किस राजस्थानी ग्रंथ में अलाउद्दीन खिलजी के जालौर पर आक्रमण का उल्लेख मिलता है -
सही उत्तर: कान्हड़दे - प्रबंध
व्याख्या (Explanation)
जालौर दुर्ग पर आक्रमण की जानकारी पद्मनाभ के ग्रन्थ कान्हड़दे प्रबन्ध तथा वीरमदेव सोनगरा की वात में मिलती है।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के चौहान वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 221 प्रश्नों में से यह पेज 9 है।
किस राजस्थानी ग्रंथ में अलाउद्दीन खिलजी के जालौर पर आक्रमण का उल्लेख मिलता है -
सही उत्तर: कान्हड़दे - प्रबंध
व्याख्या (Explanation)
जालौर दुर्ग पर आक्रमण की जानकारी पद्मनाभ के ग्रन्थ कान्हड़दे प्रबन्ध तथा वीरमदेव सोनगरा की वात में मिलती है।
अजमेर में हमें रानी सोमलेखा के सिक्के मिलते हैं, यह किसकी पत्नी थी -
सही उत्तर: अजयराज चौहान
व्याख्या (Explanation)
अजयराज ने ‘श्री अजयदेव’ नाम से चाँदी के सिक्क चलाये। कुछ मुद्राओं पर उसकी रानी सोमलेखा (सोमलवती) का नाम भी अंकित मिलता है।
पृथ्वीराज चौहान कितनी आयु में अजमेर के शासक बने -
सही उत्तर: 11 वर्ष
व्याख्या (Explanation)
मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में पृथ्वीराज तृतीय अजमेर की गद्दी के स्वामी बने। उस समय कदम्बदास (कैमास) उनका सुयोग्य प्रधानमंत्री था।
संयोगिता कहां की राजकुमारी थी -
सही उत्तर: कन्नौज के जयचन्द की पुत्री
व्याख्या (Explanation)
पृथ्वीराजरासो के अनुसार संयोगिता जयचन्द्र गहड़वाल की पुत्री थी।
किस युद्ध के बाद भारत में मुस्लिम शासन की स्थापना हुई -
सही उत्तर: तराइन का द्वितीय युद्ध
व्याख्या (Explanation)
तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई. में मुहम्मद गौरी व पृथ्वीराज चौहान के बीच हुआ जिसमें मुहम्मद गौरी की विजय हुई। इससे भारत में स्थायी मुस्लिम साम्राज्य का प्रारंभ हुआ। मुहम्मद गौरी भारत में मुस्लिम साम्राज्य का संस्थापक बना।
अहिच्छत्रपुर निम्न में से किसकी राजधानी थी -
सही उत्तर: चौहानों की
व्याख्या (Explanation)
प्रारम्भिक चौहान राजाओं की राजधानी अहिच्छत्रपुर (हर्षनाथ की प्रशस्ति) थी जिसे वर्तमान में नागौर के नाम से जानते हैं।
तराइन का द्वितीय युद्ध मुहम्मद गौरी व पृथ्वीराज चौहान के बीच कब हुआ -
सही उत्तर: 1192 ई. में
व्याख्या (Explanation)
तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई. में मुहम्मद गौरी व पृथ्वीराज चौहान के बीच हुआ जिसमें मुहम्मद गौरी की विजय हुई।
राजस्थान का प्रथम चौहान राज्य था -
सही उत्तर: नाडौल
व्याख्या (Explanation)
नाडौल के चौहानों की शाखा का संस्थापक शाकम्भरी नरेश वाक्पति राज का पुत्र लक्ष्मण चौहान था, जिसने 960 ई. में लगभग चावडा राजपूतों से स्वतंत्र होकर चौहान वंश की स्थापना की। शाकम्भरी के चौहानों के बाद यह प्रथम चौहान राज्य था।
‘कटिबन्धु’ के नाम से निम्न से कौनसा राजा प्रसिद्ध था-
सही उत्तर: विग्रहराजा चतुर्थ
व्याख्या (Explanation)
जग्गदेव के अल्पकालीन शासन (1155-1158 ई.) के पश्चात् विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) 1158 ई. के लगभग अजमेर का शासक बना। चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ का काल सपादलक्ष का स्वर्णयुग कहलाता है। उसे वीसलदेव और कवि बान्धव भी कहा जाता था।
सोमदेव नामक कवि किस राजा के दरबारी कवि थे -
सही उत्तर: विग्रहराज चतुर्थ
व्याख्या (Explanation)
विग्रहराज चतुर्थ साहित्य प्रेमी व साहित्यकारों का आश्रयदाता भी था। इन्होंने ‘हरकेलि’ नाटक और उसके दरबारी विद्वान सोमदेव ने ‘ललित विग्रहराज’ नामक नाटक की रचना करके साहित्य स्तर को ऊँचा उठाया।
स्रोत: Raj Police Constable(6742)