख्या (Explanation)
सकल स्थाई पूंजी निर्माण को वर्ष के दौरान उत्पादनकर्ता द्वारा सृजित की गई परिसम्पत्तियों में से निस्तारित सम्पत्तियों (Disposal assets) को घटाने के बाद तथा गणना अवधि में गैर उत्पादित परिसम्पत्तियों (non produced assets) को उत्पादन गतिविधियों में उपयोग की कीमत के आधार पर मापा जाता है। प्रचलित कीमतों पर वर्ष 2023-24 के अन्त में कुल सम्पत्तियाँ ₹4,48,061 करोड़ अनुमानित की गई हैं, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (₹15,21,510 करोड़) का 29.45% है।