निम्न में से कौन-सा शासक जालौर के चौहान वंश से संबंधित नहीं था -
सही उत्तर: वत्सराज
व्याख्या (Explanation)
वत्सराज का संबंध गुर्जर प्रतिहार वंश से था।
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के चौहान वंश से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 221 प्रश्नों में से यह पेज 8 है।
निम्न में से कौन-सा शासक जालौर के चौहान वंश से संबंधित नहीं था -
सही उत्तर: वत्सराज
व्याख्या (Explanation)
वत्सराज का संबंध गुर्जर प्रतिहार वंश से था।
दलपंगुल(विश्व विजेता) की उपाधि किसने धारण की -
सही उत्तर: पृथ्वीराज तृतीय
व्याख्या (Explanation)
बहुत कम समय में ही पृथ्वीराज- तृतीय ने अपनी योग्यता एवं वीरता से समस्त शासन प्रबन्ध अपने हाथ में ले लिया। उसके बाद उसने अपने चारों ओर के शत्रुओं का एक-एक कर शनै-शनै खात्मा किया एवं दलपंगुल (विश्व विजेता) की उपाधि धारण की।
किसने लिख था कि ‘अर्णोराज ने अजमेर को तुर्को के रक्त से शुद्ध करने के लिए अजमेर में आनासागर झील का निर्माण करवाया था’ -
सही उत्तर: जयानक
व्याख्या (Explanation)
जयानक ने अपने ग्रन्थ पृथ्वीराज विजय में लिखा है कि “अजमेर को तुर्कों के रक्त से शुद्ध करने के लिए आनासागर झील का निर्माण कराया था” क्योंकि इस विजय में तुर्का का अपार खून बहा था।
बीसलदेव रासो नामक ग्रन्थ लिखा -
सही उत्तर: नरपति नाल्ह
व्याख्या (Explanation)
नरपति नाल्ह ने “गौडवाड़ी” में “बीसलदेव रासो” की रचना की थी। बीसलदेव रासौ में “बीसलदेव तथा राजमती” के प्रेम प्रसंगों का वर्णन हैं।
पाहोबा के शासक परमार्दिदेव के सेनानायक आल्हा-ऊदल को किसने पराजित किया -
सही उत्तर: पृथ्वीराज चौहान
व्याख्या (Explanation)
महोबा (तुमुल) का युद्ध : 1182 ई. में पृथ्वीराज ने महोबा के चंदेल वंश के शासक परमाल(परमार्दी) देव पर आक्रमण किया। इस युद्ध (तुमुल का युद्ध) में परमार्दिदेव के दो सेनानायक आल्हा व उदल वीरगति को प्राप्त हुए।
किस शासक को आनाजी के नाम से जाना जाता है -
सही उत्तर: अर्णोराज
व्याख्या (Explanation)
अजयराज के बाद अर्णोराज ने 1133 ई. के लगभग अजमेर का शासन संभाला। इसने महाराजाधिराज, परमेश्वर, परमभट्टारक की उपाधि धारण की।
किस वर्ष अजयराज ने अजयमेरू का निर्माण कराया -
सही उत्तर: 1113 ई.
व्याख्या (Explanation)
पृथ्वीराज प्रथम के पुत्र का नाम अजयराज था। अपने साम्राज्य को सुरक्षित रखने के लिए उसने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसने अजयमेरु में दुर्ग का निर्माण करवाया जिसे गढ़बीठली कहते हैं।
जालौर के कान्हड़देव के किस पुत्र का प्रेम प्रसंग अलाउद्दीन की पुत्री फिरोजा के साथ था, जो जालोर युद्ध का कारण बना -
सही उत्तर: वीरमदेव
व्याख्या (Explanation)
अलाउद्दीन खिलजी की बेटी शहजादी फीरोज को वीरम से प्यार हो गया।
हम्मीर के कोटिजन(अश्वमेघ जैसा) का राजपुरोहित था -
सही उत्तर: विश्वरूप
व्याख्या (Explanation)
हम्मीर ने 17 युद्ध लड़े जिसमें 16 में वह विजय रहा। 16 युद्धों में विजय के उपलक्ष में उसने कोटियजन यज्ञ का आयोजन पं. विश्वरूप भटट के निर्देशन में कराया।
जालौर की चौहान शाखा का संस्थापक था -
सही उत्तर: कीर्तिपाल
व्याख्या (Explanation)
जालौर की चौहान शाखा की स्थापना नाडोल शाखा के कीर्तिपाल चौहान द्वारा परमारों को परास्त करके की गई थी।