निम्न में से कौन-सा क्षेत्र ढूंढाड़ी बोली के लिये जाना जाता है -
सही उत्तर: जयपुर-टोंक
RPSC & RSMSSB PYQ Practice
इस पेज पर Rajasthan GK के राजस्थानी भाषा एवं बोलियां से संबंधित पिछले वर्षों में पूछे गए महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) उत्तर और व्याख्या सहित दिए गए हैं। कुल 219 प्रश्नों में से यह पेज 18 है।
निम्न में से कौन-सा क्षेत्र ढूंढाड़ी बोली के लिये जाना जाता है -
सही उत्तर: जयपुर-टोंक
पश्चिम राजस्थान की प्रधान बोली है -
सही उत्तर: मारवाड़ी
व्याख्या (Explanation)
पश्चिमी राजस्थान की प्रधान बोली मारवाड़ी है। यह राजस्थानी भाषा का मानक रूप है और इसे राजस्थान का मरुभाषा कहा जाता है।
‘आईने अकबरी’ का ढूंढाड़ी भाषा में अनुवाद किसने किया -
सही उत्तर: गुमानीराम कायस्थ
व्याख्या (Explanation)
राजस्थानी शोध संस्थान चौपासनी में अबुल फ़ज़ल कृत आईन-ए-अकबरी के राजस्थानी अनुवाद की हुई पाण्डुलिपि सुरक्षित है जो 1795 ई. की है। दुर्लभ पाण्डुलिपि का अध्ययन करने पर ज्ञात होता है कि जयपुर नरेश सवाई प्रतापसिंह के आदेश से गुमानीराम कायस्त ने ग्रन्थ का अनुवाद राजस्थानी में किया था। फ ारसी भाषा से राजस्थानी भाषा में अनुवादित आईन-ए-अकबरी में कायस्त गुमानीराम ने सम्राट अकबर की शासन व्यवस्था के विभिन्न विभागों के साथ ही अनेक सूचनाएं समाविष्ट की हैं।
कवि जोधराज की रचना ‘हम्मीर रासो’ किस बोली में है -
सही उत्तर: अहीरवाटी
व्याख्या (Explanation)
आभीर जाति के क्षेत्र की बोली होने के कारण इसे हीरवाटी या हीरवाल भी कहा जाता है। इस बोली के क्षेत्र को राठ कहा जाता है इसलिए इसे राठी भी कहते है। यह मुख्यतः अलवर की बहरोड़ व मुंडावर तहसील, जयपुर की कोटपूतली तहसील के उत्तरी भाग हरियाणा के गुड़गांव, महेन्द्रगढ़, नारनौल, रोहतक जिलों एवं दिल्ली के दक्षिणी भाग में बोली जाती है। यह बांगरू(हरियाणवी) एवं मेवाती के बीच की बोली है। जोधराज का हम्मीर रासौ महाकाव्य, शंकर राव का भीम विलास काव्य, अलीबख्शी ख्याल लोकनाट्य आदि की रचना इसी बोली में की गई है।
राजस्थान की वह बोली कौनसी है, जिसे ग्रियर्सन ने ‘भीली बोली’ कहा एवं इसमें ‘च’ और ‘छ’ का उच्चारण ‘स’ किया जाता है एवं ‘था’ के स्थान पर ‘हतो’ का प्रयोग किया जाता है -
सही उत्तर: वागड़ी
व्याख्या (Explanation)
डूंगरपुर बांसवाड़ा के क्षेत्रों का प्राचीन नाम बागड़ था । अतः वहां की भाषा बागड़ी का कहलायी, जिस पर गुजराती का प्रभाव अधिक है डॉक्टर ग्रियर्सन इसे “भीली” भी कहते हैं । यह भाषा मेवाड़ के दक्षिणी भाग, दक्षिणी अरावली प्रदेश तथा मालवा की पहाड़ियों तक के क्षेत्र में बोली जाती है । भीली बोली इसकी सहायक बोली है ।
वागड़ी बोली राजस्थान के ........ भाग में बोली जाती है -
सही उत्तर: दक्षिण-पश्चिमी
स्रोत: Junior Instructor(welder)
अहीरवाटी और मेवाती बोलियां निम्न में से किस वर्गीकरण में आती है -
सही उत्तर: उत्तरी-पूर्वी राजस्थानी
स्रोत: Junior Instructor(copa)
अलवर जिले के बहरोड़ और मुण्डावर में कौनसी बोली बोली जाती है -
सही उत्तर: अहीरवाटी
स्रोत: JSA Toxicology-2019(Rajasthan Gk)
किस भाषा से राजस्थानी का उद्भव हुआ है -
सही उत्तर: शौरसेनी अपभ्रंश
स्रोत: College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)
बागड़ क्षेत्र की बोली के लिये ग्रियर्सन ने क्या शब्द प्रयुक्त किया -
सही उत्तर: भीली
स्रोत: College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)