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चौहान वंश PYQ in Hindi - पेज 15

इस पेज पर Rajasthan GK के चौहान वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 221 प्रश्नों में से यह पेज 15 है।

141

अलाउद्दीन खिलजी ने किस दुर्ग को विजित कर उसका नाम खैराबाद रखा -

Aचित्तौड़गढ़
Bरणथम्भौर
Cसिवाणा
Dलोहागढ़

सही उत्तर: सिवाणा

व्याख्या (Explanation)

जालौर के मार्ग में सिवाना का दुर्ग पड़ता है, अतः पहले अलाउद्दीन खिलजी ने 1308 ई. में सिवाना दुर्ग पर आक्रमण कर उसे जीता और उसका नाम खैराबाद रख कमालुद्दीन गुर्ग को वहाँ का दुर्ग रक्षक नियुक्त कर दिया।

142

किस चौहान शासक ने अजमेर को सबसे पहले अपनी राजधानी बनाया -

Aअजयराज
Bपृथ्वीराज तृतीय
Cविग्रहराज चतुर्थ
Dआनाजी

सही उत्तर: अजयराज

व्याख्या (Explanation)

पृथ्वीराज प्रथम के पुत्र का नाम अजयराज था। अपने साम्राज्य को सुरक्षित रखने के लिए उसने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसने अजयमेरु में दुर्ग का निर्माण करवाया जिसे गढ़बीठली कहते हैं।, इस दुर्ग को पूर्व का जिब्राल्टर कहा जाता है।

143

तराईन का युद्ध (1191 ई.) किसने जीता -

📋 पूछा गया: Reet 2017 level-2 SST
Aअर्णोराज चौहान
Bमुहम्मद गोरी
Cपृथ्वीराज चौहान
Dगोविन्दराज चौहान

सही उत्तर: पृथ्वीराज चौहान

व्याख्या (Explanation)

तराइन का प्रथम युद्ध (1191 ई.) में दिल्ली के गवर्नर गोविन्दराज ने मुहम्मद गौरी को घायल कर दिया। घायल गौरी युद्ध भूमि से बाहर निकल गया एवं कुछ ही समय में गौरी की सेना भी मैदान छोड़कर भाग खड़ी हुई। पृथ्वीराज ने इस विजय के बाद भागती हुई मुस्लिम सेना का पीछा न कर मुहम्मद गौरी व उसकी सेना को जाने दिया। पृथ्वीराज ने ऐसा कर बड़ी भूल की जिसकी कीमत उसे अगले वर्ष ही तराइन के द्वितीय युद्ध में चुकानी पड़ी।

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स्रोत: Reet 2017 level-2 SST

144

जालौर शासक कान्हड़देव और सुल्तान अलाउद्दीन के बीच प्रथम संघर्ष कब हुआ -

A1298
B1299
C1296
D1300

सही उत्तर: 1298

व्याख्या (Explanation)

1298 में अलाउद्दीन की सेना गुजरात जा रही थी जाते समय कान्हडदेव ने रास्ता नहीं दिया व वापस आ रही सेना पर जैता व देवड़ा के नेतृत्व में कान्हड़देव ने आक्रमण कर दिया व शिवलिंग के टुकड़े छीन लिए। अलाउद्दीन के सेनापति नुसरत खां व उलुग खां यहाँ से भाग गये।

145

अजमेर के किस चौहान शासक ने शासक बनने के लिये अपने पिता की हत्या की -

Aअर्णोराज
Bविग्रहराज चतुर्थ
Cपृथ्वीराज प्रथम
Dजग्गदेव

सही उत्तर: जग्गदेव

व्याख्या (Explanation)

अर्णोराज के पुत्र जग्गदेव ने उसकी हत्या कर दी। इस कारण इसे चौहानों का पितृहन्ता भी कहा जाता है। जग्गदेव की हत्या उसके भाई विग्रहराज चतुर्थ के द्वारा कर दी गई।

146

अलाउद्दीन खिलजी ने सिवाना के किले को जीतकर उसका नाम क्या रखा -

Aसुल्तानपुर
Bखैराबाद
Cफिरोजाबाद
Dखिज्राबाद

सही उत्तर: खैराबाद

व्याख्या (Explanation)

जालौर के मार्ग में सिवाना का दुर्ग पड़ता है, अतः पहले अलाउद्दीन खिलजी ने 1308 ई. में सिवाना दुर्ग पर आक्रमण कर उसे जीता और उसका नाम खैराबाद रख कमालुद्दीन गुर्ग को वहाँ का दुर्ग रक्षक नियुक्त कर दिया।

147

अजमेर नगर का संस्थापक कौन था -

Aअर्णोराज
Bअजयराज
Cअजयपाल
Dसोमेश्वर

सही उत्तर: अजयराज

व्याख्या (Explanation)

पृथ्वीराज प्रथम के पुत्र का नाम अजयराज था। अपने साम्राज्य को सुरक्षित रखने के लिए उसने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसने अजयमेरु में दुर्ग का निर्माण करवाया जिसे गढ़बीठली कहते हैं।

148

निम्नांकित में से कौन-सा कथन शाकम्भरी के चौहानों के विषय में असत्य है -

📋 पूछा गया: Stenographer Comp. Exam - 2011 (Paper I)
Aआरम्भ में वे प्रतिहारों के सामन्त थे।
Bगुवुक उनका प्रथम स्वतंत्र शासक माना जाता है।
Cअजमेर नगर का संस्थापक अजयसिंह था।
Dपृथ्वीराज तृतीय इस वंश के महानतम शासकों में से एक था।

सही उत्तर: गुवुक उनका प्रथम स्वतंत्र शासक माना जाता है।

व्याख्या (Explanation)

प्रारंभ में चौहान प्रतिहारों के सामन्त थे। चौहान वंश के सिंहराज ने अनेक राजाओं को कारागार में बंद कर लिया तब प्रतिहार सम्राट स्वयं उन्हें छुड़वाने के लिए आया था। सिंहराज ने “परमभट्टारक- महाराजाधिराज-परमेश्वर” की उपाधि धारण की, ऐसी उपाधि स्वंतत्र राजा धारण करते थे।

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स्रोत: Stenographer Comp. Exam - 2011 (Paper I)

149

‘कवि बान्धव’ की उपाधि किस चौहान शासक को प्राप्त थी -

📋 पूछा गया: Reet 2015 level-2 SST
Aविग्रहराज चतुर्थ
Bपृथ्वीराज चौहान तृतीय
Cअर्णोराज
Dअजयराज

सही उत्तर: विग्रहराज चतुर्थ

व्याख्या (Explanation)

जग्गदेव के अल्पकालीन शासन (1155-1158 ई.) के पश्चात् विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) 1158 ई. के लगभग अजमेर का शासक बना। चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ का काल सपादलक्ष का स्वर्णयुग कहलाता है। उसे वीसलदेव और कवि बान्धव भी कहा जाता था। विद्वानों का आश्रयदाता होने के कारण जयानक भट्ट ने विग्रहराज को ‘कवि बान्धव’ (कवि बंधु) की उपाधि प्रदान की।

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स्रोत: Reet 2015 level-2 SST

150

रणथंभौर में चौहान वंश के______ संस्थापक थे -

Aहम्मीर
Bजैत्रा सिंह
Cऋत्वी राज - III
Dगोविंद राज

सही उत्तर: गोविंद राज

व्याख्या (Explanation)

तराइन के द्वितीय युद्ध में पृथ्वीराज की पराजय के बाद उसके पुत्र गोविंदराज ने कुछ समय बाद रणथम्भौर में चौहान वंश का शासन स्थापित किया।

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