किस चौहान शासक ने अजमेर को सबसे पहले अपनी राजधानी बनाया -
सही उत्तर: अजयराज
व्याख्या (Explanation)
अजयराज ने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसने अजयमेरु में दुर्ग का निर्माण करवाया जिसे गढ़बीठली कहते हैं।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के चौहान वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 221 प्रश्नों में से यह पेज 7 है।
किस चौहान शासक ने अजमेर को सबसे पहले अपनी राजधानी बनाया -
सही उत्तर: अजयराज
व्याख्या (Explanation)
अजयराज ने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसने अजयमेरु में दुर्ग का निर्माण करवाया जिसे गढ़बीठली कहते हैं।
1191-92 में के तराइन के युद्ध में किस चौहान शासक को आक्रमणी शहाबुद्दीन गौरी से लड़ना पड़ा -
सही उत्तर: पृथ्वीराज तृतीय
व्याख्या (Explanation)
तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई. में मुहम्मद गौरी व पृथ्वीराज चौहान के बीच हुआ जिसमें मुहम्मद गौरी की विजय हुई। इससे भारत में स्थायी मुस्लिम साम्राज्य का प्रारंभ हुआ। मुहम्मद गौरी भारत में मुस्लिम साम्राज्य का संस्थापक बना।
चौहानों की रणथम्भौर शाखा का प्रवर्तक था -
सही उत्तर: गोविन्दराज
व्याख्या (Explanation)
तराइन के द्वितीय युद्ध में पृथ्वीराज की पराजय के बाद उसके पुत्र गोविंदराज ने कुछ समय बाद रणथम्भौर में चौहान वंश का शासन स्थापित किया।
जालौर को जीत करके अलाउद्दीन ने जालौर का नाम रखा -
सही उत्तर: जलालाबाद
व्याख्या (Explanation)
सन् 1311 ई. में अलाउद्दीन ने जालौर दुर्ग पर आक्रमण किया और कई दिनों के घेरे के बाद अंतिम युद्ध में अलाउद्दीन की विजय हुई और सभी राजपूत शहीद हुए। वीर कान्हड़देव सोनगरा और उसके पुत्र वीरमदेव युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। जालौर को जीत कर उसका नाम जलालाबाद रखा।
गौरी के आक्रमण के समय चालुक्यों की सहायता देने के विरूद्ध पृथ्वीराज तृतीय को परामर्श देने वाला मंत्री -
सही उत्तर: कदम्बवास
व्याख्या (Explanation)
गजनी में अपनी स्थिति को मजबूत करने के बाद मुहम्मद गौरी ने 1178 ईस्वी में गुजरात पर आक्रमण किया। चालुक्य नरेश भीम ने उसे काशह्रद के युद्ध में बुरी तरह पराजित कर दिया। इस समय पृथ्वीराज तटस्थ रहा तथा उसने चालुक्य नरेश की कोई सहायता नहीं की। इसके पूर्व गौरी ने नाडोल के चौहान राज्य पर भी आक्रमण कर लूट-पाट की थी। किन्तु पृथ्वीराज ने उन्हें भी कोई सहायता नहीं दी।
अंग्रेजों ने मांगलोर के युद्ध(1821) में कोटा महाराजा के विरूद्ध किसकी सहायता की थी -
सही उत्तर: जालिम सिंह
व्याख्या (Explanation)
मांगरोल विशेष रूप से कोटा के महाराव एवं सेनानायक फौजदार जालिम सिंह झाला के मध्य युद्ध के कारण प्रसिद्ध रहा है। जालिम सिंह ने महाराव के साथ जब विद्रोह किया तब अंग्रेज सरकार से सहयोग लेकर मांगरोल नगर में राजा किशोर सिंह से मुकाबला किया जिसमें महाराव की हार तथा झाला की जीत हुई । यह घटना 1 अक्टुिबर सन 1821 की हैं ।
‘गुवक’ किस वंश का शासक था -
सही उत्तर: चाहमान
व्याख्या (Explanation)
चाहमान वंश के गुवक प्रथम, ने हर्षनाथ मन्दिर (भगवान शंकर) का निर्माण कराया।
‘ललित-विग्रहराज’ का रचयिता सोमदेव किस चौहान शासक के दरबार में था -
सही उत्तर: विग्रह राज चतुर्थ
व्याख्या (Explanation)
विग्रहराज चतुर्थ के दरबारी विद्वान सोमदेव ने ‘ललित विग्रहराज’ नामक नाटक की रचना करके साहित्य स्तर को ऊँचा उठाया।
1300 में रणथम्भौर आक्रमण के दौरान अलाउद्दीन खिलजी का कौनसा सेनानायक मारा गया था -
सही उत्तर: नुसरत खां
व्याख्या (Explanation)
अलाउद्दीन ने 1301 में रणथंभौर पर हमला करने के लिए उलूघ खाँ और नुसरत खाँ को कमान सौंपी। घेराबंदी के दौरान नुसरत खाँ के मारे जाने के बाद अलाउद्दीन ने व्यक्तिगत रूप से घेराबंदी अभियानों की देखरेख की।
पृथ्वीराज चौहान ने पराजित किया था -
सही उत्तर: उपर्युक्त सभी को
व्याख्या (Explanation)
1182 ई. में पृथ्वीराज ने भरतपुर-मथुरा क्षेत्र में भण्डानकों के विद्रोहों का अंत किया। 1182 ई. में पृथ्वीराज ने महोबा के चंदेल वंश के शासक परमाल(परमार्दी) देव पर आक्रमण किया। इस युद्ध (तुमुल का युद्ध) में परमार्दिदेव के दो सेनानायक आल्हा व उदल वीरगति को प्राप्त हुए। गुजरात के चालुक्यों और अजमेर के चौहानों के बीच दीर्घकाल से संघर्ष चला आ रहा था अन्त में 1187 ई. के आस-पास चालुक्यों के महामंत्री जगदेव प्रतिहार के प्रयासों से दोनों में एक अस्थायी संधि हो गयी।