अढ़ाई दिन के झोपड़े में ‘हरिकेलि’ नाटक के अतिरिक्त किस रचना को खुदवाया गया -
सही उत्तर: ललित विग्रहराज
व्याख्या (Explanation)
बीसलदेव चौहान (विग्रहराज चतुर्थ) ने अजमेर में एक संस्कृत पाठशाला का निर्माण करवाया। (अढ़ाई दिन के झोपड़ें की सीढ़ियों में मिले दो पाषाण अभिलेखों के अनुसार) जिसे कालांतर में मुहम्मद गौरी के सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक ने अढ़ाई दिन के झोंपड़े में परिवर्तित कर दिया। यहाँ ‘हरिकेलि’ नाटक के साथ-साथ ‘ललित विग्रहराज’ नाटक की रचना खुदवाई गई थी।
स्रोत: AGRICULTURE OFFICER (AGRI. DEPTT.) COMP. EXAM - 2024