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चौहान वंश PYQ in Hindi - पेज 14

इस पेज पर Rajasthan GK के चौहान वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 221 प्रश्नों में से यह पेज 14 है।

131

अलाउद्दीन खिलजी की निम्नांकित विजयों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिये - अ. रणथम्भौर ब. जालौर स. चित्तौड़ द. सिबाना

Aअ, स, द, ब
Bअ, ब, स, द
Cअ, ब, द, स
Dअ, स, ब, द

सही उत्तर: अ, स, द, ब

व्याख्या (Explanation)

रणथंभौर की लड़ाई (1301): हम्मीरदेव ने अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति उलुग खान और नुसरत खान को हराया था; बाद में, अलाउद्दीन ने हम्मीर देव को हराया था। चित्तौड़ की लड़ाई (1303): 1303 में, अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ की घेराबंदी की। निम्नलिखित लड़ाई में, चित्तौड़ के राणा रतन सिंह लड़ते हुए मारे गए और रानी पद्मिनी ने जौहर किया था। इस घटना को चित्तौड़ के प्रथम जौहर के रूप में याद किया जाता है। सिवाना की लड़ाई (1308): अलाउद्दीन खिलजी के एक जनरल मलिक कमालुद्दीन ने शीतल देव को हराया था। जालौर की लड़ाई (1310-11): अलाउद्दीन खिलजी ने लंबे और खूनी युद्ध के बाद कान्हड़ देव को हराया था।

132

अंग्रेजों ने मांगरोल के युद्ध (1821 ई.) में कोटा महाराजा के विरूद्ध किसकी सहायता की थी -

Aबलवंत सिंह
Bबन्ने सिंह
Cजालिम सिंह
Dशम्भू सिंह

सही उत्तर: जालिम सिंह

व्याख्या (Explanation)

मांगरोल विशेष रूप से कोटा के महाराव एवं सेनानायक फौजदार जालिम सिंह झाला के मध्य युद्ध के कारण प्रसिद्ध रहा है।

133

कौनसा कूट सुमेलित नहीं है - रियासत - शासक

Aझालावाड़ - सुमेर सिंह
Bसिरोही - अभय सिंह
Cकरौली - गणेश पाल
Dअलवर - तेज सिंह

सही उत्तर: झालावाड़ - सुमेर सिंह

व्याख्या (Explanation)

सुमेरसिंह जाेधपुर के शासक थे। रामसिंह के समय सन् 1838 ई. में महारावल झाला मदनसिंह जो कि कोटा का दीवान एवं फौजदार था तथा झाला जालिमसिंह का पौत्र था, को कोटा से अलग कर ‘झालावाड़’ का स्श्वतंत्र राज्य दे दिया गया। इस प्रकार 1838 ई. में झालावाड़ एक स्वतंत्र रियासत बनी। यह राजस्थान में अंग्रेजों द्वारा बनायी गई आखिरी रियासत थी। इसकी राजधानी झालरापाटन बनाई गई।

134

चौहान राजवंश का प्रारंभिक केन्द्र था -

Aसपादलक्ष
Bनागदा
Cनागौर
Dरणथम्भौर

सही उत्तर: सपादलक्ष

व्याख्या (Explanation)

बिजौलिया शिलालेख, हम्मीर महाकाव्य, सुर्जन चरित्र, प्रबंध कोष, अर्ली चौहान डायनेस्टी आदि साक्ष्यों के अनुसार सपादलक्ष के चहमानों का आदि पुरूष वासुदेव चहमान था। इसने 551 ई. के लगभग सपादलक्ष में ‘चहमान’ राज्य की स्थापना की तथा अहिच्छत्रपुर को राजधानी बनाया।

135

कान्हड़देव था -

Aनागौर का शासक
Bजालौर का शासक
Cएक कवि
Dचौहानों का एक सामन्त

सही उत्तर: जालौर का शासक

व्याख्या (Explanation)

सन् 1311 ई. में अलाउद्दीन ने जालौर दुर्ग पर आक्रमण किया और कई दिनों के घेरे के बाद अंतिम युद्ध में अलाउद्दीन की विजय हुई और सभी राजपूत शहीद हुए। वीर कान्हड़देव सोनगरा और उसके पुत्र वीरमदेव युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।

136

निम्न में से किस राजपूत शासक द्वारा ‘नेह तरंग’ रचित है -

📋 पूछा गया: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-B)
Aराव बुद्धसिंह
Bमहाराजा रायसिंह
Cमहाराजा जसवंतसिंह
Dराजा सावंतसिंह

सही उत्तर: राव बुद्धसिंह

व्याख्या (Explanation)

नेह तरंग के रचयिता राव बुद्ध सिंह हैं।

📋

स्रोत: Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-B)

137

किस शासक को ‘अन्तिम हिन्दू सम्राट’ कहा जाता है -

Aपृथ्वीराज तृतीय
Bबीसलदेव चौहान
Cवासुदेव चौहान
Dअजयराज

सही उत्तर: पृथ्वीराज तृतीय

व्याख्या (Explanation)

पृथ्वीराज तृतीय का ‘अंतिम हिन्दू सम्राट’ कहा जाता है।

138

पृथ्वीराज चौहान तृतीय का समकालीन चन्देल शासक था -

Aपरमार्दी देव
Bजयवर्मा
Cकीर्तिवर्मा
Dयशोवर्मा

सही उत्तर: परमार्दी देव

व्याख्या (Explanation)

महोबा (तुमुल) का युद्ध : 1182 ई. में पृथ्वीराज ने महोबा के चंदेल वंश के शासक परमाल(परमार्दी) देव पर आक्रमण किया। इस युद्ध (तुमुल का युद्ध) में परमार्दिदेव के दो सेनानायक आल्हा व उदल वीरगति को प्राप्त हुए।

139

सूफी संत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती किसके शासनकाल में राजस्थान आये थे -

Aमहाराणा प्रताप सिंह
Bराणा कुम्भा
Cसोमेश्वर चौहान
Dपृथ्वीराज चौहान

सही उत्तर: पृथ्वीराज चौहान

व्याख्या (Explanation)

मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का जन्म वर्ष 1141-42 ई. में ईरान के सिज़िस्तान (वर्तमान सिस्तान) में हुआ था। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने वर्ष 1192 ई. में अजमेर में रहने के साथ ही उस समय उपदेश देना शुरू किया, जब मुहम्मद गोरी (मुईज़ुद्दीन मुहम्मद बिन साम) ने तराइन के द्वितीय युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को हराकर दिल्ली में अपना शासन स्थापित कर लिया था।

140

हम्मीर रासो के अनुसार रणथम्भौर किले का प्रांरभिक नाम क्या था -

📋 पूछा गया: Librarian Grade III 2018
Aरणस्तम्भपुर
Bरणदेवपुर
Cरणथनपुर
Dरणथम्बपुरा

सही उत्तर: रणस्तम्भपुर

व्याख्या (Explanation)

हम्मीर रासो के अनुसार रणथम्भौर किले का प्रांरभिक नाम रणस्तंभपुर था।

📋

स्रोत: Librarian Grade III 2018

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