जैसलमेर के बाघेवाला क्षेत्र से 2024-25 में कितने बैरल भारी तेल का उत्पादन किया जा रहा है -
सही उत्तर: 1,55,713
व्याख्या (Explanation)
जैसलमेर के बाघेवाला क्षेत्र से 2024-25 में लगभग 1,55,713 बैरल भारी तेल का उत्पादन किया जा रहा है।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के आर्थिक समीक्षा 2024-25 से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 255 प्रश्नों में से यह पेज 6 है।
जैसलमेर के बाघेवाला क्षेत्र से 2024-25 में कितने बैरल भारी तेल का उत्पादन किया जा रहा है -
सही उत्तर: 1,55,713
व्याख्या (Explanation)
जैसलमेर के बाघेवाला क्षेत्र से 2024-25 में लगभग 1,55,713 बैरल भारी तेल का उत्पादन किया जा रहा है।
बाड़मेर के कितने क्षेत्रों से कच्चे तेल का उत्पादन किया जा रहा है -
सही उत्तर: 15
व्याख्या (Explanation)
बाड़मेर के 15 क्षेत्रों (मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या, सरस्वती, रागेश्वरी, कामेश्वरी आदि) से 66,000-67,000 बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का उत्पादन किया जा रहा है।
राजस्थान में हाइड्रोकार्बन उत्पादन कितने बेसिन से किया जाता है -
सही उत्तर: 4
व्याख्या (Explanation)
अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारत के कुल कच्चे तेल उत्पादन 29.36 MMTPA (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) में राजस्थान का योगदान 4.39 MMTPA (14.95%) है। राजस्थान में हाइड्रोकार्बन का उत्पादन 4 बेसिन से किया जाता है, जो कि राज्य के 1.5 लाख वर्ग किमी क्षेत्र (14 जिलों) में विस्तृत है: 1. जैसलमेर बेसिन (जैसलमेर जिला) 2. बाड़मेर-सांचोर बेसिन (बाड़मेर, जालौर) 3. बीकानेर-नागौर बेसिन (5 जिले : हनुमानगढ़, बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, नागौर) 4. विंध्यन बेसिन (6 जिले : कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़)
राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट की क्षमता कितनी है -
सही उत्तर: 9 MMTPA
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट: क्षमता:- 9 MMTPA यह पचपदरा (बालोतरा) में स्थित देश का पहला पेट्रोकेमिकल कॉन्प्लेक्स है जिसकी शुरुआत 16 जनवरी 2018 को की गई। हिस्सेदारी:- राज्य सरकार (26%) और HPCL (74%) यह रिफाइनरी बीएस-6 मानक के उत्पादों का उत्पादन करेगी।
राजस्थान एम-सैंड नीति 2024 के तहत सरकारी परियोजनाओं में एम-सैंड के उपयोग का लक्ष्य 2028-29 तक कितना है -
सही उत्तर: 50%
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान एम-सैंड नीति 2024 एक रणनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण कार्यों में नदी रेत (बजरी) के स्थान पर एक स्थायी विकल्प के रूप में निर्मित रेत (एम-सैंड) के उत्पादन और उपयोग को प्रोत्साहन देना है। सरकारी परियोजनाओं में एम-सैंड के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाना। (2028-29 तक 50% का लक्ष्य)
राजस्थान खनिज नीति 2024 के तहत 2047 तक खनिज निष्कर्षण को कितने प्रकार तक बढ़ाने का लक्ष्य है -
सही उत्तर: 70
व्याख्या (Explanation)
2047 तक खनिज निष्कर्षण को 58 से बढ़ाकर 70 तक करना।
डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाऊंडेशन ट्रस्ट (DMFT) की स्थापना कब की गई थी -
सही उत्तर: 2015
व्याख्या (Explanation)
डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाऊंडेशन ट्रस्ट (DMFT) भारत सरकार द्वारा 2015 में स्थापित किया गया। खनन कार्यों से प्रभावित जिलों के विकास हेतु। राज्य सरकार द्वारा 31 मई 2016 को डीएफएमटी नियम 2016 अधिनियमित किया गया।
राजस्थान राज्य खनिज लिमिटेड (RSML) की स्थापना कब हुई थी -
सही उत्तर: 30 अक्टूबर 1974
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान राज्य खनिज लिमिटेड (RSML) की स्थापना 30 अक्टूबर 1974 को हुई। राज्य सरकार का उपक्रम (PSU)
राजस्थान एकमात्र उत्पादक है किस खनिज का -
सही उत्तर: सीसा
व्याख्या (Explanation)
एकमात्र उत्पादक (Sole Producer) : सीसा, जस्ता, सेलेनाईट, वॉलेस्टोनाईट
राजस्थान में खनिजों की कितनी प्रकार की किस्में पाई जाती हैं -
सही उत्तर: 81
व्याख्या (Explanation)
राजस्थान को खनिजों का अजायबघर कहा जाता है। यहां 81 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, इनमें से 58 प्रकार के खनिजों का खनन किया जा रहा है।